आदेश बेअसर: संलग्नीकरण खत्म करने के निर्देश के बाद भी अधिकारी-कर्मचारी अटैचमेंट में छत्तीसगढ़ शासन के कड़े निर्देशों के बावजूद मूल संस्थाओं में नहीं लौटे कर्मचारी, शिक्षक और अधिकारी
सदाशिव राना ब्यूरो चीफ बीजापुर
छत्तीसगढ़ शासन एवं स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा विभिन्न जिलों में गैर-शैक्षणिक कार्यों, कार्यालयों तथा अन्य स्थानों पर लंबे समय से संलग्न (Attachment) शिक्षकों एवं कर्मचारियों का संलग्नीकरण समाप्त कर उन्हें तत्काल उनकी मूल संस्था में वापस भेजने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद कई स्थानों पर कर्मचारी, अधिकारी और शिक्षक अब भी अटैचमेंट में ही अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
शासन के निर्देश के अनुसार गैर-शैक्षणिक कार्यों या कार्यालयों में संलग्न शिक्षकों एवं कर्मचारियों को तत्काल अपने मूल विद्यालय अथवा कार्यालय में लौटकर कार्यभार संभालना है। संलग्नीकरण समाप्त करने के बाद संबंधित अधिकारियों को इसकी अनुपालन रिपोर्ट और प्रमाण-पत्र उच्च अधिकारियों एवं संचालनालय को भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं।
आदेश का पालन नहीं तो कार्रवाई की चेतावनी
निर्धारित समय-सीमा में संलग्नीकरण समाप्त नहीं करने अथवा शासन के निर्देशों का पालन नहीं करने वाले संस्था प्रमुखों एवं संबंधित अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। इसके बावजूद यदि कर्मचारी-अधिकारी अटैचमेंट में जमे हुए हैं तो यह शासन के आदेशों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
सवाल यह—किसके संरक्षण में जारी है अटैचमेंट
शासन के स्पष्ट निर्देश के बाद भी यदि कर्मचारी और अधिकारी मूल संस्था में वापस नहीं लौटे हैं, तो सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर उन्हें अटैचमेंट में बनाए रखने का जिम्मेदार कौन है? क्या संबंधित विभागीय अधिकारी शासन के आदेशों की अनदेखी कर रहे हैं?
अब जरूरत है कि शासन के निर्देशों का जमीनी स्तर पर सत्यापन किया जाए और जहां भी आदेश के बावजूद संलग्नीकरण जारी है, वहां जिम्मेदार अधिकारियों एवं संस्था प्रमुखों की जवाबदेही तय कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।