राजधानी

विधानसभा घेराव को लेकर सड़कों पर उतरी कांग्रेस, अंतिम बैरिकेड पर रोका गया प्रदर्शन; भाजपा ने आरोपों को बताया निराधार

रायपुर। छत्तीसगढ़ में बजट सत्र के बीच सियासी हलचल उस समय तेज हो गई जब विपक्षी दल कांग्रेस ने विभिन्न मुद्दों को लेकर विधानसभा घेराव का कार्यक्रम आयोजित किया। प्रदेशभर से आए पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने रैली निकालकर विधानसभा की ओर कूच किया, लेकिन पुलिस द्वारा लगाए गए अंतिम बैरिकेड तक पहुंचने के बाद उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया गया।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए कई सुरक्षा घेरों तक पहुंच गए। बताया गया कि प्रदर्शनकारियों ने पहला बैरिकेड पार कर लिया था और दूसरे बैरिकेड पर चढ़कर विरोध जताया, लेकिन अंतिम बैरिकेड पार नहीं कर सके। कैनाल रोड चौक के पास पुलिस ने उन्हें रोक दिया, जिसके बाद भारत माता चौक पर सभा आयोजित कर कार्यक्रम समाप्त किया गया। इस दौरान कुछ देर के लिए धक्का-मुक्की जैसी स्थिति भी बनी, हालांकि पुलिस की मौजूदगी में स्थिति नियंत्रण में रही।

कांग्रेस के इस प्रदर्शन में प्रदेश प्रभारी, प्रदेश अध्यक्ष सहित कई वरिष्ठ नेता और विभिन्न जिलों के पदाधिकारी मौजूद रहे। प्रदेशभर से बड़ी संख्या में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कई मुद्दों को उठाया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति कमजोर हुई है और किसानों, युवाओं तथा छात्रों से जुड़े कई गंभीर मामलों पर सरकार ठोस कार्रवाई नहीं कर रही है।

कांग्रेस ने धान खरीदी और समर्थन मूल्य से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि खरीदी की प्रक्रिया में कई किसान प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा छात्रावासों से जुड़े हालिया विवाद, बेरोजगारी, बढ़ते बिजली बिल और नशे के कारोबार जैसे विषयों को भी सरकार की विफलता से जोड़ा गया। विपक्ष का आरोप है कि प्रशासन की जानकारी के बावजूद कई अवैध गतिविधियां चल रही हैं और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हो रही है।

कांग्रेस नेताओं का कहना था कि विधानसभा के भीतर इन मुद्दों को उठाने के बाद अब जनता के बीच जाकर सरकार का ध्यान आकर्षित करना जरूरी हो गया है। पार्टी का दावा है कि किसानों, युवाओं और आम लोगों की समस्याओं को लेकर यह आंदोलन किया गया और आगे भी जनहित के मुद्दों पर संघर्ष जारी रहेगा।

वहीं भाजपा की ओर से इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा गया कि कांग्रेस केवल राजनीतिक लाभ के लिए आंदोलन कर रही है। भाजपा का कहना है कि राज्य सरकार ग्रामीण विकास और रोजगार बढ़ाने के लिए नई योजनाओं पर काम कर रही है तथा बजट में इसके लिए पर्याप्त प्रावधान किए गए हैं।

भाजपा के अनुसार सरकार की योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे का विस्तार हो रहा है और रोजगार के अवसर भी बढ़ाए जा रहे हैं। पार्टी का यह भी कहना है कि विपक्ष बिना तथ्यों के आरोप लगाकर जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रहा है, जबकि सरकार विकास कार्यों को प्राथमिकता दे रही है।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो गया है। कांग्रेस जहां सरकार की नीतियों के खिलाफ आंदोलन को जनआक्रोश का स्वर बता रही है, वहीं भाजपा इसे मुद्दाविहीन राजनीति करार देते हुए सरकार के विकास कार्यों को प्रमुखता से सामने रख रही है

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