कर्नाटक में पूरा वंदेमातरम नहीं गाया जाएगा
बेंगलुरु
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बुधवार को कहा, 'कर्नाटक के सरकारी कार्यक्रमों में अब वंदे मातरम के सिर्फ शुरुआती दो पैरा ही गाए जाएंगे।' उन्होंने इंडिया टुडे के कार्यक्रम में बताया कि 15 अगस्त के कार्यक्रम में उनकी जानकारी के बिना पूरा वंदे मातरम गाया गया था। यह भी कहा कि वे अपनी पार्टी की विचारधारा में विश्वास रखते हैं। पार्टी के फैसले पर कायम रहेंगे।
दरअसल, कांग्रेस वर्किंग कमेटी यानी CWC ने 19 अगस्त को ऐलान किया था कि पार्टी अपने सभी कार्यक्रमों में वंदे मातरम के 6 में से सिर्फ शुरुआती दो पैरा ही गाएगी।
यह फैसला 15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम गान को लेकर हुए विवाद के बाद आया। भाजपा ने कांग्रेस पर वंदे मातरम के अपमान का आरोप लगाया था।
भाजपा के आरोपों पर कांग्रेस ने सफाई दी थी। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि कांग्रेस मुख्यालय में पूरा वंदे मातरम गाया गया था और इसे रोकने की कोई कोशिश नहीं हुई।
उनके मुताबिक, सोनिया गांधी का इशारा गीत रोकने के लिए नहीं था। वह कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए कुर्सी मांग रही थीं क्योंकि वे लंबे समय से खड़े थे।
नोटिफिकेशन के मुताबिक वंदे मातरम के पूरे 6 छंद ही इसका आधिकारिक संस्करण हैं। जब राष्ट्रगीत गाया जाता है, तो इसी पूरे संस्करण को गाने का निर्देश है। हालांकि, दोनों नोटिफिकेशन में 6 छंद न गाने पर कार्रवाई करने की बात नहीं है। 2026 के कानून में भी यह साफ नहीं कहा गया है कि 6 छंद पूरे न गाने पर अपराध होगा। कानून में अपराध तब है, जब कोई व्यक्ति जानबूझकर राष्ट्रगीत का गायन रोकता है या गा रही सभा में रुकावट डालता है।