मुनिश्री बोले-अच्छे वचनों को जीवन में उतारने से होगी आत्मशुद्धि:
रायपुर
रायपुर के विवेकानंद नगर स्थित श्री ज्ञानवल्लभ उपाश्रय में शनिवार को मुनिश्री संवेगरत्न सागर ने कहा कि, प्रभु के वचनों को जीवन में अपनाने से ही आत्मा को शुद्ध बनाया जा सकता है। धर्मसभा में प्रवचन सुनने का लाभ तभी है, जब उनकी बातों को अपने व्यवहार में उतारा जाए।
मुनिश्री ने कहा कि केवल धर्म की बातें सुनने से जीवन नहीं बदलता। इसके लिए मन की बुराइयों को दूर करना और अपने विचारों व व्यवहार को अच्छा बनाना जरूरी है। व्यक्ति को अपनी गलतियों को पहचानकर उन्हें सुधारने का प्रयास करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि व्यक्ति को हर समय अपने विचारों और कामों को अच्छा रखने की कोशिश करनी चाहिए। गुस्सा, लालच और दूसरी बुरी आदतें सही-गलत की समझ को कमजोर कर देती हैं। वर्षावास में मिल रही सीख को जीवन में अपनाने से व्यक्ति सही रास्ते पर आगे बढ़ सकता है।
इस दौरान 30 उपवास पूरे करने पर तपस्वी पलक छाजेड़ का चातुर्मास समिति ने सम्मान किया। समिति के अध्यक्ष जसराज लुनिया और महासचिव सुरेश बरड़िया ने बताया कि वर्षावास में धर्म, ध्यान, तप और भक्ति के कार्यक्रम जारी हैं। धर्मसभा में मौजूद श्रद्धालुओं ने पलक की कठिन तपस्या की सराहना की।