राजधानी

आत्मानंद विद्यालय शिक्षक भर्ती बना मजाक, बलौदा बाजार में प्रक्रिया पर उठ रहे हैं कई सवाल

  गोविंद राम जिला ब्यूरो रिपोर्ट,


 बलौदाबाज़ार। जिले के आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम  शिक्षक भर्ती प्रक्रिया अब आपके लिए उपयुक्त है। पांच महीने पहले जारी की गई भर्ती आज तक पूरी नहीं हो पाई है। भर्ती प्रक्रिया की गति धीमी हो गई है और बार-बार भर्ती प्रक्रिया अब अभ्यर्थियों के धैर्य की परीक्षा ले रहे हैं, वहीं जिला प्रशासन की कार्यशैली पर भी गंभीर सवालचिन्ह दे रहे हैं।

17 से 20 जून तक मध्य जिलों के 16 आत्मानंद अभिलेखों के लिए 88 दस्तावेजों पर दस्तावेज़ सत्यापन की प्रक्रिया आयोजित की गई थी। सूची के आधार पर 1:10 के अनुपात में लगभग 600-700 लोगों को बुलाया गया था, जिसमें 200 से अधिक उम्मीदवार शामिल थे। लेकिन अब, एक महीने बाद फिर से दस्तावेज़ सत्यापन की घोषणा में भर्ती प्रक्रिया की पात्रता पर सवाल कर दिए गए हैं।

क्या इसमें किसी डेवलपर सेटिंग या अपने पसंदीदा लोगों को शामिल करने की कोशिश नहीं की जा सकती?

क्या भर्ती प्रक्रिया में पात्र पात्र को शामिल किया जा सकता है?

नौकरी के बाद भी बेरोजगारी का ढांचा क्यों?

यह भी ध्यान देने योग्य बात है कि जब देश में बेरोजगारी चरम पर है, तब भी इतनी कम दावेदारी के लिए आवेदन दाखिल क्यों करें? इसके दो स्पष्ट कारण हो सकते हैं:

1. भर्ती प्रक्रिया में देरी और अज्ञातता के कारण कई अभ्यारण्यों ने अन्य स्नातकों में नौकरी पकड़ ली होगी।

2. जिन जीन ने नहीं आना चुना, संभावित उन्हें इस पद में कोई विशेष रुचि नहीं थी।

क्या पात्रता समायोजन के लिए एक और अवसर दिया गया?

अब तक जिन छात्रों को पहले पात्र माना जाता था, वे अब डिग्री या पिछड़ गए (D.El.Ed, B.Ed) पूरी तरह से कर दिए गए। प्रश्न यह भी प्रमाणित करता है कि इस बीच ग़रीब डिग्री या आधारभूत प्रमाण पत्रों का सहारा लेकर कोई नई पात्रता का दावा करने की कोशिश क्यों की जा रही है?

पालकों एवं विद्यार्थियों में रोष प्रदर्शन

शैक्षणिक सत्र शुरू हुए एक माह से अधिक का भुगतान हो चुका है, लेकिन अब तक आत्मानंद आश्रम में किसी भी तरह से शिक्षक की नियुक्ति नहीं हो पाई है। छात्रों और पालकों में रोष है। लगभग 10-12 दिन पहले शिक्षक भर्ती की मांग को लेकर छात्रों ने स्टॉक एक्सचेंज भी किया था।

भर्ती प्रक्रिया में फ्लैट्स की दुकानें

बलौदामार्केट की यह शिक्षक भर्ती प्रक्रिया अब एक मजाक बन गई है। यदि दस्तावेज़ दाखिल करने से पहले ही उपयुक्त उम्मीदवार मिल गए थे, तो दस्तावेज़ प्रक्रिया आयोजित करने के लिए नामांकन में पूरक की कमी और बेहतर खेल का संकेत दिया गया है। जिला प्रशासन को चाहिए कि वह इस पर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करे और समय सीमा में भर्ती पूरी करे।

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