भाजपा संगठन में बड़े बदलावों की पटकथा पहले ही लिखी जा चुकी थी: परमजीत बॉबी सलूजा
नया रायपुर।
शुक्रवार 12 दिसंबर को प्रकाशित वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक परमजीत बॉबी सलूजा के लेख पर आज राजनीतिक मुहर लग गई, जब केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री श्री पंकज चौधरी को उत्तर प्रदेश भाजपा का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया। यह नियुक्ति न केवल संगठनात्मक बदलाव है, बल्कि 2027 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर तैयार की गई भाजपा की दीर्घकालिक रणनीति का अहम हिस्सा मानी जा रही है।
अपने लेख में सलूजा ने स्पष्ट किया था कि भाजपा जमीन पर सक्रियता के साथ-साथ सामाजिक, राजनीतिक और भौगोलिक समीकरणों को साधते हुए चुनावी रणनीति बनाती है, जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की भूमिका निर्णायक रहती है। श्री पंकज चौधरी का कुर्मी समाज से आना इसी रणनीति का हिस्सा बताया जा रहा है।
कुर्मी समाज, जो उत्तर प्रदेश में यादव समाज के बाद दूसरा सबसे बड़ा और प्रभावी ओबीसी वर्ग है, लंबे समय तक भाजपा का समर्थक रहा है। हालांकि 2024 के लोकसभा चुनाव में अखिलेश यादव की P.D.A. राजनीति से प्रभावित होकर इस समाज का एक बड़ा हिस्सा समाजवादी पार्टी की ओर झुका, जिसका परिणाम रहा कि सपा से कुर्मी समाज के 07 सांसद लोकसभा में निर्वाचित हुए। भाजपा संगठन इस बदलाव को गंभीरता से लेते हुए इस वर्ग को पुनः अपने साथ जोड़ने की कवायद में जुटा है।
सलूजा ने अपने लेख में यह भी दावा किया था कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में और बड़े फेरबदल देखने को मिल सकते हैं। उन्होंने संकेत दिया कि केशव प्रसाद मौर्य को केंद्र में मंत्री बनाया जा सकता है, जबकि उनके स्थान पर निषाद समाज से आने वाली साध्वी निरंजना ज्योति को उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की संभावना है। वहीं, निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष चौधरी भूपेंद्र सिंह के भी योगी सरकार में शामिल होने के संकेत बताए गए हैं।
लेख में यह भी उल्लेख किया गया है कि मकर संक्रांति के बाद केंद्र सरकार में मंत्रिमंडल पुनर्गठन संभावित है, जिसमें कुछ मौजूदा मंत्रियों को हटाया जा सकता है। साथ ही भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद को लेकर श्रीमती वसुंधरा राजे सिंधिया और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के नाम प्रमुख दावेदारों के रूप में सामने आए हैं।
इसी क्रम में भाजपा द्वारा बिहार सरकार के मंत्री एवं छत्तीसगढ़ संगठन प्रभारी श्री नितिन नवीन को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया जाना भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कायस्थ समाज से आने वाले नितिन नवीन को यह जिम्मेदारी देकर भाजपा ने अपने कोर समर्थक वर्ग को साधने का प्रयास किया है, जिससे धर्मेंद्र प्रधान के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की संभावनाएं और प्रबल होती दिख रही हैं।
परमजीत बॉबी सलूजा ने यह भी दावा किया है कि देश में लोकसभा के मध्यावधि चुनाव होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। वहीं छत्तीसगढ़ में भी सरकार के स्वरूप और नेतृत्व में बदलाव को लेकर मंथन जारी है, जिस पर मार्च के बाद भाजपा आलाकमान निर्णय ले सकता है।
राजनीतिक गलियारों में यह लेख और उस पर सटीक बैठते घटनाक्रम, भाजपा की भविष्य की रणनीति को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दे रहे हैं।
— परमजीत बॉबी सलूजा
नया रायपुर, छत्तीसगढ