PRSI के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ अजीत पाठक “दिल्ली गौरव” सम्मान से अलंकृत
नई दिल्ली
भारत में जनसंपर्क को संस्थागत स्वरूप देने वाले दूरदर्शी नायक डॉ. अजीत पाठक को “संस्कृति युवा संस्था” द्वारा “दिल्ली गौरव सम्मान” प्रधानमंत्री संग्रहालय एवं पुस्तकालय, नई दिल्ली में भारत सरकार के विधि एवं न्याय मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल द्वारा प्रदान किया गया। सम्मान समारोह में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ तथा राजस्थान के पूर्व राज्यपाल श्री कलराज मिश्र की गरिमामयी उपस्थिति रही।
यह जानकारी देते हुए पब्लिक रिलेशन्स सोसायटी आफ इंडिया रायपुर चैप्टर के चेयरमैन डॉ शाहिद अली ने बताया कि डॉ. अजीत पाठक, राष्ट्रीय अध्यक्ष, पब्लिक रिलेशंस सोसाइटी ऑफ इंडिया (PRSI), भारत में जनसंपर्क को एक रणनीतिक प्रबंधन विधा के रूप में स्थापित करने वाले मार्गदर्शक हैं। भारत में जनसंपर्क विषय में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त करने वाले प्रथम विद्वान होने का गौरव डॉ. पाठक को प्राप्त है। वर्ष 2006 से PRSI की राष्ट्रीय परिषद का नेतृत्व कर रहे डॉ. पाठक को जून 2025 में नई दिल्ली में हुए अधिवेशन में लगातार २१वे वर्ष सर्वसम्मति से राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया जो पूरे देश के जनसंपर्क बिरादरी का उनके प्रति अटूट विश्वास और स्नेह का प्रतीक है। देश की अग्रणी ऊर्जा कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन में महाप्रबंधक - कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन, प्रशासन एवं कल्याण के रूप में अपने चार दशक से अधिक के शानदार कॉर्पोरेट कार्यकाल में उन्होंने कॉर्पोरेट संवाद और ब्रांड निर्माण के नए मानदंड स्थापित किए।
वैश्विक स्तर पर उन्होंने ग्लोबल अलायंस फॉर पब्लिक रिलेशंस एंड कम्युनिकेशन मैनेजमेंट के सचिव और इंटरनेशनल पब्लिक रिलेशंस एसोसिएशन (IPRA) के बोर्ड सदस्य के रूप में भारतीय जनसंपर्क को विश्व मंच पर प्रतिष्ठित किया।
उनके नेतृत्व में PRSI ने राष्ट्रीय सरोकारों से जुड़े अनेक ऐतिहासिक अभियान चलाए हैं - विजयी भारत अभियान के तहत कोरोना जागरूकता, नई शिक्षा नीति का प्रचार-प्रसार, जनसंपर्क में शोध को बढ़ावा देने की योजना, G-20 जागरूकता और प्रथम भारत-रूस जनसंपर्क एवं मीडिया सम्मेलन।
उनका मानवीय, समावेशी और अकादमिक दृष्टिकोण जनसंपर्क एवं मीडिया पेशेवरों की नई पीढ़ी के लिए निरंतर प्रेरणा स्रोत है। यह सम्मान नैतिक और प्रभावी संचार के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में उनके आजीवन, निस्वार्थ योगदान की विनम्र स्वीकृति है।
समारोह में मुख्य अतिथि श्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि दिल्ली की विभूतियों को सम्मानित करना अपने आप में एक अनुकरणीय कार्य है। हमारी भारतीय संस्कृति को आगे बढ़ाने का दायित्व युवाओं पर है और आज जिन प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया है, वे अपने-अपने क्षेत्रों में दिल्ली का नाम रोशन कर रही हैं।
डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने कहा कि व्यक्तित्व का सम्मान समाज का दायित्व है। इस प्रकार के आयोजनों से ऐसी प्रतिभाओं को प्रेरणा मिलती है, जो समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर रही हैं। इससे अन्य लोग भी प्रोत्साहित होते हैं और युवा पीढ़ी को उनके पदचिह्नों पर चलने का मार्गदर्शन मिलता है।
पूर्व राज्यपाल श्री कलराज मिश्र ने संस्कृति युवा संस्था द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि संस्था देश के युवाओं को भारतीय संस्कृति की ओर पुनः आकर्षित करने के लिए जो प्रयास कर रही है, वे प्रशंसनीय हैं। युवाओं को भारतीय संस्कृति का बोध कराना और उन्हें इसके संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रेरित करना समय की आवश्यकता है।
संस्कृति युवा संस्था के अध्यक्ष पं. सुरेश मिश्रा ने संस्था की गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि संस्था द्वारा देश की बड़ी मैराथनों में शामिल जयपुर मैराथन का आयोजन पिछले 16 वर्षों से निरंतर किया जा रहा है, जिसमें देश-विदेश से बड़ी संख्या में धावक भाग लेते हैं। इसके अतिरिक्त संस्था देश-विदेश की प्रतिभाओं को सम्मानित करने के लिए भारतीय संसद से लेकर ऑस्ट्रेलिया की संसद तक “भारत गौरव सम्मान” का आयोजन करती आ रही है। संस्था द्वारा नवसंवत्सर स्वागत, वर्ल्ड हेल्थ फेस्टिवल तथा “दारू नहीं दूध से करें” जैसे सामाजिक अभियान भी लंबे समय से चलाए जा रहे हैं।
डॉ शाहिद अली
चेयरमैन, PRSI
Raipur Chapter
Chhattisgarh