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दो साल से प्रधानमंत्री आवास की पहली किस्त के लिए भटक रही हितग्राही, कई आवेदन के बाद भी नहीं मिला न्याय, प्रशासनिक उदासीनता पर उठे सवाल..

सारंगढ़-बिलाईगढ़//

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराना है, लेकिन जिले में एक हितग्राही पिछले करीब दो वर्षों से अपनी पहली किस्त के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने को मजबूर है। मामला सरिया क्षेत्र के ग्राम पंचायत सुरसी का है, जहां प्रशासनिक लापरवाही और जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

2023-24 में आवास स्वीकृत, लेकिन पहली किस्त नहीं मिली

ग्राम पंचायत सुरसी की निवासी विशाखा साहू, पिता गौतम साहू के नाम वर्ष 2023-24 में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत आवास स्वीकृत हुआ था। हितग्राही का कहना है कि स्वीकृति मिलने के बाद भी उन्हें पहली किस्त की राशि प्राप्त नहीं हुई। जब उन्होंने जनपद पंचायत कार्यालय में जानकारी ली तो पता चला कि पहली किस्त की राशि किसी अन्य व्यक्ति के बैंक खाते में स्थानांतरित हो गई है।

कई बार आवेदन, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई

विशाखा साहू ने इस संबंध में 5 दिसंबर 2024 को जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) को लिखित आवेदन देकर जांच और राशि दिलाने की मांग की थी। इसके बाद भी मामला आगे नहीं बढ़ा। पीड़िता का कहना है कि उसने जनपद पंचायत सीईओ, जिला पंचायत सीईओ और कलेक्टर जनदर्शन में भी कई बार आवेदन दिए, लेकिन आज तक न तो जांच पूरी हुई और न ही उन्हें उनकी पहली किस्त मिल सकी।

कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हितग्राही

पीड़िता का आरोप है कि हर बार अधिकारियों से केवल आश्वासन मिलता है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा। अपनी ही स्वीकृत योजना का लाभ पाने के लिए उसे बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार होने के कारण पक्का मकान बनाने का सपना अधूरा रह गया है।

प्रशासनिक लापरवाही पर उठ रहे सवाल

यह मामला सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े करता है। यदि किसी हितग्राही की राशि दूसरे के खाते में चली गई है, तो उसकी जिम्मेदारी तय कर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? आखिर एक गरीब हितग्राही को अपने ही अधिकार के लिए वर्षों तक भटकने पर क्यों मजबूर होना पड़ रहा है?

निष्पक्ष जांच और राशि दिलाने की मांग

ग्रामीणों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा विशाखा साहू को प्रधानमंत्री आवास योजना की पहली किस्त जल्द उपलब्ध कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ऐसे मामलों का समाधान नहीं किया गया तो आम लोगों का सरकारी योजनाओं और प्रशासन पर भरोसा कमजोर होता जाएगा।

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