राजधानी

ED की गिरफ्तारी पर उठाए सवाल: चैतन्य बघेल ने हाई कोर्ट में दायर की याचिक

 शराब घोटाले में संलिप्तता के आरोप में ईडी ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। ईडी की कार्रवाई को चुनौती देते हुए चैतन्य बघेल ने बिलासपुर हाई कोर्ट में याचिका दायर की है।

 बिलासपुर। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल ने बिलासपुर हाई कोर्ट में याचिका दायर कर जमानत देने की मांग की है। दायर याचिका में चैतन्य ने ईडी की कार्रवाई को चुनौती देते हुए राजनीतिक विद्वेषवरा फंसाए जाने का आरोप लगाया है। माचिषय में ईडी की हिरासत को गैर कानूनी बताया है।

शराब घोटाले में एक हजार करोड़ रुपये की कमीशनखोरी के आरोप में ईडी ने पूर्व सीएम भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। ईडी की कार्रवाई को चुनौती देते हुए चैतम्थ ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। दायर याचिका में जमानत की मांग की थी। मामले की सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट में याचिका दायर करने कहा था। सुप्रीम कोर्ट ने बिलासपुर हाई कोर्ट से कहा था कि याचिका दायर करने की स्थिति में उनकी माचिका पर तय समय में सुनवाई प्रारंभ की जाए।

चैतन्य बघेल के साथ ही पूर्व सीएम ने शराब पोटाला, कोल रकैम व महादेव सट्टा एप में संलिप्तता के आरोप में ईडी द्वारा गिरफ्तारी की  आशान्का जताते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। पिता व पुत्र की मामले पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने पिता व पुत्र को हाई कोर्ट में माचिका दायर करने कड़ा था। माना जा रहा है कि पुत्र की याचिका के बाद पूर्व सीएम भूपेश बघेन की ओर से भी हाई कोर्ट में याचिका दायर की जाएगी।, सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ सरकार से पूछा- क्या

सिर्फ आरोपी को जेल में रखना ही उपाय है?

शराब घोटाले के आरोप में जेल में बंद चैतन्य बघेल की रिमांड 14 दिन बढ़ी-

शराब घोटाले के आरोप में रायपुर सेंट्रल जेल में बंद चैतन्य बघेल की रिमांड 14 दिन के लिए स्पेशल कोर्ट ने बढ़ा दी है। कोर्ट के आदेश के बाद चैतम्य को 18 अगस्त तक 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। 14 दिन की रिमांड सखत्म होने के बाद चैतन्य को सोमवार को ED की स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया था। छत्तीसगढ़ में शराब, कोयला घोटाला और महादेव सट्टा रेप मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी ED के निशाने पर हैं। प्रवर्तन निदेशालय ED, आर्थिक अपराध शाखा EOW और केंद्रीय जांच ब्यूरो CBI घोटाले की अपने अपने स्तर पर जांच कर रही है।

गिरफ्तारी से बचने भूपेश बघेल ने सुप्रीम कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका लगाई थी। पूर्व सीएम की ओर दो अलग-अलग अग्रिम जमानत याचिका लगाई दायर की गई थी। जिसमें एक ED और उनके उप निदेशक के खिलाफ है। दूसरी याचिका CBL छत्तीसगढ़ राज्य और उत्तर प्रदेश राज्य के खिलाफ है।

ED ने चैतन्य पर लगाए ये आरोप

शराब घोटाले में पूछताछ में शराब कारोबारी लक्ष्मी नारायण बंसल उर्फ पप्पू ने LOW की बयान दिया था कि, उसने और चैतन्य मौल में मिलान 1000 करोड़ से ज्यादा घोटाले की रकम को हँडल किया। यह रकम अनवर ढेबर  ने दीपेन को पहुंचाया। यह पैसा बाद में राम गोपाल अग्रवाल को दिया गया।

इसकी व्यवस्था चैतन्य  के साथ मिलकर की गई और चैतन्य  के कहने पर 1000 करोड़ में से 100 करोड नगद केके श्रीवासाव को दिया गया। पप्पू बसल ने पूछताछ में ये भी बताया कि शराब घोटाले में 3 महीने में 136 करोड़ रुपए मिले हैं। अनवर ढेबर और नीतेश पुरोहित के बीच बैठक में हुई बातचीत में इसकी जानकारी है। त्रिलोक सिंह दिल्ली ने अपने कर्मचारियों के नाम पर 5 करोड़ देकर बघेल डेवलपर्स' से 19 फ्लैट खरीदे जो ED के मुताबिक फर्जी खरीदी है।

ब्लैक मनी को किया व्हाइट-
 
ईडी ने चैतन्य बघेल पर आरोप गया है. शराब घोटाले से मिले ब्लैक मनी को व्हाइट करने के लिए अपने रियल स्टेट के धंधे में लगाए हैं।

Leave Your Comment

Click to reload image