छत्तीसगढ़ के 33 में से 12 जिलों में अब महिला कलेक्टर,
छत्तीसगढ़ की प्रशासनिक व्यवस्था में महिला आईएएस अधिकारियों की भागीदारी पर साय सरकार ने भरोसा जताया है। यहीं कारण है कि सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी प्रशासनिक फेरबदल के बाद अब सूबे के कुल 12 जिलों की कमान महिला प्रशासनिक अधिकारियों के हाथों में आ गई है दूसरी ओर इस बदलाव ने महिला सशक्तिकरण और नारी शक्ति को नई मजबूती दी है।
महिला अधिकारियों को कलेक्टर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी देकर सरकार ने यह संदेश दिया है कि महिलाएं प्रशासनिक नेतृत्व में भी पूरी क्षमता के साथ अहम भूमिका निभा रही हैं। 18 अगस्त को जारी आईएएस अधिकारियों की तबादला सूची में भी महिला अधिकारियों को महत्वपूर्ण जिलों की जिम्मेदारी दी गई है। 2016 बैच की आईएएस अधिकारी जयश्री जैन को सक्ती जिले का कलेक्टर बनाया गया है।
12 जिलों में महिला कलेक्टर
- कोंडागांव - नूपुर राशि पन्ना
- बेमेतरा - प्रतिष्ठा ममगई
- नारायणपुर - नम्रता जैन
- बालोद - दिव्या मिश्रा
- सूरजपुर - रेना जमील
- सक्ती - जयश्री जैन
- कबीरधाम - तुलिका प्रजापति
- मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी - तनुजा सलाम
- सारंगढ़-बिलाईगढ़ - पद्मिनी भोई साहू
- बलरामपुर-रामानुजगंज - चंदन संजय त्रिपाठी
- मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर - संतंन देवी जांगड़े
- कोरिया - रोक्तिमा यादव
- कलेक्टर जिले में सरकार की योजनाओं और नीतियों को जमीन पर उतारने वाली प्रशासनिक व्यवस्था की अहम कड़ी हैं। विकास कार्यों से लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, राजस्व और कानून-व्यवस्था तक, जिले की प्रशासनिक दिशा तय करने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण होती है। छत्तीसगढ़ में अब इस जिम्मेदारी में महिलाओं की भागीदारी भी मजबूत होती दिख रही है। राज्य के 33 जिलों में 12 की कमान महिला आईएएस अधिकारियों के हाथों में है। यह आंकड़ा न केवल प्रशासन में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को रेखांकित करता है, बल्कि नेतृत्व के स्तर पर उन पर बढ़ते भरोसे की तस्वीर भी पेश करता है।