मुंगेली जिला अस्पताल ने रचा कीर्तिमान: सुरक्षित प्रसव और बेहतर सुविधाओं से मिली नई पहचान
इमरान खोखर बिहान बियरो चीफ
मुंगेली जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और सेवाओं में सुधार का सकारात्मक असर दिखने लगा है। अब जिले की गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित प्रसव के लिए बड़े शहरों या निजी अस्पतालों की ओर रुख नहीं करना पड़ रहा है। कलेक्टर कुन्दन कुमार के मार्गदर्शन में अस्पताल प्रबंधन ने स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण और शासन की जनहितकारी नीतियों को धरातल पर उतारने में बड़ी सफलता हासिल की है। विशेष रूप से जिला चिकित्सालय स्थित 100 बिस्तर वाले मातृ एवं शिशु अस्पताल ने बीते एक वर्ष में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा का उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया है
एक वर्ष में 3,600 से अधिक सफल प्रसव
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शीला साहा ने जानकारी दी कि अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच अस्पताल में कुल 3,602 प्रसव सफलतापूर्वक कराए गए। यह आंकड़ा जिले की स्वास्थ्य प्रणाली पर जनता के बढ़ते भरोसे और चिकित्सा टीम की कार्यकुशलता को प्रमाणित करता है।
उपलब्धियों का संक्षिप्त विवरण:
सामान्य प्रसव: 2,405 महिलाओं का सुरक्षित सामान्य प्रसव हुआ।
सर्जिकल प्रसव (सी-सेक्शन): 1,190 जटिल मामलों में ऑपरेशन के जरिए प्रसव कराया गया।
उच्च जोखिम प्रबंधन: विशेष रूप से 2,114 हाई-रिस्क प्रेगनेंसी मामलों का सफल प्रबंधन कर जच्चा-बच्चा की जान बचाई गई।
परिवार नियोजन: 1,028 महिलाओं को पीपीआईयूसीडी (PPIUCD) की सुविधा दी गई और 1,190 महिलाओं की नसबंदी कर परिवार कल्याण कार्यक्रम को बढ़ावा दिया गया।
टीम वर्क से मिली सफलता
डीपीएम गिरीश कुर्रे के अनुसार, इस सफलता के पीछे स्त्रीरोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा स्मृति लाल, निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ. राजेश कुमार बेलदार समेत लेबर रूम, ऑपरेशन थिएटर और पीएनसी स्टाफ का समन्वित प्रयास रहा है। चिकित्सा अधिकारियों और नर्सिंग स्टाफ की मुस्तैदी ने गंभीर से गंभीर मामलों को भी सफलतापूर्वक संभाला है।
सिविल सर्जन डॉ. एम.के. राय ने पूरी टीम के समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि बेहतर प्रबंधन और टीम वर्क की वजह से ही हम यह मुकाम हासिल कर पाए हैं। उन्होंने संकल्प दोहराया कि आने वाले वित्तीय वर्ष में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक आधुनिक और सुलभ बनाया जाएगा।