राजधानी
भक्ति की शक्ति मानस परिवार बुंदेली जिला मुंगेली की ग्राम बुन्देला में भक्तिमय कार्यक्रम हुआ..
बेमेतरा
जिला बेमेतरा के अंतर्गत आने वाले ग्राम बुन्देला में भक्ति की शक्ति मानस परिवार बुंदेली जिला मुंगेली का भक्तिमय कार्यक्रम हुआ, जिसमें लाखों की संख्या में आस पास के लोग मौजूद हुए लक्ष्मण राजपूत जी ने बताया कि ओमप्रकाश राजपूत के सुपुत्र सुशांत राजपूत के जन्मदिन छट्टी के कार्यक्रम में भजन जगराता का आयोजन रखा गया था
मुख्य अतिथि ग्राम पंचायत बुन्देला के सरपंच बिजेशवरी शत्रुहन राजपूत थे जिन्होंने भक्ति की शक्ति मानस परिवार बुंदेली को सम्मानित किया इस आयोजन की अध्यक्षता प्रदेश उपाध्यक्ष भारतीय पत्रकार सुरक्षा परिषद के पदाधिकारी लक्ष्मण राजपूत जी के नेतृत्व में हुआ भक्ति की शक्ति मानस परिवार के जानकारी देते हुए कहा छत्तीसगढ़ संस्कृति विभाग द्वारा मान्यता प्राप्त पंजीकृत हैं संचालनालय संस्कृति एवं पुरातत्व छत्तीसगढ़ शासन चिन्हारी पोर्टल पंजीयन -MNS 202200001826 है छत्तीसगढ़ प्रदेश मानस प्रेमी परिवार संगठन से जुड़े हैं
सम्मानित श्रीमती देव कुमारी साहु,गायिका , इनको सभी धार्मिक कार्यक्रम में आमंत्रित कर भजन जगराता करा सकते हैं श्रीमद् भागवत, नवधा रामायण, देवी जगराता, आदि में आज रात्रि के कार्यक्रम में उपस्थित आयोजक रामसिंग राजपूत लोकनाथ राजपूत दिपक राजपूत एवं समस्त राजपूत परिवार थे
राजधानी रायपुर में मिले कोविड के 10 नए पेशेंट
रायपुर
राजधानी रायपुर में कोविड के एक ही दिन में 10 नए मरीज मिले हैं। सभी को होम आइसोलेट किया गया है। पिछले तीन दिनों में कोविड के 34 नए मरीज मिले हैं। इनमें गुरुवार को 11, बुधवार को 8 और मंगलवार को 14 नए मरीज मिले थे। कोविड अब तक प्रदेश के 10 जिलों में फैल चुका है।
कुल 150 मरीज अब तक मिल चुके हैं। सबसे ज्यादा 76 मरीज रायपुर से मिले हैं। वहीं 37 मरीज बिलासपुर से मिले हैं। बाकी 37 मरीज अन्य 8 जिलों से मिले हैं। यानी कोविड के 75 प्रतिशत केस इन्हीं दो जिलों से हैं।
रायपुर में एक्सीडेंट से मौत के बाद उग्र हुई भीड़:पुलिस पर किया पथराव,
रायपुर
रायपुर में 12 साल के बच्चे के सिर को एक हाइवा ने कुचल दिया, जिससे बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद आसपास के ग्रामीण रायपुर बिलासपुर हाईवे में 4 घंटे से प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ जमकर धक्का-मुक्की और बहसबाजी हुई। जिसके बाद भीड़ में उग्र होकर पुलिस पर पथराव भी किया। इस मामले में पुलिस ने करीब दो दर्जन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।
दरअसल, ग्रामीणों की मांग थी कि इस सड़क पर अंडर ब्रिज बनाया जाए, जिससे ऐसी घटना दोबारा न हो। यह पूरा मामला धरसींवा थाना क्षेत्र का है।
धरसींवा पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, घटना मंगलवार दोपहर 2 बजे के करीब की है। रायपुर से बिलासपुर की ओर जा रहे एक तेज रफ्तार हाइवा ट्रक ने 12 साल के बच्चें को अपनी चपेट में ले लिया।
हाइवा के चक्के में बच्चे का सिर बुरी तरह कुचला गया। एक्सीडेंट में मोंटू घृतलहरे की मौके पर मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि मासूम साइकिल चलाते वक्त टक्कर से सड़क पर गिर गया था।
आरोपी हाइवा ड्राइवर घटना के बाद मौके से फरार हो गया। लेकिन पुलिस ने हाइवा को जब्त कर लिया है। जिसके पास आसपास भारी संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हो गए थे। आसपास के ग्रामीण और बच्चे के परिजनों ने करीब 4 घंटे से सड़क पर जाम कर दिया था।
उनकी मांग थी कि इस जगह हादसा हुआ है वहां पर लंबे समय से एक अंडर ब्रिज बनाने की मांग की जा रही है। लेकिन प्रशासन ने इस पर ध्यान नहीं दिया। इस प्रदर्शन में लोगों को शांत कराने के लिए करीब आधे दर्जन थाना प्रभारी, CSP खमतराई और ASP समेत प्रशासनिक अफसर जुटे हुए थे।
समाज के विकास में मीडिया का बड़ा योगदान: स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल स्वास्थ्य मंत्री का निर्णय स्वागत योग्य ... श्रीमती ममता सिंह
रायपुर
,स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में मीडिया प्रबंधन के लिए जारी निर्देशों के आदेश को निरस्त किऐ जाने का छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन की प्रदेश सचिव श्रीमती ममता सिंह ने स्वागत किया है ,
छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य विभाग द्वारा शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में मीडिया के प्रबंधन के लिए जारी किए निर्देश के बाद प्रदेश भर के पत्रकार संगठनों ने एकजुटता दिखाते हुए, सरकार को घेरा तथा इस आदेश को मीडिया की स्वतंत्रता पर हमला बताया। साथ ही विभिन्न समाचार पत्रों में भी प्रदेश भर से पत्रकारों ने रोष जताया था।
इस पर छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने रायपुर के शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में मीडिया के प्रबंधन के लिए जारी किए निर्देश को तत्काल प्रभाव से रोकने की घोषणा की है। और कहा कि यह निर्णय मीडिया की अहम भूमिका और स्वास्थ्य क्षेत्र में पारदर्शिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लिया गया है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा, “मीडिया का सम्मान हमारे नजरों में सदैव से रहा है। फिलहाल मीडिया प्रबंधन के लिए जारी दिशा निर्देशों पर रोक लगा रहा हूं। किसी भी प्रकार का निर्णय सभी मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा करने के उपरांत ही करेंगे।” स्वास्थ्य मंत्री के इस निर्णय का छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन ने स्वागत किया है!
सांसद प्रतिनिधि को पहले सम्मान देने पर भड़के कांग्रेस विधायक,
बलौदाबाजार
बलौदाबाजार जिले के कसडोल विकासखंड में शाला प्रवेश उत्सव कार्यक्रम में सांसद प्रतिनिधि का पहले स्वागत करने पर कसडोल से कांग्रेस विधायक संदीप साहू भड़क गए और प्रोटोकॉल तोड़ने के विरोध में कार्यक्रम छोड़ कर चले गए।
विधायक का कहना है कि शिक्षा विभाग ने सांसद प्रतिनिधि संतोष वैष्णव का पहले स्वागत किया, जबकि प्रोटोकॉल के मुताबिक विधायक का स्वागत पहले होना चाहिए था।
टीचर ने माइक से सांसद प्रतिनिधि का जैसे ही नाम अनाउंस किया तभी विधायक भड़क गए और कार्यक्रम बीच में ही रुकवा दिया। विधायक ने टीचरों को डाटते हुए कहा कि 'जब प्रोटोकॉल नहीं मालूम है तो कार्यक्रम में बुलाया मत करो, पढ़ा रहे हो टीचर बन गए हो और इतना भी नहीं पता कि कौन बड़ा होता है। अब से मेरा विधायक प्रतिनिधि इस कार्यक्रम में रहेगा, उसी से प्रोटोकॉल मेंटेन करना'।
वहीं, विधायक ने यह भी कहा कि अधिकारियों ने कार्यक्रम का समय सुबह 11 बजे बताया था। लेकिन कार्यक्रम में कई घंटे की देरी हुई। एक और विवाद यह रहा कि आमंत्रण पत्रों पर जिन जनप्रतिनिधियों के नाम थे, उन्हें कार्यक्रम की जानकारी तक नहीं थी।
इस मामले में प्रभारी विकासखंड शिक्षा अधिकारी अरविंद धुरु से जब मीडिया ने सवाल किया तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया है।
विधायक संदीप साहू ने इसे शिक्षा विभाग की लापरवाही बताया है। उन्होंने कहा कि प्रोटोकॉल का पालन जरूरी है। भविष्य में ऐसी गलतियां न हों, इसकी चेतावनी भी दी। उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि शिक्षक होकर शिष्टाचार भूल गए हैं। कार्यक्रम में पामगढ़ विधायक शेषराज हरिवंश भी मौजूद थे।
पत्रकारित से सत्ता तक पहुँची सरकारें,अब वही पत्रकारिता निशाने पर क्यों? श्रीमती ममता सिंह
रायपुर,
छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन की प्रदेश सचिव ने हमारे प्रतिनिधि को एक विशेष भेट में बताया है कि भारत का लोकतंत्र हमेशा से चौथे स्तंभ, स्वतंत्र पत्रकारिता की नींव पर खड़ा रहा है। यही पत्रकारिता कभी बोफोर्स से लेकर 2 जी और कोयला घोटालों तक की परतें उधेड़ कर सत्ता बदलने की ताक़त रखती थी। लेकिन आज जब यही पत्रकारिता सत्ता से सवाल करती है, तो उसे रोकने, डराने और सायास नियंत्रित करने के प्रयास हो रहे हैं। उन्होंने बताया है कि ताजा उदाहरण है छत्तीसगढ़ के चिकित्सा शिक्षा विभाग का 13 जून 2025 का आदेश, जिसने मीडिया पर अस्पतालों में रिपोर्टिंग के अधिकारों पर पहरा बिठा दिया है।
पत्रकारिता के दम पर कांग्रेस को घेर कर सत्ता में आई भाजपा, अब वही पत्रकारों से भयभीत क्यों? इतिहास गवाह है कि कांग्रेस के शासनकाल में पत्रकारों ने बोफोर्स घोटाले से लेकर 2 जी, कोयला आवंटन, राष्ट्रमंडल खेल, और नेशनल हेराल्ड जैसे मामलों को उजागर किया। इन्हीं घोटालों की रिपोर्टिंग ने भाजपा को “भ्रष्टाचार विरोधी” छवि देकर सत्ता में लाने का मार्ग प्रशस्त किया। चित्रा सुब्रह्मण्यम ने बोफोर्स उजागर किया, सीएजी रिपोर्टों को इंडियन एक्सप्रेस और द हिंदू ने जनता तक पहुँचाया और सुप्रीम कोर्ट तक मामलों को पहुँचाने में मीडिया की रिपोर्टें प्रमाण बनीं। लेकिन आज, वही सरकार जब पत्रकारों पर प्रतिबंध, गिरफ्तारी, प्राथमिकी और नियंत्रण की भाषा बोलती है, तो यह केवल विडंबना नहीं लोकतंत्र के लिए ख़तरा है। छत्तीसगढ़ का नया आदेश अस्पतालों में ‘सूचना नहीं, सेंसरशिप’ लागू चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश में मीडिया की अस्पतालों तक पहुँच को मीडिया लायजन ऑफिसर’ की अनुमति से जोड़ दिया गया है। कोई भी जानकारी, फोटो या वीडियो अब बिना मंज़ूरी नहीं ली जा सकती। यानी जनहित की सच्चाइयाँ अब सिर्फ ‘अनुमति की मोहर’ के बाद ही उजागर हो सकेंगी। क्या घायल मरीज़ के दर्द पर रिपोर्ट लिखने से पहले अब पत्रकार को फ़ॉर्म भरना होगा? क्या सरकारी लापरवाही अब ‘गोपनीय सूचना’ कहलाएगी?
प्रेस की आवाज़ दबाकर क्या हासिल होगा? यह आदेश न केवल अनुच्छेद 19(1)(ए) अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सीधा उल्लंघन है, बल्कि यह दर्शाता है कि सरकार असफलताओं की रिपोर्टिंग से डरती है, ना कि झूठी अफवाहों से।
सोशल मीडिया पर भी अस्पतालों को अब ‘नीतिगत भाषा’ और ‘निर्धारित समय’ में ही जानकारी देने का निर्देश है। यानी, आम जनता को वही दिखेगा जो सरकार दिखाना चाहेगी, ना उससे ज़्यादा, ना कम।
पत्रकारिता सिर्फ सरकार की प्रेस विज्ञप्ति पढ़ने के लिए नहीं बनी
अगर पत्रकारिता ने कांग्रेस के भ्रष्टाचार को बेनकाब किया तो वही पत्रकार आज भाजपा और राज्य शासन की खामियों पर भी सवाल पूछेंगे। यही लोकतंत्र है। सरकारें आती-जाती हैं, पत्रकारों की कलम सत्ताओं से बड़ी होती है। अगर अस्पतालों में सब कुछ ठीक है तो फिर पत्रकारों से डर कैसा?
पत्रकारों को नहीं, असलियत को नियंत्रित करो
सत्ताधारी दलों को यह याद रखना चाहिए कि पत्रकारों ने कांग्रेस को गिराया था, भाजपा को सत्ता दिलाई थी, आज पत्रकार अगर सवाल कर रहे हैं, तो इसका अर्थ है कि लोकतंत्र अभी जिंदा है।
छत्तीसगढ़ के पत्रकारों, जनप्रतिनिधियों, और नागरिक समाज को इस संवैधानिक संकट के विरुद्ध खड़ा होना चाहिए। क्योंकि अगर कलम की धार कुंद कर दी गई, तो अगली बारी आपकी होगी।
“सत्ता की निगरानी करना अपराध नहीं, पत्रकारिता का धर्म है। श्रीमती ममता सिंह ने शासन से मांग की है कि स्वास्थ्य मंत्री तत्काल इस आदेश को वापस लेकर प्रेस की स्वतंत्रता को बरकरार रखे
लोगों को मिली फ्री हेल्थ-चेकअप की सुविधा:मुख्यमंत्री विष्णुदेव
रायपुर
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि अच्छा स्वास्थ्य ही जीवन की सबसे बड़ी संपदा है। यदि हम संतुलित आहार लें, नियमित रूप से व्यायाम करें और समय-समय पर स्वास्थ्य की जांच कराएं, तो अनेक बीमारियों से बचा जा सकता है। मुख्यमंत्री राजधानी रायपुर के केनाल रोड स्थित झूलेलाल धाम में आयोजित भव्य निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर को संबोधित कर रहे थे।
पूज्य बाबा गुरुदास राम साहेब जी की 94वीं जयंती के अवसर पर इस स्वास्थ्य शिविर का आयोजन भाजपा के मीडिया प्रभारी अमित चिमनानी, पूज्य शदाणी सेवा मंडल, पूज्य बाबा गरीबदास सेवा मंडल, पूज्य छत्तीसगढ़ सिंधी पंचायत, भारतीय सिंधु सभा तथा पूज्य कंधकोट पंचायत द्वारा स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में नागरिकों ने स्वास्थ्य जांच कराई और आयुष्मान कार्ड भी बनवाए। शिविर में विशेषज्ञ डॉक्टरों ने अपनी सेवाएं प्रदान की।
मुख्यमंत्री ् साय ने कहा कि आज की अनियमित जीवनशैली, मिलावटी खानपान और प्रदूषित वातावरण के कारण बीपी और डायबिटीज जैसी बीमारियाँ अब आम हो चुकी हैं। यहां तक कि ग्रामीण क्षेत्रों के मेहनतकश लोग भी अब इन बीमारियों से अछूते नहीं हैं। ऐसे में इस तरह के स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन अत्यंत सराहनीय पहल है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य अपने रजत जयंती वर्ष में प्रवेश कर चुका है और इस अवधि में स्वास्थ्य सहित सभी क्षेत्रों में चौतरफा विकास हुआ है। स्वास्थ्य सुविधाओं के लिहाज से छत्तीसगढ़ आज मेडिकल हब के रूप में उभर रहा है। राज्य निर्माण के समय जहाँ केवल एक मेडिकल कॉलेज था, वहीं अब शासकीय एवं निजी क्षेत्र मिलाकर 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। निजी क्षेत्र में सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों की स्थापना भी हुई है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पतालों की चिकित्सा व्यवस्थाएं सुदृढ़ हुई हैं। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर भी प्रारंभ किए गए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा शुरू की गई आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीबों को 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही, 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी नागरिकों को वय वंदन योजना के अंतर्गत इलाज हेतु 5 लाख रुपये तक की सहायता दी जा रही है। इसी प्रकार, राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री विशेष सहायता योजना के अंतर्गत गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए 25 से 30 लाख रुपये तक की सहायता प्रदान की जाती है। मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से भी पात्र मरीजों को आर्थिक सहायता दी जाती है।
केसदा का प्रस्तावित उद्योग , जनसुनवाई नेवधा में उठता सवाल
सौरभ यादव/ बिहान छत्तीसगढ़
सिमगा।
बलौदा बाजार जिला सिमगा ब्लांक के ग्राम केसदा जो कि तिल्दा-नेवरा शहर से करीब है वहां पर संभव स्पंज उद्योग प्रस्तावित है ,जिनका पर्यावरण स्वीकृति जनसुनवाई 16 जून को सुनिश्चित किया गया है । इस जनसुनवाई को लेकर जहां ग्रामीणों के विरोधी स्वर मुखर हो रहे हैं ,वहीं पर एन ओ सी को लेकर ग्राम पंचायत पर उंगली उठ रही है । सूत्रों का माने तो पंचायती राज अधिनियम धारा 40 के तहत नियम के विपरित प्रस्तावित उद्योग को एन ओ सी प्रदान किया गया है ।
जो ग्रामीणों के संज्ञान में भी नहीं था, जिसके चलते ग्रामीणों के मध्य नाराजगी व्याप्त है ।, माना जा रहा है कि कथित प्रस्तावित उद्योग का पूर्व से तीन यूनिट संचालित हो रही है , कहा जा रहा है कि तीनों यूनिट का उद्योग स्थापित करने के पहले मैनेजमेंट के द्वारा बड़े बड़े वादा किये गये थे , लेकिन वह वादा महज जुबां तक ही सीमित रहा । जिसके चलते संचालित क्षेत्र के ग्रामीणों में पछतावा व आक्रोश व्याप्त है । ग्रामीणो का कहना है कि क्षेत्र में किसी भी उद्योग को विकास की कुछ शर्तों के आधार पर मंजूरी दी जाती है
, लेकिन अब सवाल यह उठता है कि जब इस उद्योग का तीन यूनिट पूर्व से संचालित हो रही है और वह ग्रामीणों के साथ किये गये वादों पर खरा नहीं उतरा है ,तो फिर इस क्षेत्र में उद्योग लगने से क्षेत्र की क्या दुर्दशा होगी। जानकारी में आया है कि ग्रामीणों का आक्रोश इस तरह फूट पड़ा है ,कि पर्यावरण स्वीकृती जनसुनवाई हेतु लगाई गई पंडाल को प्रभावित किया गया है । इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि ग्रामीणों का नाराजगी कितने चरम सीमा पर है ।
रायपुर की मेडिकल स्टूडेंट ने लगाई फांसी
कोरबा
कोरबा जिले में मेडिकल की छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतका की पहचान छाया गौतम (22) के रूप में हुई है। वह पिछले 5 सालों से रायपुर के मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई कर रही थी। 13 जून को छाया का शव उसके घर में मिला।
मामला कुसमुंडा थाना क्षेत्र का है। छाया लगभग 15 दिन पहले रायपुर से कोरबा आई थी। रायपुर से लौटने के बाद से वह मानसिक तनाव में थी। उसने अपने पिता शशि भूषण गौतम को बताया था कि पढ़ाई के दौरान उसे कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
पिता ने उसका कोरबा के एक निजी अस्पताल में इलाज भी शुरू करवाया था। शुक्रवार सुबह, जब घर में कोई नहीं था, छाया ने क्वार्टर में फांसी लगाकर जान दे दी। उस समय उसके पिता ड्यूटी पर थे। घर के सदस्यों ने फोन कर उन्हें सूचना दी।
छाया के पिता SECL कर्मी है वे लोग कला मंदिर क्षेत्र में M 55 माइनस क्वार्टर में रहते थे। घटना के समय मां भी बाहर गई थी।
कुसमुंडा थाना प्रभारी राकेश गुप्ता ने बताया कि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर परिजनों का बयान दर्ज कर लिया है। जांच के लिए रायपुर मेडिकल कॉलेज और छाया की सहेलियों से पूछताछ की जाएगी। साथ ही उसके मोबाइल की कॉल डिटेल भी खंगाली जा रही है।
इस घटना से पूरे परिवार में शोक का माहौल है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है। वहीं, जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन ने मृतक छाया को श्रद्धांजलि दी है।
शादी की सालगिरह पर ब्लड डोनेट किया
सौरभ यादव/ बिहान छत्तीसगढ़
ग्राम पंचायत बहेसर के युवा पत्रकार योगेश वर्मा द्वारा शादी की सालगिरह पर रक्तदान किया गया इस दौरान उन्होंने युवाओं को रक्तदान के महत्व को बताते हुए कहां की रक्तदान सबसे बड़ा दान है यह दान किसी को नये जीवन दे सकता है ग्रुप किसी भी अन्य ग्रुप के भी रक्त हो लेकिन किसी व्यक्ति को दिया जा सकता है इसीलिए मैं समझता हूं युवाओं को रक्तदान की करना चाहिए मेरी आज 18 बार और मेरे को खुशी हो रही है
अवैध रूप से भारी मात्रा में मादक पदार्थ गांजा बिक्री करने हेतु ले जाते हुये महिला गिरफ्तार
तिल्दा नेवरा रायपुर
रिपोर्टर- सौरभ यादव
को अभियान कार्यवाही के दौरान जरिये मुखबिर से सूचना मिली कि ओवरब्रिज के नीचे सासाहोली तिल्दा में एक महिला गुलाबी टी शर्ट तथा काला जींस पहनी है उपरोक्त कार्यवाही उमनि/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय डाॅ0 लाल उमेंद सिंह द्वारा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय (ग्रामीण) श्री कीर्तन राठौर, नगर पुलिस अधीक्षक महोदय(विधानसभा) श्री वीरेन्द्र चतुर्वेदी द्वारा क्षेत्र में निजात (नशामुक्ति) कार्यक्रम के तहत् प्रभावी अंकुश लगाने के निर्देश के परिपालन में निरीक्षक सत्येन्द्र सिंह श्याम थाना प्रभारी तिल्दा नेवरा के निर्देशन में उप निरीक्षक विकास देशमुख, आरक्षक किशोर शर्मा, म0आर0 किरण वर्मा, पूजा वर्मा के द्वारा किया गया है।
रायपुर के केमिकल गोदाम में लगी आग
रायपुर
राजधानी रायपुर के रेलवे स्टेशन के पास सत्कार गली में बुधवार (11 जून) रात एक केमिकल गोदाम में भीषण आग लग गई। घर में गोदाम संचालित था। घटना के बाद गोदाम के अंदर रखे लेबोरेट्री केमिकल
के डिब्बों में विस्फोट होता रहा। जिसके चलते आग और भड़क गई है।
मामला गंज थाना क्षेत्र का है। आग की लपटे इतनी तेज थी के गोदाम के अंदर रखा सारा सामान जलकर खाक हो गया। वही सामान लोडिंग करने वाला ऑटो भी जल गया। आस-पास के लोगों ने फायर बिग्रेड और पुलिस को सूचना दी।
सूचना के बाद मौके पर पहुंची 3 दमकल की गाड़ियों ने ढाई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग इतनी भयावह थी कि मौके पर SDRF के जवानों को भी बुलाया गया था।
बताया जा रहा है, घने आबादी वाले इलाके में लंबे समय से केमिकल बनाने का काम चल रहा था। घटना के बाद आसपास होटल और लॉज में रहने आए लोग भी बाहर आ गए थे। पुलिस इस एंगल से भी जांच करेगी कि किस आधार पर रेसीडेंशियल इलाके में केमिकल बनाने की काम किया जा रहा था।
मौके पर पहुंची पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि रेसीडेंशियल और घने आबादी वाले इलाके में केमिकल के गोदाम को लेकर पुलिस की टीम जांच करेगी। वही गोदाम के किस तरह केमिकल रखे थे इसकी भी पूछताछ कंपनी के मालिक से की जाएगी।
जिस बिल्डिंग में आग लगी थी उसके बगल के घर में भी केमिकल का गोदाम संचालित है। गोदाम के अंदर फायर सेफ्टी व्यवस्था थी या नहीं इन सभी पहलुओं को लेकर भी जांच की जाएगी।
छत्तीसगढ़ में कोरोना मरीजों की संख्या 75 पहुंची
रायपुर
छत्तीसगढ़ में बुधवार को कोविड के 5 नए मरीज मिले हैं। इनमें रायपुर से 3 और बिलासपुर से 2 मरीज हैं। प्रदेश में अब तक कोविड के कुल 75 केस मिल चुके हैं। इनमें से 30 रिकवर हो चुके हैं। वहीं, 45 एक्टिव हैं। इनमें 41 होम आइसोलेशन में हैं। 3 ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं, वहीं रायपुर में 1 मरीज ICU में है।
पिछले 4 दिनों में कुल 25 कोविड केस सामने आए। इस महीने कोविड के सबसे ज्यादा मरीज बीते शुक्रवार यानी 6 मई को मिले थे। एक ही दिन में रायपुर में 11, बिलासपुर में 5 और बालोद में 1 मरीज के साथ कुल 17 मरीज मिले थे। नया वैरिएंट आने के बाद से ये एक दिन में सबसे बड़ा आंकड़ा था।
देशभर की बात करें तो 9 राज्यों को छोड़कर बाकी स्टेट्स में कोविड का नया वैरिएंट JN.1 फैल चुका है। अब तक 7 हजार 154 मरीज मिल चुके हैं, जबकि 77 मौतें हो चुकी हैं। वहीं 6 हजार 861 से अधिक मरीज ठीक हो चुके हैं। एक्सपर्ट का कहना है कि नया वैरिएंट पहले की तुलना में कम खतरनाक हैं, फैटेलिटी रेट सिर्फ 2% है।
DSP बने 21 पुलिस अधिकारियों की बस्तर में पहली पोस्टिंग
छत्तीसगढ़ में निरीक्षक से डीएसपी बने 21 पुलिस अधिकारियों को पहली पोस्टिंग दी गई है। यह पहली पोस्टिंग नक्सल क्षेत्रों में दी गई है। नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान काे मजबूती देने के लिए उप पुलिस अधीक्षकों को तैनात किया गया है।

इन पुलिस अधिकारियों को एक महीने के लिए संबंधित जिलों में तैनात किया गया है। सभी को आदेशित किया गया है कि, 13 जून को बस्तर रेंज आईजी को रिपोर्ट करें। साथ ही इंडक्शन ब्रिफिंग सेशन में जरूर शामिल रहें। यह आदेश पुलिस महानिदेशक अरुणदेव गौतम ने निकाला है।
26 करोड़ का टैक्स फ्रॉड, लोहा कारोबारी गिरफ्तार
रायपुर
रायपुर के एक लोहा कारोबारी अमन अग्रवाल (32) को टैक्स फ्रॉड मामले में गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई स्टेट GST के अधिकारियों ने की है। ज्वाइंट कमिश्नर नरेंद्र वर्मा ने बताया कि 2023-24, 2024-25 और 2025-26 में 262 करोड़ की खरीदी-बिक्री बोगस फर्मों से की गई।
कारोबारी ने 26 करोड़ का इनपुट टैक्स क्रेडिट लिया और छत्तीसगढ़ के दूसरे फॉर्म को बेचना दिखाया था। वह फर्म भी फर्जी थे। सरकार को 26 करोड़ रुपए के राजस्व का नुकसान हुआ। अमन अग्रवाल आयरन स्क्रैप, लोहे के कारोबार से जुड़ा है।
जानकारी के मुताबिक लोहा कारोबारी अमन अग्रवाल अगस्त्य इंटरप्राइजेज और अग्रवाल इंटरप्राइजेज का मालिक है। जीएसटी के सेक्शन 69, 132 बी के तहत इस पर कार्रवाई की गई है। कारोबारी पर 10 बोगस फर्म से खरीदी करना दिखाकर टैक्स की हेराफेरी करने का आरोप है।
वहीं आरोपी को आज बुधवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां इस पूरे मामले की सुनवाई होगी।
ड्यूटी पर डॉक्टर होते तो बच जाती साक्षी की जान:
रायपुर
पूरा मामला रायपुर के बिरगांव नगर निगम क्षेत्र का हैं। जहां रावणभाठा स्थित स्वास्थ्य केन्द्र में बच्ची को जन्म देने के 12 घंटे के भीतर 24 साल की साक्षी की मौत हो गई। पीड़ित परिवार का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने लापरवाही की है।
इस मामले में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देश पर 4 सदस्यीय जांच टीम गठित की गई है। 3 दिन के भीतर सीएमएचओ को रिपोर्ट देना होगा। चार सदस्यीय जांच दल में जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ संजीव वोहरा, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ निर्मला यादव, एनेस्थिसिया विशेषज्ञ चंद्रा राव और नोडल अफसर मातृत्व शाखा डॉ प्रीति नारायण शामिल हैं। ड्यूटी में तैनात डॉक्टर घर पर सो रहे थे। इमरजेंसी में वार्ड बॉय ने साक्षी का इलाज किया। रायपुर CMHO मिथलेश चौधरी ने भी लापरवाही मानते हुए जांच कमेटी बना दी है।
पूरे मामले पर हमने CMHO मिथिलेश चौधरी से बात की। उन्होंने कहा- इलाज में लापरवाही होना दिख रहा है। जांच टीम गठित कर दी गई है। रिपोर्ट मिलते ही आगे एक्शन लेंगे। वहीं डॉ अंजू लाल ने अपना नंबर बंद कर दिया है। उनकी ओर से कोई रिस्पॉन्स हमें नहीं मिला।
इन सब के बीच स्थानीय लोगों ने खमतरई थाना का घेराव कर दिया। गुस्साए लोगों ने कहा कि किसी जिम्मेदार की गलती से किसी की जान जाती है, तो उसे माफ नहीं किया जाना चाहिए। हम चाहते हैं कि, इस लापरवाही के लिए जिम्मेदारों को कड़ी से कड़ी सजा मिले। कार्रवाई के आश्वासन के बाद ही लोग शांत हुए।
होटल या रेस्तरां में सादा पानी और प्रसाधन की व्यवस्था नहीं देने पर कर सकते हैं शिकायत,
सभी अच्छे होटलों (5 स्टार सहित) औऱ रेस्तरां में , पानी पीने के लिए नियमानुसार हमेशा दो विकल्प रहते हैं।
1. नार्मल टैप (आर ओ ) वाटर (मुफ्त )
2. मिनरल या पैकेज्ड वाटर ( अतिरिक्त शुल्क/ रुपया )
5 स्टार होटलों में तो खासकर इस नियम का सख्ती से पालन किया जाता है। बहुत बार हमलोग मुफ्त का (आर ओ ) वाटर प्रयोग करते हैं। फालतू का हज़ार रुपए पानी हेतु पानी में बहाने का कोई तुक नहीं है ।
यदि कोई मझोले स्तर का रेस्तरां इस नियम का पालन नहीं कर रहा है तो संबंधित म्युनिसिपेलिटी /मुनिसिपल कारपोरेशन को शिकायत करें, जिसकी प्रतिलिपि जिला मजिस्ट्रेट को दें।
होटलों और रेस्तरां में ग्राहकों को पीने के पानी की आवश्यकता को पूरा करने के लिए नियम हैं। होटल और रेस्तरां को अपने ग्राहकों को साफ पीने का पानी (RO) उपलब्ध कराना चाहिए और वे केवल बोतलबंद पानी खरीदने के लिए ग्राहकों को मजबूर नहीं कर सकते हैं। अगर कोई ग्राहक केवल बोतलबंद पानी मांगता है तो होटल या रेस्तरां को उसे देना चाहिए अन्यथा उसे मुफ्त सादा पानी उपलब्ध कराने से मना नहीं कर सकते ।
होटलों और रेस्तरां में पानी देने के नियम:
मुफ़्त सादा पानी:
होटल और रेस्तरां को अपने ग्राहकों को मुफ्त सादा पानी उपलब्ध कराना चाहिए।
बोतलबंद पानी का विकल्प:
यदि ग्राहक बोतलबंद पानी मांगता है, तो होटल या रेस्तरां को बोतलबंद पानी उपलब्ध कराना चाहिए, लेकिन उन्हें ग्राहक को सादा पानी देने से मना नहीं करना चाहिए.
बोतलबंद पानी का शुल्क:
यदि होटल या रेस्तरां बोतलबंद पानी पर शुल्क लेते हैं, तो वे ग्राहक को सादा पानी देने से इनकार नहीं कर सकते.
पानी की गुणवत्ता:
होटल और रेस्तरां को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पीने के पानी की गुणवत्ता सुरक्षित और पीने योग्य है।
पानी से संबंधित कुछ नियम और शर्तें:
शौचालय का उपयोग:
1867 के इंडियन सराय एक्ट के तहत, आप किसी भी होटल में बिना कमरा लिए शौचालय का उपयोग कर सकते हैं और पीने का पानी मांग सकते हैं ।