राज्य

जरूरतमंद बेघर, अपात्र मालामाल? प्रधानमंत्री आवास योजना पर उठे गंभीर सवाल

बिहान दैनिक न्यूज़ | विशेष रिपोर्ट


जांजगीर-चांपा | नवागढ़।


विकासखंड नवागढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई ऐसे परिवार, जिन्हें वास्तव में पक्के मकान की जरूरत है, आज भी योजना के लाभ से वंचित हैं। वहीं दूसरी ओर, कुछ ऐसे लाभार्थियों को आवास स्वीकृत होने की बात कही जा रही है जिनके घरों पर ताला लगा रहता है या जो वहां निवास नहीं करते।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि ये आरोप सही हैं, तो लाभार्थी चयन प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उनका सवाल है कि आखिर वास्तविक गरीबों को आवास कब मिलेगा?


ग्रामीणों की मांग:
पूरे विकासखंड में पात्रता की दोबारा जांच कराई जाए।
अपात्र लाभार्थियों की निष्पक्ष जांच की जाए।
वास्तविक गरीब और बेघर परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर आवास दिया जाए।
चयन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए।


जनता पूछ रही है—
"प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक कब पहुंचेगा?"
यदि कहीं भी अनियमितता हुई है, तो संबंधित अधिकारियों द्वारा निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए और पात्र हितग्राहियों को उनका अधिकार मिलना चाहिए।
यह संस्करण आरोपों को तथ्य के रूप में प्रस्तुत करने के बजाय ग्रामीणों के आरोप और जांच की मांग के रूप में रखता है, जिससे पत्रकारिता की भाषा बनी रहती है और बिना प्रमाण किसी पर निश्चित आरोप लगाने से भी बचा जाता है।

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