राजधानी

छत्तीसगढ़ में सरकारी कर्मचारियों पर गिरी गाज: रिश्वतखोर डॉक्टर बर्खास्त, लापरवाह शिक्षक सस्पेंड, सभी अलग अलग जिलो..

छत्तीसगढ़ में सरकारी अनुशासन को लेकर राज्य शासन अब सख्त एक्शन मोड में आ चुका है। लापरवाही और भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाने पर दो अलग-अलग जिलों के सरकारी कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की गई है। एक शिक्षक को सस्पेंड कर दिया गया है, तो वहीं एक डॉक्टर को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है।

जांजगीर-चांपा: बच्चों से करवाई धान की छंटाई, शिक्षक निलंबित
हाल ही में सरकारी प्राथमिक स्कूल सिलादेही का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें शिक्षक बच्चों से पढ़ाई के बजाय धान छंटाई का काम करवा रहा था। यह वीडियो जिला पंचायत उपाध्यक्ष के निरीक्षण के दौरान सामने आया और सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ।

वीडियो की पुष्टि होते ही जिला शिक्षा अधिकारी ने जांच के आदेश दिए।

दोषी पाए जाने पर शिक्षक गोपीकुमार तिवारी को तत्काल सस्पेंड कर दिया गया है।

धमतरी: रिश्वतकांड में दोषी डॉक्टर की बर्खास्तगी
धमतरी जिले के जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. एम.ए. नसीम को शासन ने सेवा से निष्कासित कर दिया है।

2014 में ACB ने उन्हें रंगे हाथ रिश्वत लेते हुए पकड़ा था।

2018 में कोर्ट ने उन्हें दोषी करार देते हुए 1 साल की सजा और ₹15,000 का जुर्माना भी लगाया था।

11 साल बाद शासन ने सख्त निर्णय लेते हुए उनकी नौकरी समाप्त कर दी।

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राज्य शासन ने दिए स्पष्ट संकेत
इन कार्रवाइयों से यह साफ है कि छत्तीसगढ़ सरकार अनुशासन और ईमानदारी के मामले में जीरो टॉलरेंस नीति अपना रही है। चाहे भ्रष्टाचार हो या छात्रों के भविष्य से खिलवाड़, कोई भी लापरवाह कर्मचारी बख्शा नहीं जाएगा।

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