दो दुकानों की नीलामी पूरी, तीसरी दुकान पर विवाद के बाद मंडी प्रबंधन ने रोकी प्रक्रिया
इमरान खोखर ब्यूरो चीफ मुंगेली
मुंगेली
आदर्श कृषि उपज मंडी समिति मुंगेली में दुकानों की नीलामी प्रक्रिया पारदर्शिता को लेकर उठे सवालों के बीच विवादों में घिर गई। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार नीलामी प्रक्रिया शुरू हुई और शुरुआती चरण में दो दुकानों की नीलामी बिना किसी व्यवधान के संपन्न हो गई, लेकिन तीसरी दुकान की नीलामी के दौरान उत्पन्न विवाद ने पूरी प्रक्रिया पर प्रश्नचिह्न लगा दिया। बढ़ते विरोध और पारदर्शिता को लेकर उठी आपत्तियों के बाद संबंधित दुकान की नीलामी तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी गई।
प्रत्यक्षदर्शियों और सूत्रों के अनुसार विवाद उस समय शुरू हुआ जब एक व्यक्ति, जो पहले ही एक दुकान की सफल बोली लगाकर उसे प्राप्त कर चुका था, उसने दूसरी दुकान के लिए भी बोली लगाने का प्रयास किया। इस पर अधिकारियों ने उसे दूसरी दुकान के लिए बोली लगाने से रोक दिया। इसके बाद नीलामी स्थल पर मौजूद लोगों ने सवाल उठाया कि यदि नीलामी की शर्तों के अनुसार एक व्यक्ति को केवल एक ही दुकान आवंटित की जा सकती है, तो फिर उससे एक से अधिक दुकानों के लिए आवेदन और सुरक्षा राशि (एफडीआर) क्यों स्वीकार की गई।
इस मुद्दे को लेकर नीलामी स्थल पर मौजूद आवेदकों और व्यापारियों ने पूरी प्रक्रिया की निष्पक्षता एवं पारदर्शिता पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि यदि नियम पहले से स्पष्ट थे, तो आवेदन स्वीकार करने और नीलामी संचालन में उनका समान रूप से पालन होना चाहिए था। विवाद बढ़ने और स्थिति तनावपूर्ण होने पर मंडी प्रबंधन ने तीसरी दुकान की नीलामी को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया।
मामले के बाद मंडी समिति की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। आवेदकों का कहना है कि इस तरह की स्थिति से पूरी नीलामी प्रक्रिया की विश्वसनीयता प्रभावित होती है और भविष्य में ऐसी प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी बनाया जाना चाहिए।
• मंडी सचिव सत्यम लहरे ने बताया कि आवेदन पत्रों और एफडीआर (FDR) से संबंधित तकनीकी कारणों एवं कुछ कमियों के चलते यह निर्णय लिया गया है। उनके अनुसार पुनः परीक्षण (री-केस) के मद्देनजर संयुक्त संचालक स्तर से फिलहाल नीलामी प्रक्रिया को रोक दिया गया है। विभाग नए सिरे से दिशा-निर्देश जारी करेगा, जिसके बाद ही दुकानों की नीलामी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। अधिकारी ने कहा कि आवेदन और एफडीआर में पाई गई विसंगतियों को दूर कर पूरी प्रक्रिया नियमानुसार और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराई जाएगी। फिलहाल सभी की निगाहें विभाग के नए आदेश पर टिकी हुई हैं।