राजधानी

तमनार हिंसा…महिला आरक्षक की वर्दी फाड़ी, 5 अरेस्ट

रायपुर/ रायगढ़

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के तमनार ब्लॉक में JPL कोयला खदान के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान महिला आरक्षक के कपड़े फाड़ दिए गए। प्रदर्शनकारियों ने महिला आरक्षक को आधा किलोमीटर तक दौड़ाया। महिला आरक्षक जब वह खेत में गिर गई, तो वर्दी फाड़कर उसे अर्धनग्न कर दिया।

महिला पुलिसकर्मी से मारपीट, बदसलूकी और अमानवीय व्यवहार के मामले में पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें मंगल राठिया, चिनेश खमारी, प्रेमसिंह राठिया, कीर्ति श्रीवास (सभी निवासी ग्राम आमगांव) और वनमाली राठिया निवासी ग्राम झरना शामिल हैं। वहीं 2 फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।

कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने इस घटना की निंदा की है। उन्होंने कहा कि, पिछले पौने दो साल में जनता में इतना अविश्वास और विद्रोह बढ़ गया है कि यह सरकार के लिए सोचने का विषय है। वहीं, बीजेपी ने आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने की बात कही है।

दरअसल, मामला 8 दिसंबर 2025 को धौराभाठा में हुई जनसुनवाई के विरोध से जुड़ा है। JPL कोयला खदान सेक्टर-1 कोल ब्लॉक से प्रभावित 14 गांवों के लोग 12 दिसंबर से धरने पर बैठे हुए थे। 27 दिसबंर की सुबह करीब 9 बजे लिबरा चौक पर लगभग 300 ग्रामीण जमा हो गए। सड़क पर बैठकर आने-जाने का रास्ता रोक दिया।

स्थिति बिगड़ती देख सुबह करीब 10 बजे अधिकारी और पुलिस बल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने लोगों को समझाया। धरनास्थल पर लगे टेंट में वापस भेज दिया। कुछ समय बाद भीड़ की संख्या करीब 1000 के आसपास हो गई।

घरघोड़ा के एसडीएम और पुलिस अधिकारी लगातार माइक से लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते रहे, लेकिन भीड़ बार-बार सड़क पर आकर रास्ता रोकने की कोशिश करती रही। करीब दोपहर ढाई बजे अचानक हालात बिगड़ गए। भीड़ ने पुलिस के बैरिकेड तोड़ दिए। पत्थर और डंडों से हमला कर दिया।

पुलिस पर जमकर लाठियां और पत्थर बरसाए गए। तमनार थाना प्रभारी कमला पुषाम को महिलाओं ने लात-घूंसे से पीटा। जिससे कई पुलिसकर्मी और महिला आरक्षक भी घायल हुए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। जिला प्रशासन के मुताबिक उग्र भीड़ ने मौके पर खड़ी पुलिस बस, जीप और एम्बुलेंस में आग लगा दी। कई अन्य सरकारी वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया गया। इसके बाद भीड़ जिंदल के कोल हैंडलिंग प्लांट की ओर बढ़ गई। वहां घुसकर कन्वेयर बेल्ट, दो ट्रैक्टर और अन्य वाहनों में आग लगा दी गई। प्लांट के दफ्तर में भी तोड़फोड़ की गई।

14 गांव के करीब 4 हजार से अधिक लोगों ने आंदोलन किया। उनकी एक ही मांग थी कि कोल ब्लॉक के लिए कराई गई जनसुनवाई निरस्त हो। जिसके बाद जिंदल कंपनी प्रबंधन ने प्रस्तावित कोल ब्लॉक गारे पेलमा सेक्टर-1 के लिए जनसुनवाई नहीं करने का फैसला लिया। 2 जनवरी की रात तमनार पुलिस ने आमगांव का रहने वाला मंगल राठिया उर्फ करम राठिया और चीनेश खम्हारी को गिरफ्तार कर जिला जेल लाया था। इस दौरान महिला आरक्षकों ने पुलिस की गाड़ी रोकी और इनका जुलूस निकालने की मांग की। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें समझाइश देकर जेल परिसर में ले गए और जेल के बाहर के मेन गेट बंद कर दिया

बीजेपी ने इस घटना को दुखद बताया है। बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी ने कहा कि, छत्तीसगढ़ सरकार ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए है। तात्कालिक प्रक्रिया के तहत घटना हुई है या फिर इसके पीछे कोई षडयंत्र है। यहां के लोग शामिल है या फिर बाहर के लोग शामिल है। इसकी जांच की जा रही है। गलत कृत्य करने वाले आरोपियों को सरकार कड़ी सजा देगी।

Leave Your Comment

Click to reload image