नेपाल में छत्तीसगढ़ के पत्रकार शिवशंकर सोनपिपरे को इंटरनेशनल जर्नलिज्म एक्सिलेंस अवॉर्ड
विराटनगर (नेपाल)। इंडो नेपाल टूरिज्म वेलफेयर सोसाइटी के तत्वावधान में नेपाल के विराटनगर में आयोजित भव्य अंतरराष्ट्रीय समारोह में छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ पत्रकार एवं इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स (IFWJ) के राष्ट्रीय सचिव शिवशंकर सोनपिपरे को इंटरनेशनल जर्नलिज्म एक्सिलेंस अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में भारत और नेपाल सहित विभिन्न देशों से आए हजारों पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
कार्यक्रम का आयोजन इंडो नेपाल टूरिज्म वेलफेयर सोसाइटी द्वारा किया गया, जिसका उद्देश्य भारत और नेपाल के बीच पर्यटन को बढ़ावा देना और दोनों देशों के सामाजिक-सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करना है। कार्यक्रम के आयोजन में संस्था के फाउंडर डॉ. जतिंदरपाल सिंह और पंकज रंजीत की अहम भूमिका रही। वहीं अमृता सिंह को संस्था का ब्रांड एंबेसडर घोषित किया गया।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उद्योग, कृषि एवं सहकारी मंत्री इसराइल मंसूरी मौजूद रहे। साथ ही बिहार के अररिया सांसद प्रवीण सिंह, नेपाल कोसी पर्यटन मंत्रालय के सचिव इंद्र सपकोटा, पूर्व कानून मंत्री लीला बल्लभ अधिकारी, पर्यटन बोर्ड से भावेश श्रेष्ठ, बिहार के फारबिसगंज विधायक देवयंती देवी तथा समाजसेवी एवं निस्सहाय बाल-बालिका आश्रम संचालिका गीता गौतम सहित कई विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में देश-विदेश के पत्रकारों और सामाजिक संगठनों की उल्लेखनीय उपस्थिति ने इसे ऐतिहासिक बना दिया। आयोजन के दौरान भारत-नेपाल के सांस्कृतिक और पर्यटन संबंधों को मजबूत करने पर विशेष चर्चा भी हुई।
पत्रकारिता के जुनून को मिला अंतरराष्ट्रीय सम्मान
शिवशंकर सोनपिपरे पिछले करीब 15–20 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे सर्वोच्च छत्तीसगढ़ अखबार, डिजिटल मीडिया और यूट्यूब चैनल के प्रधान संपादक हैं। इसके अलावा वे 4 रियल न्यूज़ चैनल, ओके इंडिया और टीवी 24 जैसे मीडिया संस्थानों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। निष्पक्ष पत्रकारिता और जनहित के मुद्दों को उठाने के लिए उन्हें यह अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया गया।
भारत-नेपाल संबंधों पर दिया संदेश
सम्मान प्राप्त करने के बाद मंच से संबोधित करते हुए शिवशंकर सोनपिपरे ने छत्तीसगढ़ और नेपाल के बीच सांस्कृतिक समानताओं और पारंपरिक रिश्तों पर प्रकाश डाला। उनके विचारों को उपस्थित जनसमूह ने तालियों की गूंज के साथ सराहा, जिससे पूरा माहौल उत्साह और गर्व से भर गया।
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य इंडो-नेपाल पर्यटन को बढ़ावा देना और दोनों देशों के बीच सामाजिक, सांस्कृतिक और मैत्रीपूर्ण संबंधों को और मजबूत करना रहा।