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इंदौर में स्वाइन फ्लू से महिला की मौत

उज्जैन

मध्य प्रदेश के इंदौर में बुधवार शाम स्वाइन फ्लू से एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। महिला का कोकिलाबेन अस्पताल में इलाज चल रहा था। जांच रिपोर्ट में स्वाइन फ्लू संक्रमण की पुष्टि हुई है। महिला को कोई दूसरी बीमारी नहीं थी।

अस्पताल के मुताबिक, मृतक की पहचान सरोज नागर (60) के रूप में हुई है। वे उज्जैन के ऋषि नगर की रहने वाली थीं। तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें इंदौर के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कई दिनों तक इलाज चलने के बाद उनकी मौत हो गई।

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, जांच रिपोर्ट में संक्रमण की पुष्टि हुई है। इसे मध्य प्रदेश में स्वाइन फ्लू से इस सीजन की पहली मौत बताया जा रहा है। मामले के बाद स्वास्थ्य विभाग संक्रमण को लेकर निगरानी और जरूरी जानकारी जुटा रहा है।

परिजन ने बताया- स्वास्थ्य विभाग ने परिवार की स्क्रीनिंग नहीं कराई। सिर्फ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भेजकर परिवार के सदस्यों की सूची तैयार कराई गई। परिवार के किसी सदस्य की जांच भी नहीं हुई और महिला के संपर्क में आए लोगों की पहचान नहीं की गई।

फिलहाल स्वास्थ्य विभाग ने कोई एडवाइजरी जारी नहीं की है। सीएमएचओ से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। हालांकि, खबर प्रकाशित होने के बाद देर रात तक एडवाइजरी जारी होने की संभावना है।

स्वाइन फ्लू एक प्रकार के इंफ्लुएंजा वायरस के कारण होता है। यह वायरस सूअरों के शरीर में होता है। इंसानों में यह बीमारी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में आसानी से और तेजी से फैलती है।

साल 2009 के करीब स्वाइन फ्लू का डर इस कदर बढ़ गया था कि लोग सूअरों को मारकर जमीन में दफना रहे थे, जबकि क्लीवलैंड क्लिनिक के मुताबिक, सूअर का मांस खाने से इंसानों में स्वाइन फ्लू फैलने के चांस न के बराबर होते हैं, क्योंकि खाने से पहले इसे अच्छे से पकाया जाता है।

गर्मी से सभी बैक्टीरिया और वायरस खत्म हो जाते हैं। स्वाइन फ्लू से डर की सबसे बड़ी वजह यह है कि यह बेहद संक्रामक बीमारी है। यह लार और बलगम के छोटे कणों के जरिए फैलती है।

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