राजधानी

ड्यूटी पर डॉक्टर होते तो बच जाती साक्षी की जान:

रायपुर

पूरा मामला रायपुर के बिरगांव नगर निगम क्षेत्र का हैं। जहां रावणभाठा स्थित स्वास्थ्य केन्द्र में बच्ची को जन्म देने के 12 घंटे के भीतर 24 साल की साक्षी की मौत हो गई। पीड़ित परिवार का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने लापरवाही की है।

इस मामले में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देश पर 4 सदस्यीय जांच टीम गठित की गई है। 3 दिन के भीतर सीएमएचओ को रिपोर्ट देना होगा। चार सदस्यीय जांच दल में जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ संजीव वोहरा, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ निर्मला यादव, एनेस्थिसिया विशेषज्ञ चंद्रा राव और नोडल अफसर मातृत्व शाखा डॉ प्रीति नारायण शामिल हैं। ड्यूटी में तैनात डॉक्टर घर पर सो रहे थे। इमरजेंसी में वार्ड बॉय ने साक्षी का इलाज किया। रायपुर CMHO मिथलेश चौधरी ने भी लापरवाही मानते हुए जांच कमेटी बना दी है।

पूरे मामले पर हमने CMHO मिथिलेश चौधरी से बात की। उन्होंने कहा- इलाज में लापरवाही होना दिख रहा है। जांच टीम गठित कर दी गई है। रिपोर्ट मिलते ही आगे एक्शन लेंगे। वहीं डॉ अंजू लाल ने अपना नंबर बंद कर दिया है। उनकी ओर से कोई रिस्पॉन्स हमें नहीं मिला।

इन सब के बीच स्थानीय लोगों ने खमतरई थाना का घेराव कर दिया। गुस्साए लोगों ने कहा कि किसी जिम्मेदार की गलती से किसी की जान जाती है, तो उसे माफ नहीं किया जाना चाहिए। हम चाहते हैं कि, इस लापरवाही के लिए जिम्मेदारों को कड़ी से कड़ी सजा मिले। कार्रवाई के आश्वासन के बाद ही लोग शांत हुए।

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