पीएमओ तक पहुँचे छत्तीसगढ़ के दो बड़े मामले : ढाबा में शराबखोरी और पत्रकारों से अभद्र व्यवहार पर जांच के आदेश
रायपुर/जांजगीर
छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले से जुड़े दो गंभीर मामले अब प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) तक पहुँच चुके हैं। इनमें पहला मामला नगर के केके ढाबा में खुलेआम शराबखोरी का है, वहीं दूसरा मामला पत्रकारों से अभद्र व्यवहार से संबंधित है। दोनों शिकायतों पर पीएमओ ने जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
ढाबा में शराबखोरी का मामला
अनंत चौदस के दिन नगर के कोरबा रोड स्थित केके ढाबा में भारी संख्या में लोगों को शराब पिलाई जा रही थी। ढाबा में शराब परोसे जाने की तस्वीरें और वीडियो सबूत के तौर पर एकत्र किए गए थे। शिकायत के बावजूद मौके पर पहुँची पुलिस टीम ने बिना कार्रवाई किए लौट जाना उचित समझा। इतना ही नहीं, एक आरक्षक ने पत्रकारों से ही कह डाला कि “आप प्रार्थी बनकर लिखित शिकायत दें, तभी कार्यवाही होगी”।
इस लापरवाही के बाद मामला गंभीर हो गया। लोगों का कहना है कि नशे में धुत भीड़ से शहर के कार्यक्रमों में अनहोनी की आशंका बनी हुई थी। पुलिस की चुप्पी से असामाजिक तत्वों का मनोबल और बढ़ गया। अब यह मामला प्रधानमंत्री कार्यालय पहुँच चुका है और शिकायत क्रमांक PMOPG/E/2025/0135643 दिनांक 09 सितम्बर 2025 पर पंजीकृत है।
पत्रकारों से अभद्र व्यवहार की शिकायत
इसी क्रम में दूसरा मामला पत्रकारों से अभद्र व्यवहार का है। इस संबंध में कुलवंत सिंह सलूजा ने पीएमओ में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में विभिन्न समाचार पत्रों की प्रतियां संलग्न कर बताया गया कि पुलिसकर्मियों ने पत्रकारों के साथ अभद्रता की। इसमें संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।
पीएमओ से जांच के आदेश
प्रधानमंत्री कार्यालय ने दोनों मामलों को गंभीर मानते हुए छत्तीसगढ़ शासन के लोक शिकायत निवारण विभाग को जांच के आदेश दिए हैं। इस संबंध में जिम्मेदारी श्री कैलाश कुमार नेताम, अवर सचिव (Under Secretary), छत्तीसगढ़ शासन को सौंपी गई है। फिलहाल दोनों प्रकरण अंडर प्रोसेस (Under Process) स्थिति में हैं।
लोगों की नजर आगे की कार्रवाई पर जांजगीर-चांपा में खुलेआम शराबखोरी और पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार जैसे मामले पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहे हैं। अब जबकि शिकायतें प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुँच चुकी हैं और जांच के आदेश भी जारी हो चुके हैं, लोगों की नजर आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है।