जिला
स्वामी विवेकानंद उद्यान ग्रुप ,चांपा द्वारा वृक्षारोपण ! जिंदगी की तलाश में हम मौत के कितने पास आ गए हैं - राजेन्द्र जायसवाल।
चांपा
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर स्वामी विवेकानंद उद्यान ग्रुप चांपा द्वारा विवेकानंद उद्यान में वृक्षारोपण किया गया पेड़ वन विभाग के कर्मचारी एस के सिंह द्वारा प्रदान किया गया । जिसमें ग्रुप के प्रमुख राजेन्द्र जायसवाल राज्यपाल से पुरस्कृत शिक्षक ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर संदेश में कहां
जिंदगी की तलाश में हम मौत के कितने पास आ गये । आजकल लोगो को लगता हैं, कि ऐसी, कुलर, पंखा, आदि के सहारे जीवन कट रही हैं, तो ये हम सबकी भुल हैं । राजेन्द्र जायसवाल ने कहा कि आने वाला समय बहुत भयावह होगा , जिसका अनुमान लगाना नामुमकिन हैं । राजेन्द्र जायसवाल राज्यपाल पुरूष्कृत शिक्षक एवं नव जागृति पर्यावरण संगठन के अध्यक्ष चांपा ने निवेदन किया हैं कि आने वाले बरसात के समय अपने आस पास 2 पौधा (बृक्ष) अवश्य लगाएं । आज भारत मे लगभग 400 से 500 करोड़ बृक्ष की आवश्यकता है। नही तो अभी ये शुरुआत में 45°सी से 50°सी जाता है जिसे आगे 55°सी से 60°सी होते देर नही लगेगी । 56/57°सी पर इंसान जीवित नही रहेगा , इसलिये अभी से समझकर पौधे लगाने शुरू करे, क्योकी एक पौधे को तैयार होने मे लगभग 6 साल का समय लगता हैं । अब बारिस आने वाली हैं कृपया 2 पौधा आवश्य लगाए, याद रखे, सबको बतलाएं बृक्ष ही जीवन हैं धन्यवाद कृपया 2 लोगो को ये संदेश आवश्य भेजे, ताकी ये संदेश आगे बढ़ता रहे । जानकारी साझा करना हमारा कर्तव्य हैं ।
पर्यावरण की रक्षा करना हमारा कर्तव्य हैं - पुरुषोत्तम शर्मा, पूर्व नपा उपाध्यक्ष चांपा ।
पर्यावरण दिवस के अवसर पर पुरुषोत्तम शर्मा पूर्व नगर पालिका उपाध्यक्ष ने भी अपने परिवार व ग्रुप के साथ उद्यान के मुख्य गेट के पास अशोक पेड़ लगाकर हरियाली का संकेत दिया और कहा पौधे की रक्षा करना हमारा कर्तव्य है । पर्यावरण के कार्यक्रम सफल बनाने में और पौधे लगाने में परमेश्वर स्वर्णकार राष्ट्रपति पुरूष्कृत शिक्षक , कृष्ण कुमार देवांगन जी शासकीय टाउन कन्या पूर्व माध्यमिक शाला चांपा के अध्यक्ष , एस के सिंग वन विभाग, रूपनारायण यादव, शिवराज जायसवाल, रामकिशन देवांगन, लक्ष्मी देवांगन, सुनील कुमार पटेल, बहादुर देवांगन राजेन्द्र जायसवाल ,हरि प्रसाद विश्वकर्मा, कृष्ण कुमार देवांगन, रूपनारायण यादव, बहादुर देवांगन ,शिवराज जायसवाल ताड़ी वाला , रामकिशन देवांगन,लक्ष्मी चन्द देवांगन, बसंत महंत, राजेश देवांगन,गार्डन के सेवक सुनील पटेल जी, श्रीमती कामिनी जायसवाल ,श्रीमती पुष्पा देवांगन श्रीमती शांति देवांगन, श्रीमती द्रौपदी देवांगन, श्रीमती संगीता देवांगन ,मुन्नी देवांगन, गायत्री देवांगन, आशा देवांगन, हेमा देवांगन, शारदा राजपूत , शीतल देवांगन, अनुसुइया देवांगन ,चन्द्रा साहू, भानू विश्वकर्मा,पूरन सिहं राजपूत, नरेन्द्र सिंह, अनिल देवांगन, दयाराम थवाईत, कल्लू विश्वकर्मा,डॉ जी पी दुबे, विजय लहरे जिला शिक्षा अधिकारी महासमुंद, शिव हंसराज, संजय महाराज श्रीया फोटो ,विनोद भाई गैस एजेन्सी,धनीराम वाद्यक, ठाकुर देवांगन पूनम राय, जब्बल मैम ,रोहित चन्द्रवंशी, विरेंद्र सिंह यादव आदि वृक्षारोपण कार्यक्रम में उपस्थित थे ।
महतारी वंदन योजना की राशि के लिए अब जरूरी है डीबीटी इनेबल खाता पात्र महिलाएं डीबीटी के लिए कराएं अपना आधार अपडेट
विकास कुमार यादव- बिहान छत्तीसगढ़
बलरामपुर- महतारी वंदन योजना राज्य शासन द्वारा प्रदेश में महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ राज्य के महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिये शुरू की गई एक महत्वपूर्ण पहल है। योजना का उद्देश्य विवाहित, विधवा, तलाकशुदा और परितयक्ता महिलाओं को वित्तीय सहायता प्रदान करना है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सके। वर्तमान में राज्य शासन द्वारा निर्णय लिया गया है कि माह मई 2025 से महतारी वंदन योजना की राशि का भुगतान केवल आधार बेस्ड डीबीटी के माध्यम से ही किया जावे तथा जिन हितग्राहियों के बैंक खाते डीबीटी अनेबल नही हुये है उनके खाते डीबीटी अनेबल होने पर लंबित माहों की सहायता राशि का भुगतान एक साथ किया जावेगा। योजना अंतर्गत पात्र हितग्राही जिनका बैंक खाता आधार लिंक/डीबीटी इनेबल नही है
उनकों योजना का लाभ नही मिल पा रहा है।
प्रत्येक नागरिक को अपना आधार 10 वर्षों में अपडेट करने की आवश्यकता होती है। अपडेट नही किये जाने के फलस्वरूप आधार के माध्यम से सबंधितों को भुगतान की प्रक्रिया संपादित नही हो पाती है। इसी अनुक्रम में कई हितग्राहियों के भुगतान निष्क्रीय आधार होने के फलस्वरूप भुगतान कैंसल हुआ है। इस संबंध में महिला एवं बाल विकास अधिकारी ने जिले के पात्र हितग्राही को आधार सेंटर में जाकर अपने पहचान एवं निवास प्रमाण पत्र अपलोड कराकर आधार अपडेट कराने को कहा है। अधिक जानकारी हेतु प्रत्येक विकासखण्ड स्तर पर सुपरवाईजर, बाल विकास परियोजना अधिकारी से संपर्क कर सकते है।
कलेक्टर ने वृक्षारोपण कर दिया अवश्य मतदान करने का संदेश हर पेड़ की जड़ की तरह भी प्रत्येक वोट लोकतंत्र की मजबूती का प्रतीक
विकास कुमार यादव- बिहान छत्तीसगढ़
बलरामपुर -कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी राजेंद्र कटारा के निर्देशन में जिले के सभी मतदान केन्द्रों में लोकतंत्र की नींव मजबूत किए जाने के संदेश को जन-जन तक फैलाने के उद्देश्य से वृक्षारोपण का कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कलेक्टर श्री कटारा ने विश्व पर्यावरण दिवस अवसर पर संयुक्त जिला कार्यालय परिसर में आम का के पौधे का रोपण किया। इस दौरान अपर कलेक्टर आर.एस. लाल, आर.एन. पाण्डेय ने भी वृक्षारोपण किया।
कलेक्टर ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों, सभी नागरिकों से निर्वाचन के दौरान अपने मताधिकार का उपयोग अवश्य करने को कहा। साथ ही जिनका नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं है, वे अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज कराएं। इसके लिए संबंधित बीएलओ अथवा ऑनलाइन मोबाइल एप वोटर हेल्पलाइन के माध्यम से आवेदन किए जा सकते हैं।
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा बताया गया कि जिस प्रकार एक वृक्ष की मजबूती उसके जड़ पर निर्भर करती है, ठीक उसी प्रकार इस लोकतंत्र की नींव हम सभी मतदाता हैं। इसलिए हम सभी मतदाताओं को अपने मताधिकार का प्रयोग कर लोकतंत्र को मजबूत करना होगा।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिले के मतदान केन्द्रों के परिसर में बूथ लेवल अधिकारियों के माध्यम से नव मतदाताओं, जिनका नाम मतदाता सूची में प्रथम बार दर्ज हुआ है एवं 80 वर्ष से अधिक के मतदाताओं से वृक्षारोपण कराया गया और मतदान करने का संकल्प भी लिया गया। इस दौरान उप जिला निर्वाचन अ
सरकार की ओर से चलाया जा रहा विकसित कृषि संकल्प अभियान हमारे क्षेत्र के किसानों के लिए निसंदेह फायदेमंदः- कृषि मंत्री रामविचार नेताम
बिहान छत्तीसगढ़ प्रतापपुर संवाददाता सुरज निर्मलकर
प्रतापपुर/05 जून 2025
आज प्रतापपुर के आ.जा.से.सह. समिति में आयोजित विकसित कृषि संकल्प कार्याक्रम में कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। जहां उन्होंने कृषक बंधुओं को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार कृषि और इससे जुड़े इससे क्षेत्रों फसलों का उत्पादन बढ़ाने में तैयार है। उन्होंने कहा सरकार की ओर से चलाया जा रहा विकसित कृषि संकल्प अभियान हमारे क्षेत्र के किसानों के लिए निसंदेह फायदेमंद होगा। उन्होंने आगे कहा इस अभियान के तहत केंद्र और राज्य सरकार के कृषि वैज्ञानिक किसानों से सीधा संवाद कर रहे हैं। वे उन्नत और संतुलित कृषि की जानकारी किसानों को दे रहे हैं। यह अभियान किसानों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कृषि में विविधिकरण को बढ़ावा देने वाली तकनीकों प्राकृतिक खेती, कृषि में ड्रोन का उपयोग, पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य पालन इत्यादि, प्रमुख विषयों पर कृषकों को जानकारी देने के लिए यह अभियान बहुत उपयोगी साबित होगा। इस अभियान के तहत इन सभी विषयों पर किसानों के साथ चर्चा हो रही है और उनकी जिज्ञासाओं का उपयुक्त समाधान भी संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा किया जा रहा है। इस अभियान का त्वरित लाभ किसानों को आगामी खरीफ की फसलों पर होगा।
मंत्री श्री रामविचार नेताम द्वारा पर्यावरण दिवस पर समिति परिसर में आम का पौधे भी रोपण किया गया। कार्यक्रम में मंत्री श्री रामविचार नेताम द्वारा किसानों से खेती के संबंध में विशेष चर्चा की गई। मंत्री ने दलहन-तिलहन क्षेत्र विस्तार, गन्ना क्षेत्र विस्तार, पी.एम. किसान योजनान्तर्गत शतप्रतिशत किसानों को लाभांवित करने, स्वायल हेल्थ कार्ड योजनान्तर्गत शतप्रतिशत लाभ दिलाने, अदरक की खेती को बढ़ावा देने, सरसों क्षेत्र विस्तार, मिलेट की खेती को बढ़ावा देने एवं नकली खाद-बीज विक्रय करने वाले निजी एवं सहकारी दूकानों पर कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया है। शिविर में 50 स्वायल हेल्थ कार्ड, 05 स्प्रेयर, 04 पेट्रोल पम्प, 08 के.सी.सी., 06 नलकूप हेतु अनुदान किसान समृद्धि योजनान्तर्गत पंजीयन, 15 किसानों को बीज, 12 किसानों को खाद, 205 फलदार पौधे एवं 3506 विभागीय योजनाओं के पम्पलेट वितरण किया गया। शिविर में लगभग 612 किसान शामिल हुए थे।
शिविर में कलेक्टर श्री एस जयवर्धन ने जिले के किसानों से विकसित कृषि संकल्प अभियान में सक्रिय सहभागिता कर, उन्नत खेती अपनाने और शासन की योजनाओं का लाभ लेते हुए अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने की अपील की।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती चंद्रमणि पैकरा, प्रतापपुर नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मानती सिंह, जरही नगर पंचायत अध्यक्ष श्री पूरन राजवाडे व अन्य जनप्रतिनिधि एवं संबंधित अधिकारीगण उपस्थित थे।
विकसित कृषि संकल्प अभियान के अंतर्गत जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों में शिविरों का आयोजन दो पालियों में किया गया। इन शिविरों का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक कृषि पद्धतियों से अवगत कराना, उनकी समस्याओं का समाधान करना और नवीन तकनीकों के प्रति जागरूक करना रहा।
पूर्वांह में तीन स्थानों पर लगे शिविर
प्रातःकालीन सत्र में प्रतापपुर, नवापारा और रामानुजनगर में शिविर आयोजित किए गए। प्रतापपुर शिविर में प्रतापपुर, डुमरखोली, बरौल, शिवपुर, बैकोना, रामपुर, खजुरी, अमनदोन, करंजवार, खोरमा, खैराडीह, सिलौटा सेमरा कला, सतौर और गोटगवां ग्रामों के कृषक शामिल हुए। नवापारा शिविर में नवापारा, खड़गवां, सोनपुर, बिरमताल, जूर डबरीपारा और गंगौटी ग्रामों के किसान पहुंचे और रामानुजनगर शिविर में रामानुजनगर, सरईपारा, कौशलपुर, शिवपुर ग्रामों के कृषक शामिल हुए।
अपरांह में आयोजित हुए तीन और शिविर
दोपहर के सत्र में मानी, सोनपुर बंजा और पतरापाली में शिविर लगाए गए। मानी शिविर में मानी,खुंशी,पहिया, मझगवां, लोलकी, रमगवां के किसान उपस्थित रहे। सोनपुर बंजा शिविर में बंजा, शिवप्रसादनगर, बांसापारा और भवराही ग्राम शामिल थे। पतरापाली शिविर में पतरापाली,अक्षयपुर, द्वारिकापुर, दवना, पम्पानगर, पटना, साल्ही, राजापुर, जगरनाथपुर, रामपुर, सेन्दुरी और सागरपुर ग्रामों के किसान पहुंचे।
प्रेस क्लब अध्यक्ष सलूजा ने पत्रकारों के खिलाफ मामले वापस लेने की मांग की
हरदीप सिंह सलूजा ब्यूरो जांजगीर- चांपा
चाम्पा, प्रेस क्लब के अध्यक्ष कुलवन्त सिंह सलूजा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं महामहिम राष्ट्रपति को पत्र भेजकर बताया है कि भारत में स्वतंत्र पत्रकारिता पर एक नया खतरा मंडरा रहा है। पिछले एक दशक में पत्रकारों के खिलाफ कानूनी कार्यवाहियों में खतरनाक इज़ाफा हुआ है, जो पत्रकारों की स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति के अधिकार के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। एक शोध रिपोर्ट में 2012 से 2022 के बीच 427 पत्रकारों के खिलाफ दर्ज 423 मामलों का विश्लेषण किया गया है।
भारत में पत्रकारों के खिलाफ आपराधिक मुकदमों का चलन चिंताजनक स्तर तक बढ़ चुका है। यह एक शोध परियोजना का हिस्सा है, जिसे नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, ट्रायलवॉच और कोलंबिया लॉ स्कूल के ह्यूमन राइट्स इंस्टीट्यूट ने मिलकर तैयार किया है।

स्थानीय पत्रकारों पर सबसे ज़्यादा मार छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, कश्मीर, असम और झारखंड जैसे राज्यों में सबसे ज़्यादा मामले सामने आए हैं
गिफ्तारी, समन, और मानसिक उत्पीड़न रिपोर्ट से यह भी पता चला है कि पत्रकारों को सिर्फ क़ानूनी जाल में फंसाया नहीं जा रहा, बल्कि उन्हें मानसिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से तोड़ा जा रहा है। बार-बार पुलिस समन
तकनीकी उपकरणों की जब्ती
लंबी जमानत प्रक्रियाएं
कोर्ट में सालों तक चलते मुकदमे
उन्होंने आगे बताया है कि
दिल्ली की स्वतंत्र पत्रकार नेहा शर्मा बताती हैं:
अधिकतर पत्रकारों ने कोविड-19 के दौरान अस्पतालों की हालत पर रिपोर्टिंग की। तीन महीने बाद पत्रकार के खिलाफ आपराधिक केस दर्ज हुआ। और लैपटॉप जब्त कर लिया गया, और तीन बार उन्हें थाने बुलाया गया।”
न्यायिक देरी और करियर की तबाही अनेक मामलों में चार्जशीट तक दाखिल नहीं होती, लेकिन मामला सालों तक अदालतों में लटका रहता है। इस बीच पत्रकारों का करियर रुक जाता है, मानसिक स्वास्थ्य बिगड़ता है, और आर्थिक दबाव उन्हें पेशा छोड़ने पर मजबूर करता है।
इससे लोकतंत्र की बुनियाद पर वार हो रहा है
सलूजा ने बताया है कि विशेषज्ञ मानते हैं कि यह प्रवृत्ति केवल पत्रकारों पर हमला नहीं, बल्कि लोकतंत्र की संरचना पर सीधा प्रहार है।
प्रो. अर्पिता सेन, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी से जुड़ी इस शोध परियोजना की प्रमुख, कहती हैं:
“पत्रकार लोकतंत्र की आंख और कान हैं। यदि उन्हें डराकर चुप कराया जाएगा, तो देश की आम जनता अंधेरे में रह जाएगी।”
सलूजा ने मांग की है कि
कानून के अनुसार
भारत के संविधान का अनुच्छेद 19(1)(a) अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की गारंटी देता है, लेकिन ज़मीनी हकीकत में पत्रकारों को इसी अधिकार के इस्तेमाल पर दंडित किया जा रहा है।
सिफारिशें: समाधान की ओर एक कदम शासन को आगे बढ़ना चाहिए रिपोर्ट कुछ स्पष्ट सिफारिशें करती है जैसे एफआईआर दर्ज करने से पहले स्वतंत्र समीक्षा तंत्र हो।
पत्रकारों के मामलों की फास्ट-ट्रैक सुनवाई सुनिश्चित की जाए।
पुलिस को मीडिया मामलों की जांच में विशेष दिशा-निर्देश दिए जाएं।
न्यायपालिका को सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
पत्रकारिता अपराध नहीं है, और सवाल पूछना देशद्रोह नहीं होना चाहिए। यदि सच बोलने वालों को ही कटघरे में खड़ा किया जाएगा, तो झूठ अपने आप विजेता बन जाएगा। “Pressing Charges” जैसी पहलें न केवल आँकड़े सामने लाती हैं, बल्कि हमें चेतावनी देती हैं कि अगर अब नहीं चेते, तो कल शायद बहुत देर हो जाएगी।
साइकिल कि प्रासंगिकता और उपयोगिता हमेशा बनी रहेगी पालिकाध्यक्ष प्रदीप नामदेव की पुरानी साइकिल वाली तस्वीर सोशल मीडिया पर छाई रही
हरदीप सिंह सलूजा ब्यूरो जांजगीर- चांपा
चांपा
विश्व साइकिल दिवस के अवसर पर नगर के स्वतंत्र पत्रकार एवं पालिकाध्यक्ष प्रदीप नामदेव के पुराने मित्र अनंत थवाईत ने तीस पैंतीस वर्ष पुरानी तस्वीरों के साथ अपनी यादों को साझा किया इस संबंध मे संपादक कुलवंत सिंह सलूजा से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि साइकिल की प्रासंगिकता एवं उपयोगिता हमेशा से बनी रही है . पुरानी फिल्मों मे साइकिल के साथ नायक नायिकाओं को गीत गाते हुए बड़ी खुबसूरती के साथ फिल्मांकन किया गया है. डाकिया का नाम लेते ही साइकिल के साथ थैला लटकाए डाकिया की तस्वीर मानस पटल पर उभर आती है . साइकिल राजनीतिक दल की भी पसंद बनी हुई है समाजवादी पार्टी ने साइकिल चिन्ह के साथ उत्तर प्रदेश और केन्द्र मे सरकार भी चलाया है . साइकिल से ही फेरी वाले गांव-गांव घूमकर अपने सामानों की बिक्री करते हुए जीवन यापन करते हैं .
अनंत थवाईत ने नब्बे के दशक मे अपने अखबार वितरण को याद करते हुए कहा कि वे सबेरे सबेरे साइकिल से ही अख़बार वितरण किया करते थे.आज भी अखबारों के वितरक साइकिल का ही उपयोग करते हुए सभी के घरों में अखबार पहुंचाने का काम करते हैं.खैर..अनंत थवाईत ने विश्व साइकिल दिवस पर जो बातें साझा की उसे हम यहां ज्यों का त्यों प्रस्तुत कर रहे हैं..
.संपादक कुलवंत सिंह सलूजा
मित्रों किशोरावस्था और युवावस्था के दौरान आने जाने के लिए सफर में साइकिल हमारे अभिन्न साधन हुआ करती थी। हम स्कूल कालेज के दिनों मे साइकिल से ही आना जाना किया करते थे.उन दिनों हम पंद्रह बीस किलोमीटर की यात्रा साइकिल से ही सहज रुप से कर लिया करते थे .आज विश्व साइकिल दिवस के अवसर पर स्मृति पटल पर पुराने दिनों की स्मृतियां उभर आई । और पालिकाध्यक्ष प्रदीप नामदेव की साइकिल वाली पुरानी तस्वीर के साथ हम मित्रों की साइकिल वाली तीस वर्ष से भी अधिक पुरानी तस्वीरों के साथ कुछ बातें भी आप सबसे साझा कर रहा हूं
बचपन से लेकर जवानी की कहानी को समेटे,इतिहास का पहिया घुमाता यह साइकिल विविध प्रसंगों ,अवसरों का साक्षी है.. कभी चाय दूकान मे तो कभी चौक चौराहों पर अपनी सवारी की उपस्थिति का एहसास कराता यह साइकिल स्कूल कालेज के जमाने मे भी नए नए गुल खिलाती थी एक ओर यह साइकिल शासन प्रशासन के विरोध मे निकाली गई रैली मे शामिल होती थी तो वहीं दूसरी ओर कालेज के सुनहरे दिनों मे जब साइकिल सवार कक्षा मे अध्ययन कर रहा होता तो कालेज की कुछ फुलझडियां इस साइकिल को स्पर्श करके अपनी ख्वाबों को भी सजाती थी । साइकिल के पहिए के ऊपर मटगाड रबड़ पर आंखों के चित्र और "सुनयना" लिखा शब्द चर्चा का विषय हुआ करती थी । एक रंगकर्मी से लेकर सत्ताधर्मी तक के सफर मे भी प्रदीप नामदेव के संग इस साइकिल की खास भूमिका रही है । पालिका चुनाव मे पार्षद चुनने के बाद "प्रदीप भाई" का दस वर्ष तक इसी साइकिल ने पालिका कार्यालय आने जाने के लिए साथ निभाया और वे जब पालिकाध्यक्ष चुनाव मे विजयी होकर अध्यक्ष पद का शपथ लेने के लिए पालिका कार्यालय की ओर रवाना हुए तब भी इस साइकिल ने उनका साथ निभाया । उनकी साइकिल दो बार चोरी भी हुई और मिल भी गई थी ।
खैर...!
आज विश्व साइकिल दिवस के अवसर पर ,साइकिल चलाने से हमारे जीवन और स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ता है इस बारे मे भी खुब चर्चा हो रही है .तो ऐसे समय मे मुझे बीते दिनों की साइकिल चलाने वाली बातें याद आ गई.और उसे आप सबसे साझा कर दिया.
और हां एक बात और तस्वीरों मे दिखाई दे रहे साइकिल सवार समाजवादी पार्टी के साइकिल सवार नहीं है बल्कि ये सभी भाजपा के विचार धारा को धारण कर इस साइकिल से प्रचार प्रसार करने वाले रहे हैं .
विश्व पर्यावरण दिवस की सार्थकता वृक्षों की रक्षा करना हमारी जीवन में सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है ....डॉ. क्रांति खूंटे
हरदीप सिंह सलूजा ब्यूरो जांजगीर- चांपा
विश्व पर्यावरण दिवस की सार्थकता वृक्षों की रक्षा करना हमारी जीवन में सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है ....डॉ. क्रांति खूंटे..... कसडोल, अन्तर्राष्ट्रीय महिला पुरुस्कार से सम्मानित डॉ. क्रांति खूंटे ने विश्व पर्यावरण दिवस पर हमारे प्रतिनिधि को एक विशेष भेंट में बताया है कि विश्व पर्यावरण दिवस पर हम सभी देशवासियों वृक्षों के रक्षा कर पर्यावरण पर विशेष ध्यान रखना चाहिए क्योंकि वृक्षों से ही हम शुद्ध वातावरण से अपनी जीवन की रक्षा कर सकते हैं, क्योंकि वृक्षों से ही पर्यावरण की रक्षा की जा सकती है जिससे हम अपनी जीवन शैली को बदल सकते हैं,डॉ. क्रांति खूंटे ने आगे बताया है कि पर्यावरण की सुरक्षा और संरक्षण हेतु पूरे विश्व में पर्यावरण दिवस 5 जून को मनाया जाता है। वर्ष 1972 में पर्यावरण के प्रति वैश्विक स्तर पर राजनीतिक और सामाजिक जागृति लाने हेतु इस दिवस को मनाने की घोषणा संयुक्त राष्ट्र ने की थी। इसे 5 जून से 16 जून तक संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा आयोजित विश्व पर्यावरण सम्मेलन में चर्चा के बाद शुरू किया गया था। यह कई गैर-सरकारी संगठनों, व्यवसायों, सरकारी संस्थाओं द्वारा समर्थित है और पर्यावरण का समर्थन करने वाले संयुक्त राष्ट्र के प्राथमिक आउटरीच दिवस का प्रतिनिधित्व करता है।
5 जून 1973 को पहला विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया।तभी से ही यह समुद्री प्रदूषण, अधिक जनसंख्या, ग्लोबल वार्मिंग, टिकाऊ विकास और वन्यजीव अपराध जैसे पर्यावरणीय मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाने का एक मंच रहा है। विश्व पर्यावरण दिवस सार्वजनिक आउटरीच के लिए एक वैश्विक मंच है, जिसमें सालाना 143 से अधिक देशों की भागीदारी होती है। प्रत्येक वर्ष, कार्यक्रम ने पर्यावरणीय कारणों की वकालत करने के लिए व्यवसायों, गैर सरकारी संगठनों, समुदायों, सरकारों और मशहूर हस्तियों के लिए एक थीम और मंच प्रदान किया है।
विश्व पर्यावरण दिवस काइतिहास
वर्ष 1974 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा मानव पर्यावरण विषय पर संयुक्त राष्ट्र महासभा का आयोजन (5-16 जून 1972) किया गया था। इसी चर्चा के दौरान विश्व पर्यावरण दिवस का सुझाव भी दिया गया और इसके दो साल बाद, 5 जून 1974 से इसे मनाना भी शुरू कर दिया गया। 1987 में इसके केन्द्र को बदलते रहने का सुझाव सामने आया और उसके बाद से ही इसके आयोजन के लिए अलग अलग देशों को चुना जाता है। इसमें हर साल 143 से अधिक देश भाग लेते हैं और इसमें कई सरकारी, सामाजिक और व्यावसायिक लोग पर्यावरण की सुरक्षा, समस्या आदि विषय पर बात करते हैं।
विश्व पर्यावरण दिवस का महत्व
पर्यावरण को सुधारने हेतु यह दिवस महत्वपूर्ण है जिसमें पूरा विश्व रास्ते में खड़ी चुनौतियों को हल करने का रास्ता निकालता हैं। लोगों में पर्यावरण जागरूकता को जगाने के लिए संयुक्त राष्ट्र द्वारा संचालित विश्व पर्यावरण दिवस दुनिया का सबसे बड़ा वार्षिक आयोजन है। इसका मुख्य उद्देश्य हमारी प्रकृति की रक्षा के लिए जागरूकता बढ़ाना और दिन-प्रतिदिन बढ़ रहे विभिन्न पर्यावरणीय मुद्दों को देखना है।
वार्षिक विषय और प्रमुख पहल और उपलब्धियां के बारे उन्होंने बताया है कि लगभग पाँच दशकों से, विश्व पर्यावरण दिवस जागरूकता बढ़ा रहा है, कार्यवाही का समर्थन कर रहा है और पर्यावरण के लिए बदलाव ला रहा है। इसके इतिहास में प्रमुख उपलब्धियों की एक समयरेखा यहां दी गई है:
2005 के विश्व पर्यावरण दिवस की थीम "ग्रीन सिटीज" थी और नारा था "प्लांट फॉर द प्लैनेट!"।
2006 इस साल विषय था मरुस्थल और मरुस्थलीकरण और नारा था "शुष्क भूमि को मरुस्थल न बनाएं"।नारे ने शुष्क भूमि की रक्षा के महत्व पर बल दिया। विश्व पर्यावरण दिवस 2006 का मुख्य अंतर्राष्ट्रीय समारोह अल्जीरिया में आयोजित किया गया था।
2007 के विश्व पर्यावरण दिवस का विषय था "मेल्टिंग आइस - ए हॉट टॉपिक?" अंतर्राष्ट्रीय ध्रुवीय वर्ष के दौरान, विश्व पर्यावरण दिवस 2007 ने उन प्रभावों पर ध्यान केंद्रित किया जो जलवायु परिवर्तन के कारण ध्रुवीय पारिस्थितिक तंत्र और समुदायों पर व दुनिया के अन्य बर्फीले और बर्फ से ढके क्षेत्रों पर हो रहे हैं और जिनका वैश्विक प्रभाव पड़ रहा है।
विश्व पर्यावरण दिवस 2007 के मुख्य अंतर्राष्ट्रीय समारोह आर्कटिक सर्कल के उत्तर में एक शहर ट्रोम्सो, नॉर्वे में आयोजित किए गए थे।
मिस्र ने 2007 विश्व पर्यावरण दिवस के लिए एक डाक टिकट जारी किया था,डॉ. क्रांति खूंटे ने देशवासियों से अपील करते हुए कहा है कि हम सभी परिवार सहित शपथ ले कि हम वृक्षों की रक्षा कर शुद्ध वातावरण में अपनी जीवन शैली को बनाऐ रखें,तब ही विश्व पर्यावरण की सार्थकता बनी रहेगी !
श्रवण बाधित शोभा गुप्ता को श्रवण यंत्र किया गया प्रदाय
बिहान छत्तीसगढ़ प्रतापपुर संवाददाता सुरज निर्मलकर
सूरजपुर/04 जून 2025/ जिला अस्पताल सूरजपुर में कान से संबंधित समस्याओं से ग्रसित मरीजों की जांच की गई। जांच उपरांत श्रवण बाधित श्रीमती शोभा गुप्ता, पति श्री शंकर प्रसाद को आवश्यकतानुसार डॉक्टर की सलाह पर समाज कल्याण विभाग, जिला पंचायत सूरजपुर के माध्यम से सहायता के रूप में श्रवण यंत्र प्रदान की गई।
जांच के उपरांत पात्र पाए गए लाभार्थी को जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती चंद्रमणी देवपाल पैकरा, समाज कल्याण विभाग एवं अन्य जनप्रतिनिधियों के करकमलों से श्रवण यंत्र प्रदाय किया गया। जिससे उनकी दैनिक जीवन में सुविधा सुनिश्चित की जा सके।
मनरेगा योजनांतर्गत जल संरक्षण, कृषि उत्पादन में बढ़ोतरी और ग्रामीणों को मिला आर्थिक संबल _________
बिहान छत्तीसगढ़ प्रतापपुर संवाददाता सुरज निर्मलकर
सूरजपुर/04 जून 2025/
कलेक्टर श्री एस जयवर्धन के मार्गदर्शन में तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत श्रीमती कमलेश नंदिनी साहू के नेतृत्व में भैयाथान जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत खाड़ापारा, कंवरा एड भवराही में मनरेगा योजना के तहत जल संरक्षण, सिचाई सुविधा विस्तार और आजीविका सुदृढीकरण हेतु क्रांतिकारी कदम उठाए गए हैं। ग्रामीणों की आवश्यकताओं और स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन एवं पंचायतों के समन्यय से विभिन्न जल संरचनाओं का निर्माण किया गया, जिससे न केवल जल संकट पर काबू पाया गया, बल्कि कृषि आधारित ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा मिली।
ग्राम पंचायत खाडापारा में अम्बर के खेत के पास नाले पर मिट्टी बांध निर्माण कार्य मनरेगा के तहत किया गया, जिससे लगभग 5 एकड अतिरिक्त भूमि सिंचित होने लगी है। पूर्व में वर्षा पर निर्भर किसानों को अय रबी सीजन में भी सरसों, गेहूं व सब्जियों की खेती का अवसर मिला है, जिससे 30 से अधिक किसान लगभग 20 से 25 हजार रुपये की अतिरिक्त वार्षिक आय अर्जित कर रहे हैं। यह मिट्टी बाध न केवल सिचाई सुविधा उपलबा करा रहा है, बल्कि भूजल स्तर में सुधार और मिट्टी के कटाव को भी रोकने में सहायक सिद्ध हो रहा है।
वहीं ग्राम पंचायत केंवरा के कोदुमुड़ा नाले में मिट्टी के चेक डेम का निर्माण एक सामुदायिक पहल के रूप में सामने आया है। यह सरचना वर्षा जल को संग्रहीत कर अपवाह को नियंत्रित करती है और भूजल को पुनर्भरण प्रदान करती है. जिससे स्थानीय किसानों को साल भर सिंचाई जल की उपलब्धता सुनिश्चित हुई है। इससे खेती की उत्पादकता में इजाफा हुआ है. पशुधन पालन में सुधार आया है तथा परिवारों की आय में स्थायित्व आया है। चेक डैम ने ग्रामीणों को जलवायु अनिश्चितता के खिलाफ मजबूत लचीलापन प्रदान किया है।

इसी क्रम में ग्राम पंचायत भवराही में श्री रामाधार / रामसरन के खेत में मनरेगा के तहत खेत तालाब (डबरी) का निर्माण किया गया, जिससे वर्षा जल का संचयन कर किसानों को समय पर सिंचाई सुविधा मिलने लगी है। निर्माण से पूर्व रामाधार वर्षा पर पूर्णतः निर्भर थे और कम उत्पादन के कारण आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे थे। डबरी निर्माण के बाद उन्होंने धान के साथ-साथ मक्का, जेठी धान एवं सब्जी की खेती शुरू की, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। साथ ही मछली पालन जैसे वैकल्पिक कृषि कार्यों की संभावनाएं भी साकार हो रही है।
इन तीनों कार्यों ने मिलकर न केवल जल संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ अर्जित की हैं. बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन, कृषि विकास और सतत आजीविका सुनिश्चित कर मनरेगा की प्रभावशीलता को सिद्ध किया है। जनपद भैयाथान की ये जल संरचनाएँ ग्रामीण विकास की एक सफल मॉडल के रूप में उभर कर सामने आई हैं, जिससे आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों की सुरक्षा के साथ एक समृद्ध भविष्य का मार्ग प्रशस्त हो रहा है
भटगांव क्षेत्र के विकास के लिए 20.57 करोड़ रूपए मंजूर मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयासों से विकास कार्यों को मिली रफ्तार _________
बिहान छत्तीसगढ़ प्रतापपुर संवाददाता सुरज निर्मलकर
रायपुर, 4 जून 2025/ महिला एवं बाल विकास मंत्री और भटगांव विधानसभा की विधायक श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयासों से क्षेत्र में आधारभूत संरचनाओं के विकास के लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 20 करोड़ 56 लाख 55 हजार रूपए की मंजूरी दी गई है।
इन कार्यों में एन.एच. 43 से नया कृष्ण मंदिर सिलफिली बनारस रोड तक 5 किलोमीटर लंबे पहुँचमार्ग का निर्माण कार्य, जिसकी लागत 690.68 लाख रूपये है। इसी प्रकार एन.एच. 43 से मायापारा दुर्गाबाड़ी होते हुए रविंद्र नगर (नवापारा) तक 4 किलोमीटर का पहुँच मार्ग 448.95 लाख रूपए की लागत से तैयार किया जाएगा। बीरमताल से उमेशपुर के बीच गोबरी नदी पर पुलिया निर्माण कार्य हेतु 307.19 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है। सूरजपुर के कुप्पा जमघरपारा से चौकीदार पारा नवापारा गिरहूलपारा तक 6.10 किलोमीटर तक पहुंचमार्ग 593.73 लाख रूपए की स्वीकृति दी गई है।
मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि इन निर्माण कार्यों के पूरा होने से न सिर्फ क्षेत्र में यातायात सुविधा बेहतर होगी, बल्कि ग्रामीणों को सुगम आवागमन के साथ ही आर्थिक गतिविधियों को भी बल मिलेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में हमारी सरकार जनता से किए गए हर वादे को धरातल पर उतारने का कार्य कर रही है।
झोला छाप डॉक्टरों पर की जा रही कार्यवाही अवैध रूप से संचालित 2 क्लिनिक सील
विकास कुमार यादव- बिहान छत्तीसगढ़
बलरामपुर - कलेक्टर राजेन्द्र कटारा के द्वारा जिले में अवैध रूप से संचालित क्लिनिक/पैथोलैब/नर्सिंग होम एवं मेडिकल स्टोर में उपचार करने वालों झोला छाप डॉक्टरों के विरुद्ध कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये हैं। जिसके परिपालन में निरीक्षण कर अवैध रूप से उपचार करने वाले संस्थाओं पर नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है।
इसी कड़ी में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व वाड्रफनगर नीरनिधी नंदेहा के मार्गदर्शन में राजस्व एवं स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम द्वारा ग्राम कछिया एवं ओदारी में अवैध रूप से संचालित क्लिनिक की जांच कर सील कर दिया गया।
अनुविभागीय अधिकारी राजस्व वाड्रफनगर ने बताया कि ग्राम कछिया एवं ओदारी में अवैध रूप से क्लिनिक का संचालन किया जा रहा है। प्राप्त सूचना के आधार पर संयुक्त टीम द्वारा क्लिनिक का जांच किया गया, जांच में पाया गया कि संचालनकर्ता द्वारा क्लिनिक का नर्सिंग होम एक्ट में पंजीयन नहीं कराया गया है तथा किसी भी प्रकार का दस्तावेजों का संधारण नहीं किया जा रहा है। जिस पर राजस्व एवं स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त टीम द्वारा कार्यवाही करते हुए उक्त दोनों क्लिनिक को सील कर दिया गया है।
निर्धारित मापदंड के अनुरूप बनी रहीं पीएम-जनमन की सड़कें
विकास कुमार यादव - बिहान छत्तीसगढ़
राजपुर -
केंद्र सरकार के जनजातीय मंत्रालयों के द्वारा विषेश रूप से पिछड़ी जनजातियों को मुख्यधारा में लाने के उद्देश्य से केंद सरकार के द्वारा पीएम जनमन कार्यक्रम चलाया जा रहा हैं इसी कड़ी में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के क्रियान्वयन इकाई राजपुर के द्वारा विधानसभा सामरी क्षेत्र के विभिन्न विषेश पिछड़ी जनजातियों को मुख्य मार्ग के जोड़ने के उद्देश्य से लगातार पीएम-जनमन की सड़कें का निर्माण किया जा रहा हैं जिस संबंध में कार्यपालन अभियंता जी एस सिदार ने बताया विभिन्न समाचार पत्रों में अटल चौक लाउ से गुण्डरीकोना लम्बाई 2.00 किमी. में गुणवत्ताविहिन सड़क निर्माण का लेख किया गया है जबकि परियोजना क्रियान्वयन इकाई-राजपुर के द्वारा अटल चौक लाउ से गुण्डरीकोना सड़क एवं अन्य सड़कों का भी लगातार निरीक्षण किया जाता रहने के साथ कार्य मानक के अनुरूप पाया गया हैं साथ ही श्री सिदार ने बताया कि
निर्माण के पश्चात ठेकेदार को 05 वर्षों तक संधारण कार्य संपादित करना रहता हैं पीएम-जनमन से बन रही सड़कों का समय-समय पर विभागीय अधिकारियों के साथ-साथ, राज्य गुणवत्ता समीक्षक, राष्ट्रीय गुणवत्ता समीक्षक एवं वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों द्वारा निरीक्षण एवं गुणवत्ता जांच की जाती है, यह प्रक्रिया सड़क निर्माण प्रारंभ होने से लेकर सड़क निर्माण के पश्चात 05 वर्षों तक सतत् चलती रहती है। सड़क का निर्माण प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना पीएम-जनमन के लिए निर्धारित मापदण्ड के अनुरूप किया जा रहा हैं!
विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजित हुआ बहुआयामी कृषक शिविर
बिहान छत्तीसगढ़ प्रतापपुर संवाददाता सुरज निर्मलकर
सूरजपुर, 03 जून 2025/ कलेक्टर श्री एस. जयवर्धन के निर्देशन में विकसित कृषि संकल्प अभियान के अंतर्गत आज जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में बहुआयामी कृषक शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक व आधुनिक कृषि पद्धतियों की जानकारी देना, उनकी समस्याओं का समाधान करना तथा नई तकनीकों के प्रति जागरूक करना रहा।
यह शिविर दो पालियों में आयोजित किए गए कृ पूर्वाह्न में सूरजपुर, ओड़गी और दुर्गापुर में तथा अपराह्न में रामनगर, बैजनाथपुर और उमेश्वरपुर में।
पूर्वाह्न सत्र के शिविर में प्रातः सत्र में सूरजपुर, ओड़गी और दुर्गापुर में शिविर आयोजित हुए, जिनमें आसपास के ग्रामों से बड़ी संख्या में कृषकों ने भाग लिया। सूरजपुर शिविर में मानपुर, गोपलपुर, लांची, बेल्टीकरी, देवीपुर, चंपकनगर सहित 14 ग्रामों के किसान शामिल हुए। ओड़गी शिविर में खर्रा, पालदनौली, चिकनी, बांक आदि 11 ग्रामों से किसान पहुंचे, जबकि दुर्गापुर शिविर में चार ग्रामों के कृषकों ने सहभागिता की।
अपराह्न सत्र के शिविर रामनगर, बैजनाथपुर और उमेश्वरपुर में शिविर आयोजित किए गए। रामनगर शिविर में कुल 14 ग्रामों के कृषकों ने भाग लिया, वहीं बैजनाथपुर शिविर में चार और उमेश्वरपुर शिविर में तीन ग्रामों के किसान उपस्थित रहे।
विभागीय विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों से मिली जानकारी
शिविरों में कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन और मत्स्य विभाग के अधिकारियों के साथ कृषि वैज्ञानिक, कृषि सखी, कृषक मित्र और प्रगतिशील किसानों ने जानकारी साझा की। किसानों को मिलेट्स (मोटे अनाज) की खेती, फसल चक्र, प्राकृतिक व जैविक खेती, उन्नत बीज, आधुनिक कृषि यंत्र, जल संरक्षण, मूल्य संवर्धन, पशुपालन और उद्यानिकी से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
उल्लेखनीय है कि सूरजपुर और रामनगर शिविर में वैज्ञानिक डॉ. के. एल. पैकरा ने मार्गदर्शन दिया, जबकि ओड़गी और बैजनाथपुर शिविर में डॉ. योगेन्द्र राठौर ने किसानों को नवीनतम कृषि तकनीकों से अवगत कराया।
इस दौरान शिविरों में कुल 17 किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी), 12 केसीसी के माध्यम से ऋण, 16 धान बीज, 55 सॉयल हेल्थ कार्ड, 584 फलदार पौधे और 70 कृमिनाशक व अन्य सामग्री का वितरण किया गया।
इन शिविरों में लगभग 800 से अधिक कृषकों ने इन शिविरों का लाभ उठाया। किसानों ने वैज्ञानिकों से अपनी समस्याएं साझा कीं और उनके समाधान पाए। साथ ही उन्होंने आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने की दिशा में रुचि भी दिखाई। यह विकसित कृषि संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित ये शिविर न केवल किसानों की जानकारी बढ़ा रहे हैं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर एवं आधुनिक कृषि के लिए प्रेरित भी कर रहे हैं।
गौ-तस्करी की कोशिश नाकाम, 22 मवेशी बरामद एक आरोपी गिरफ्तार, दूसरा फरार
विकास कुमार यादव - बिहान छत्तीसगढ़
बलरामपुर।
बलरामपुर पुलिस ने सोमवार रात गौ-तस्करी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 22 नग गौवंश को बरामद किया है। इस दौरान एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया, जबकि दूसरा आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया।
जानकारी के अनुसार 2 जून की रात लगभग 8:30 बजे ग्राम नगरा निवासी घूर बिगन घासी (50 वर्ष) एवं घुमा राम दोनो 22 गाय, बैल और बछड़ों को हांकते हुए कन्हर नदी पार कर झारखंड की ओर ले जा रहे थे। इस संदर्भ में ग्रामीणों से पुलिस को सूचना मिली। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए थाना रामानुजगंज पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को पकड़ा।पूछताछ में दोनों आरोपियों ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया। कड़ाई से पूछने पर आरोपियों ने मवेशियों को झारखंड के बूचड़खाने ले जाना स्वीकार किया।
इसी दौरान आरोपी धुमा राम अंधेरे का लाभ उठाकर जंगल की ओर भाग निकला।पुलिस ने मौके से 22 नग गौवंश को जब्त करते हुए आरोपी घूर बिगन घासी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 85/25 धारा 4, 6, 10 कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम एवं धारा 11 पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। फरार आरोपी की तलाश जारी है।
बैंक फर्जीवाड़ा मामला: बलरामपुर पुलिस ने दो और आरोपियों को किया गिरफ्तार, 60 लाख के आभूषण व 1.5 करोड़ की संपत्ति जब्त
विकास कुमार यादव - बिहान छत्तीसगढ़
बलरामपुर-
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित अम्बिकापुर की शंकरगढ़ व कुसमी शाखा में करोड़ों रुपये के फर्जीवाड़े के मामले में बलरामपुर पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। इस प्रकरण में दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। अब तक कुल 13 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जहां से 8 आरोपियों की पुलिस रिमांड प्राप्त की गई है,पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक झा , पुलिस अधीक्षक बलरामपुर वैभव बैंकर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विश्वदीपक त्रिपाठी एवं एसडीओपी कुसमी इम्मानुएल लकड़ा के मार्गदर्शन में आरोपी नवनीत सोनी उर्फ पिन्टू (43 वर्ष), निवासी ब्रम्हरोड अम्बिकापुर, संचालक जमुना अलंकार, एवं सुषमा सोनी (54 वर्ष), निवासी शंकरगढ़, पत्नी अशोक सोनी को गिरफ्तार किया गया।
मामले में थाना कुसमी में अपराध क्रमांक 39/2025 अंतर्गत धारा 409, 420, 467, 468, 471, 120 बी, 34 भादंवि के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। पुलिस विवेचना में सामने आया कि बैंक के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की आपसी मिलीभगत से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कई बैंक खाते खोले गए थे। इन खातों में अवैध रूप से करोड़ों रुपये ट्रांसफर कर वित्तीय अनियमितता की गई।
1.82 करोड़ रुपये का संदिग्ध ट्रांजेक्शन
जांच में यह तथ्य सामने आया कि आरोपी अशोक सोनी के बैंक खाते से नवनीत सोनी के व्यवसायिक खाते (जमुना अलंकार) में ₹1,82,02,000 का ट्रांजेक्शन किया गया। नवनीत सोनी इस रकम के संबंध में कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाया, जिसके आधार पर उसे गिरफ्तार किया गया।
पत्नी के नाम पर खरीदी गई संपत्ति
आरोपी अशोक सोनी द्वारा नवनीत सोनी से प्राप्त धनराशि से सोने-चांदी के आभूषण खरीदे गए तथा जमीन में निवेश किया गया, जिसे सुषमा सोनी के पास रखा गया था। पूछताछ में आरोपी सुषमा सोनी ने ₹60.30 लाख मूल्य के आभूषण प्रस्तुत किए, जिसे पुलिस ने जप्त कर लिया है। आरोपी महिला को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
समय-सीमा की बैठक संपन्न झोलाछाप डॉक्टरों पर सख्त कार्रवाई करने दिए निर्देश
अनाधिकृत रूप से अमानक खाद-बीज विक्रेताओं पर रखें सतत निगरानी
जनहित में प्राप्त आवेदनों का प्राथमिकता से करें निराकरण: कलेक्टर श्री कटारा
विकास कुमार यादव - बिहान छत्तीसगढ़
बलरामपुर- कलेक्टर राजेंद्र कटारा की अध्यक्षता में संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में समय सीमा की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में विभागीय योजनाओं की समीक्षा, स्वास्थ्य, राजस्व प्रकरण, अतिक्रमण, जन शिकायत एवं जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों की गहन समीक्षा की गई।
बैठक में जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने और आम जनता को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री कटारा ने अवैध रूप से चिकित्सा व्यवसाय कर रहे झोला छाप डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि झोला छाप डॉक्टरों द्वारा मरीजों का गलत इलाज करने, एस्पायरी दवाईयां देने, बिना जांच के गंभीर बीमारियों की गलत दवा लिखने जैसे मामलों से न केवल मरीजों की जान को खतरा हो रहा है कई बार मामूली बीमारी भी गंभीर रूप ले लेती है। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि जिले में बिना मान्यता प्राप्त डिग्री और रजिस्ट्रेशन के किसी भी व्यक्ति को चिकित्सा व्यवसाय नहीं करने दिया जाए। जो लोग खुद को डॉक्टर बताकर जनता को गुमराह कर रहे हैं, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए और अवैध क्लीनिक संचालन पर सख्ती बरतते हुए तत्काल सील किए जाएं। उन्होंने प्रत्येक ब्लॉक और पंचायत स्तर पर विशेष जांच अभियान चलाते हुए झोला छाप डॉक्टरों की पहचान कर उनके खिलाफ तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
खरीफ सीजन की तैयारी को लेकर कलेक्टर ने खाद और बीज के भंडारण व वितरण की समीक्षा की। कलेक्टर ने किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण खाद और बीज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए जिससे वे बिना किसी असुविधा के समय पर बुआई कर सकें। इस दौरान उन्होंने अद्यतन स्टॉक की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी गोदामों में खाद और बीज का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टर ने कहा कि खरीफ सीजन के दौरान उर्वरकों की मांग बढ़ जाती है, इसके लिए सतत् निगरानी रखें ऐसे में कहीं भी अवैध भंडारण, अमानक सामग्री के विक्रय की शिकायत आती है तो तुरंत नियमानुसार कार्रवाई की जाए। कलेक्टर ने खाद और बीज की बिक्री करने वाले अनधिकृत विक्रेताओं पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति या संस्था बिना वैध लाइसेंस के खाद या बीज का विक्रय कर रही है, तो तुरंत उसका स्टॉक जब्त किया जाए और उसके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
कलेक्टर ने जिले में अवैध अतिक्रमण की समीक्षा करते हुए कहा कि शासकीय भूमि पर अवैध अतिक्रमण का चिन्हांकन करते हुए तत्काल हटाने की कार्यवाही करें। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण से आम नागरिकों को असुविधा होती है। अतिक्रमण से कुछ प्रमुख चौराहों पर जाम की स्थिति बनी रहती है। इसके लिए विशेष रूप से उन्होंने शहरी क्षेत्रों और प्रमुख बाजार क्षेत्रों, सड़कों के आसपास किए गए अतिक्रमण को प्राथमिकता से हटाने के निर्देश दिए है। कलेक्टर श्री कटारा ने राजस्व प्रकरणों की समीक्षा करते हुए लोक सेवा गारंटी, लंबित राजस्व प्रकरणों और पीजी पोर्टल, जनशिकायत की गहन समीक्षा की। कलेक्टर ने कहा कि सभी लंबित प्रकरणों का निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए। लंबित नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन के अद्यतन कार्य की समीक्षा करते हुए प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने निर्देश दिए। कलेक्टर जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों की समीक्षा करते हुए कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सभी विभागीय अधिकारी समय-सीमा के भीतर गुणवतापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करें।
बैठक में अपर कलेक्टर आर.एस. लाल, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सहित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे
जिले में पर्याप्त मात्रा में खाद-बीज का भण्डारण पंजीकृत खाद-बीज दुकानों से ही खरीदी करें किसान अब तक 7473.2 टन खाद एवं 177.60 क्विंटल बीज का वितरण
विकास कुमार यादव - बिहान छत्तीसगढ़
बलरामपुर -
जिले के कृषकों के लिए खरीफ वर्ष 2025-26 में समितियों के माध्यम से कृषकों को अब तक 7473.2 मीट्रिक टन खाद एवं 177.60 क्विंटल बीज का वितरण किया जा चुका है।
कृषि विभाग उपसंचालक रामचन्द्र भगत ने जानकारी दी है कि जिले में खरीफ मौसम के लिए विभिन्न फसलों का 1627.50 क्विंटल बीज सहकारी समितियों में भण्डारण किया गया है। वर्तमान में कृषकों द्वारा 177.60 क्विंटल बीज उठाव किया जा चुका है, जिसमें से 177.60 क्विंटल धान बीज वितरण किया गया है।
इसी प्रकार यूरिया, डी.ए.पी., एन.पी.के., एस.एस.पी. एवं एम.ओ.पी. के 23277.37 मीट्रिक टन उर्वरक का भण्डारण जिले के सहकारी समितियों एवं निजी संस्थाओं में किया गया है, जिसमें से 7473.2 मीट्रिक टन उर्वरक का वितरण किसानों को किया जा चुका है। इसमें विभिन्न समितियों द्वारा यूरिया 3728.58 मीट्रिक टन, डी.ए.पी. 867.09 मीट्रिक टन, एन.पी.के. 1170.10 मीट्रिक टन, एस.एस.पी. 1573.10.36 मीट्रिक टन, एम.ओ.पी. 115.21 मीट्रिक टन रासायनिक खाद कृषकों को वितरित किया गया है। इसी प्रकार समिति एवं निजी संस्थानों में 8306.79 मीट्रिक टन यूरिया का भण्डारण किया गया है। साथ ही 1529.65 मीट्रिक टन डी.ए.पी., 2549.45 मीट्रिक टन एन.पी.के., 3107.35 मीट्रिक टन एस.एस.पी. तथा 310.9 मीट्रिक टन उर्वरक का भंडारण किया गया है।
कृषि विभाग अधिकारी ने किसानों से अपील की है कि अपने नजदीकी समितियों में जाकर आवश्यकतानुसार खाद-बीज का उठाव कर लेवे। उन्होंने कहा कि किसान पंजीकृत खाद-बीज दुकानों से ही खरीदी करें और बिल अवश्य रूप से ले। उन्होंने बताया कि यदि किसानों को खाद-बीज के संबंध में किसी भी प्रकार की समस्या आ रही है तो राजेन्द्र यादव मोबाईल नंबर-81208-23406, मुन्ना राम मोबाईल नम्बर-73543-93188 से कार्यालयीन समय में संपर्क किया जा सकता है।