लक्ष्मेश्वर महाविद्यालय खरौद में शिक्षक दिवस का गरिमामय आयोजन*
रिगनी / खरौद
"डॉ.गुलाब चंद भारद्वाज को प्रदाय भारतीय पद्म भूषण सम्मान का महाविद्यालय में लोकार्पण।"
महान शिक्षाविद् एवं समाजशास्त्री डॉ. गुलाब चंद भारद्वाज को विभिन्न आयोजनों में प्राप्त सम्मान से हम सब अभिभूत है- प्रोफेसर पुनाराम नवरत्न।
खरौद, 5 सितंबर 2026 शिक्षक दिवस के अवसर पर शासकीय लक्ष्मणेश्वर स्नातकोत्तर महाविद्यालय, खरौद में एक गरिमामय सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं, अधिकारियों, कर्मचारियों तथा नगर के गणमान्य नागरिकों द्वारा महाविद्यालय के प्राचार्य एवं शिक्षाविद् डॉ. गुलाब चंद भारद्वाज का अभिनंदन किया गया।
इस अवसर पर डॉ. भारद्वाज को हाल ही में प्राप्त विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मानों की जानकारी साझा करते हुए उनका सार्वजनिक सम्मान किया गया। समारोह में उन्हें लखनऊ से प्रदत्त डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन सम्मान-2026 भेंट किया गया। इसके अतिरिक्त विश्व संस्कृति एवं पर्यावरण संरक्षण आयोग, नई दिल्ली द्वारा प्रदत्त भारतीय पद्म भूषण सम्मान-2026 तथा गोपाल किरण समाजसेवी संस्था ग्वालियर, एसआरएम विश्वविद्यालय सोनीपत एवं दिल्ली-एनसीआर के संयुक्त तत्वावधान में भारतीय प्रवासियों के विकास एवं समर्पण विषयक कार्यक्रम में सहभागिता हेतु प्रदान किया गया ग्लोबल प्राइड अचीवर अवार्ड भी उन्हें समर्पित किया गया। इसी कम में राजस्थान द्वारा प्रदाएं अंबेडकर कीर्ति रत्न सम्मान का भी लोकार्पण किया गया। महाविद्यालय परिवार की ओर से भी डॉ. भारद्वाज को इस अवसर पर शाल एवं गमछा भेंट कर सम्मानित किया गया। छात्र-छात्राओं ने संयुक्त रूप से महाविद्यालय के अधिकारी-कर्मचारियों की सामूहिक तस्वीर तथा बी.एससी. के विद्यार्थियों द्वारा डॉ. भारद्वाज का विशेष हस्त-चित्र एवं फोटो प्रिंट भेंट कर उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया। सम्मान-पत्र एवं विभिन्न पुरस्कार नगर के वरिष्ठ नागरिकों एवं गणमान्य अतिथियों के करकमलों से प्रदान किए गए।
कार्यक्रम में नगर से पधारे उत्तम सोनी, शिवरात्रि यादव, हेमलाल यादव, बसंत यादव एवं सुबोध शुक्ल ने अपने विचार व्यक्त करते हुए डॉ. भारद्वाज के शैक्षणिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक योगदान की सराहना की तथा उन्हें समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
प्रोफेसर अनिल कुमार नेताम ने अपने उद्बोधन में विद्यार्थियों से अनुशासन, निरंतर अध्ययन एवं सतत विकास की भावना को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सफलता का मार्ग परिश्रम, अनुशासन और सकारात्मक चिंतन से होकर गुजरता है। इस दौरान महाविद्याल के छात्र-छात्राओं ने अपने गुरुओं एवं अतिथियों का श्रीफल एवं कलम भेंट कर सम्मानित किया।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. गुलाब चंद भारद्वाज ने अपने विशिष्ट शायराना अंदाज में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि “लुक की अपेक्षा बुक पर ध्यान दो, क्योंकि व्यक्तित्व का वास्तविक निर्माण ज्ञान से होता है।” उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि “यदि आप स्वयं के लिए प्रतिदिन छह घंटे नहीं दे सकते, तो जीवन में दूसरों के लिए आठ घंटे कार्य करने की मानसिकता अवश्य विकसित करनी होगी।”
डॉ. भारद्वाज ने भगवान राम, भगवान कृष्ण एवं सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य के जीवन में उनके गुरुओं के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि महान व्यक्तित्वों के निर्माण में गुरु की भूमिका सर्वोपरि होती है। उन्होंने महाभारत के प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि गुरु के आशीर्वाद से अर्जुन विजयी बने, जबकि गुरु के शाप का प्रभाव कर्ण के जीवन में दिखाई देता है।
उन्होंने विद्यार्थियों से अपने शिक्षकों के मार्गदर्शन में निरंतर आगे बढ़ने तथा ज्ञान, संस्कार और अनुशासन को जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया कार्यक्रम का समापन शिक्षक दिवस की शुभकामनाओं, गुरुजनों के प्रति कृतज्ञता एवं राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए किया गया।
कार्यक्रम को व्यवस्थित रूप देने में प्रोफेसर पुनाराम नवरत्न, प्रोफेसर अश्वनी केसरवानी, श्री बसंत यादव, शंकर कर्स, राजेश साहू और तुमन लाल साहू की विशेष भूमिका रही। समारोह में महाविद्यालय परिवार, छात्र-छात्राओं एवं नगरवासियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।