राजनीति

भाजपा के मंत्रियों-सांसदों-विधायकों को डिब्बियों में भरकर भेजी शक्कर:

रायपुर

रायपुर में शक्कर की बढ़ती कीमतों को लेकर पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने अनोखे तरीके से विरोध जताया। उन्होंने शक्कर को डिब्बियों में भरकर भाजपा के मंत्रियों, सांसदों और विधायकों को डाक से भेजा। उपाध्याय ने आरोप लगाया कि त्योहारों के समय शक्कर के दाम बढ़ने से आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। विकास उपाध्याय ने कहा कि जिस शक्कर की कीमत पहले करीब 32 रुपए किलो थी, उसके दाम अब बढ़कर 70 रुपए किलो तक पहुंच गए हैं। इससे आम परिवारों का बजट बिगड़ रहा है। त्योहारों में मिठाई और दूसरे पकवान बनाने के लिए शक्कर जरूरी है, ऐसे में बढ़ी कीमतों का सीधा असर लोगों की जेब पर पड़ रहा है।

उपाध्याय ने कहा कि भाजपा सरकार के मंत्रियों, सांसदों और विधायकों को शक्कर भेजकर उन्हें यह बताने की कोशिश की गई है कि बाजार में आम जनता को किन कीमतों पर सामान खरीदना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को महंगाई पर नियंत्रण के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए।

पिछले तीन महीनों में चीनी के दाम में करीब 19 रुपए प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है। तीन महीने पहले चीनी 48 रुपए किलो बिक रही थी, जो अब बढ़कर 67 रुपए किलो तक पहुंच गई है। यानी इसकी कीमत में करीब 39.58% की बढ़ोतरी हुई है।

इसी तरह गुड़ के दाम भी बढ़े हैं। तीन महीने पहले 50 रुपए किलो मिलने वाला गुड़ अब 65 रुपए किलो तक पहुंच गया है। यानी इसकी कीमत में 15 रुपए यानी करीब 24% की बढ़ोतरी हुई है।

महंगाई का असर सिर्फ चीनी और गुड़ तक सीमित नहीं है। पिछले तीन महीनों में चावल कनकी के दाम 25 से बढ़कर 29 रुपए किलो, मक्के का आटा 36 से 40 रुपए किलो और दलिया/राइस फ्लोर 38 से 42 रुपए किलो हो गया है।

यानी रसोई और रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली कई चीजों की कीमतों में पिछले तीन महीनों में बढ़ोतरी हुई है। सबसे ज्यादा असर चीनी और गुड़ की कीमतों पर पड़ा है। त्योहारी सीजन में मिठाई और घर में बनने वाले पकवानों में इनका इस्तेमाल बढ़ने से महंगाई का सीधा असर आम परिवारों के बजट पर पड़ सकता है।

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