राजधानी

एकलव्य आवासीय स्कूल के स्टूडेंट्स बिजली-पानी-भोजन की समस्या से परेशान, कलेक्टर से मिलने 5KM पैदल चले छात्र

छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में स्कूली छात्र-छात्राएं अपनी समस्याओं को लेकर कलेक्टर से मिलने 5 किमी पैदल चले। उन्हें पुलिस-प्रशासन ने रोकने की कोशिश की, लेकिन वो माने नहीं। फिर प्रशासन ने 4 छात्रों को कलेक्टर दीपक सोनी से मिलवाया। मामला सोनाखान स्थित एकलव्य आवासीय स्कूल का है।

जानकारी के मुताबिक, सोमवार सुबह 7 बजे स्टूडेंट बिजली, पानी और भोजन की समस्या को लेकर बस से 70 किमी के सफर पर निकल पड़े। जैसे ही जिला प्रशासन को जानकारी मिली, तो कसडोल एसडीएम रामरतन दुबे, आदिम जाति कल्याण विभाग के सहायक आयुक्त सूरजदास मानिकपुरी और पुलिस ने नाकेबंदी कर छात्रों को रोकने का प्रयास किया।

समझाइश के बावजूद छात्र नहीं माने और पैदल ही बलौदाबाजार की ओर चल पड़े। छात्रों के पीछे एसडीएम, तहसीलदार और पुलिस की टीम भी चलती रही। छात्र करीब 5 किलोमीटर चलकर डोंगरीडीह गांव में रुके। उनकी मांग थी कि वे अपनी समस्याएं सीधे कलेक्टर के सामने रखेंगे।

हालांकि, बाद में कसडोल एसडीएम सरकारी वाहन से 4 छात्रों को बैठाकर कलेक्ट्रेट ले गए। जहां छात्रों ने कलेक्टर से मिलकर अपनी बात रखी।

छात्रों के अभिभावकों का कहना है कि बिजली, पानी और भोजन की समस्या पिछले 3-4 साल से बनी हुई है। हर साल केवल आश्वासन मिलता है, समाधान नहीं। अभिभावकों ने चेतावनी दी है कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।

इस मामले में कलेक्टर दीपक सोनी ने कहा कि, बच्चों की समस्या बिजली, पानी और अंक सूची में त्रुटि का था। जिसको लेकर आज बच्चे आए थे, तो उनका बिजली पानी की समस्या का तत्काल निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को भेजा गया है।

उन्होंने बताया कि, जंगल से होकर बिजली गुजरी है, इसलिए बारिश के समय समस्या हो जाती है। वहीं, कुछ बच्चों के बोर्ड के अंकसूची में त्रुटि है। जिसे संस्था प्रमुख के माध्यम से सुधारने के लिए भेजा जा चुका है।

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