रायपुर पुलिस की भूमिका संदिग्ध,SSP से मांगी रिपोर्ट, धर्मांतरण पर बजरंग-दल ने किया था हंगामा
रायपुर
रायपुर के कुकुरबेड़ा में कथित धर्मांतरण को लेकर हुए विवाद के बाद 11 महिलाओं ने बजरंग दल के कार्यकर्ताओं पर मारपीट, बदसलूकी और रेप की धमकी देने का आरोप लगाया है। इस मामले में आज राज्य महिला आयोग में पहली जनसुनवाई हुई।
दरअसल, आज की सुनवाई में सभी 11 महिलाएं आयोग के सामने पेश हुईं। उन्होंने बताया कि पुलिस ने जानबूझकर उनकी शिकायत दबाई और दोषियों को बचाने की कोशिश की। आयोग ने इसे पुलिस की मिलीभगत और पक्षपात की श्रेणी में मानते हुए रायपुर एसपी को पत्र भेजकर तत्काल जांच और रिपोर्ट मांगी है।
आयोग अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने रायपुर एसपी को पत्र लिखकर तल्ख सवाल खड़े किए। डॉ. नायक ने पूछा कि, क्या अब छत्तीसगढ़ के थाने बजरंग दल के इशारे पर चल रहे हैं? पुलिस की भूमिका पूरी तरह संदेह के घेरे में है।
शिकायत में महिलाओं ने बताया कि, कुकुरबेड़ा में एक प्रार्थना सभा को लेकर हिंदू संगठनों ने जबरन धर्मांतरण का आरोप लगाकर हंगामा किया। जब वे शिकायत करने सरस्वती नगर थाने गईं।
पुलिस ने उन्हें थाने की बजाय पुलिस लाइन ग्राउंड में घुमाया और FIR दर्ज नहीं की। 10 दिन बाद, वह भी मामूली धाराओं में FIR दर्ज की गई। वहीं, बजरंग दल के सदस्यों की शिकायत उसी दिन दर्ज कर ली गई, जब वे थाने पहुंचे थे।