प्रेमानंद आश्रम की सुरक्षा बढ़ाने की मांग, पुलिस बल तैनात करने के लिए प्रशासन को भेजा पत्र
वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज का आश्रम एक शिष्य की मौत के बाद से लगातार चर्चा में है। बच्चों की तलाश में आश्रम पहुंचे
परिजनों के धरना-प्रदर्शन और कथित अभद्रता से नाराज आश्रम प्रबंधन ने पुलिस को पत्र भेजकर सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात
यूपी के वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम के बाहर बीते दिनों अपने बच्चों को खोजने पहुंचे परिजनों द्वारा धरना प्रदर्शन किए जाने से आश्रम परिकर नाखुश हैं। आश्रम द्वारा पुलिस को चिट्ठी लिखकर पुलिस बल तैनात करने की मांग की है। बता दें कि एक शिष्य की मौत के बाद से बीते कुछ दिनों से प्रेमानंद आश्रम चर्चा का विषय बना हुआ है।
श्री हित राधा केलि कुंज ट्रस्ट द्वारा क्षेत्राधिकारी वृंदावन को दिये पत्र में कहा गया है कि पिछले कुछ दिनों से अपने बच्चों की तलाश में आने वाले लोगों द्वारा आश्रम के बाहर उपद्रव और अभद्रता की जा रही है। इसके अलावा आश्रम पर अनर्गल आरोप भी बिना किसी तथ्यों के लगाए जा रहे हैं। इससे आश्रम की शांति और गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। आश्रम के ट्रस्टी सलोनी शरण द्वारा हस्ताक्षरित पत्र में कहा गया है कि इन घटनाओं से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि यह सब सुनियोजित ढंग से किया जा रहा है।
जिससे आश्रम की छवि पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। उनका कहना है कि आश्रम की शांति व्यवस्था बरकरार रखने के लिए नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाए, ताकि आश्रम के साधकों और भक्तों में असुरक्षा की भावना नहीं पैदा हो। उन्होंने सीओ वृंदावन से शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।
इससे पहले श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं माता शाकुम्भरी पीठाधीश्वर आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने वृंदावन स्थित श्री राधा केलि कुंज आश्रम से जुड़ी वर्तमान घटनाओं और साधक दीपक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद जिलाधिकारी को पत्र भेजा है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष पुनः जांच कराने और प्रेमानंद महाराज की किडनी की सरकारी चिकित्सकीय जांच कराने की मांग की है।