वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के 25 साल के शिष्य के चौथी मंजिल से गिरने का वीडियो सामने आया
मथुरा
वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के 25 साल के शिष्य के चौथी मंजिल से गिरने का वीडियो सामने आया है। इसमें दिख रहा है कि शिष्य रसिक दुलारी शरण 40 फीट ऊंचाई से अचानक सड़क पर पैरों के बल गिरते हैं। सिर जमीन से टकराता है और फट जाता है। वह तड़पने लगते हैं। सड़क पर खून फैलने लगता है।
इसी दौरान वहां से दो साइकिल सवार गुजर रहे होते हैं। इनमें से एक पीले कपड़े पहने शिष्य था। दोनों यह दृश्य देखकर सहम जाते हैं। इसके अलावा पानी की सप्लाई करने वाली गाड़ी भी उसी समय वहां पहुंचती है।
शिष्य रसिक दुलारी शरण ने 25 सितंबर की सुबह 10:35 बजे सुसाइड किया था। शनिवार देर शाम पोस्टमॉर्टम होने के बाद परिजनों ने यमुना किनारे उनका अंतिम संस्कार कर दिया। छोटे भाई मनीष ने मुखाग्नि दी। इस दौरान मां-बहन रोते-रोते बेसुध हो गईं।
रसिक दुलारी शरण दास का पोस्टमॉर्टम 2 डॉक्टरों के पैनल ने किया। इसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई। शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, शरीर पर चोट के निशान मिले हैं, जो सिर, पैर और कमर में थे। इसके अलावा प्राइवेट पार्ट पर भी कट के निशान थे।
इसके बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया। पोस्टमॉर्टम के बाद शव एंबुलेंस से यमुना तट पर लाया गया। उनके परिजन मां लौंग देवी, बहन मछला, भाई मनीष और जीजा सोनू पटेल गाड़ियों से पहुंचे। आश्रम से जुड़े 10 से अधिक लोग भी पहुंचे। अंतिम संस्कार के बाद सभी आश्रम के लिए रवाना हो गए।
रसिक दुलारी वाराह घाट इलाके की 4 मंजिला गुरु कृपा कुंज बिल्डिंग में 3 महीने से रहते थे। बिल्डिंग प्रेमानंद महाराज के ट्रस्ट केली कुंज की है। इसमें प्रेमानंदजी के आश्रम से जुड़े 50 से ज्यादा शिष्य और सेवादार रहते हैं। यह बिल्डिंग प्रेमानंद के पुराने केली कुंज आश्रम से 500 मीटर दूर है।
पुलिस के मुताबिक, शुक्रवार सुबह 11 बजे के करीब रसिक दुलारी शरण इसी बिल्डिंग की चौथी मंजिल पर गए। कुछ देर वहां बैठे और फिर नीचे गिर गए। गंभीर हालत में उन्हें सर्वोदय अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, रसिक दुलारी के प्राइवेट पार्ट से खून बह रहा था। कमरे में एक ग्राइंडर मिला है, जिस पर खून लगा था। आशंका है कि शिष्य ने ग्राइंडर से प्राइवेट पार्ट को नुकसान पहुंचाया।
घटना की सूचना पर रसिक के घरवाले पहुंचे। शनिवार सुबह पोस्टमॉर्टम हाउस में मां-बहन शव देखकर फूट-फूटकर रोईं। मां ने कहा- दो साल पहले बेटे से आखिरी बार बात हुई थी। सूचना मिली कि बेटा गिर गया है। हम आनन-फानन में यहां आए। पहले भी मिलने आए थे, लेकिन मुलाकात नहीं होने दी गई थी। भगवान दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
रसिक दुलारी शरण मूल रूप से मध्य प्रदेश के जबलपुर के रहने वाले थे। वह 2 साल पहले वृंदावन आए और प्रेमानंदजी से दीक्षा ली। इसके बाद अपना नाम दीपक लोधी से बदलकर रसिक दुलारी शरण रख लिया। वह बिजली का काम जानते थे, इसलिए आश्रम में उन्हें इसी सेवा से जोड़ा गया था।
- रसिक दुलारी शरण ने अगर सुसाइड किया तो क्यों किया? इसका जवाब न पुलिस के पास है, न ही आश्रम से जुड़े लोग इस बारे में कुछ बोल रहे हैं।
- कमरे में गाइंडर मिला है। उनके प्राइवेट पार्ट पर चोट के निशान हैं। ऐसे में सवाल है कि क्या उन्होंने अपना प्राइवेट पार्ट काटने की कोशिश की थी। अगर हां, तो ऐसा क्यों किया। क्योंकि, जिस आश्रम में वह रहते थे, वह किसी भी तरह की तंत्र क्रिया नहीं होती है।
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SP सिटी राजीव कुमार ने बताया- परिवार ने थाने में शिकायत दी है। आरोप लगाया है कि उन्हें रसिक से मिलने नहीं दिया जाता था। उनके आरोपों की जांच की जा रही है। वहीं, सीओ संदीप सिंह ने बताया-
फॉरेंसिक टीम की जांच में कमरे से कुछ संदिग्ध सामान मिला है, जिसकी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि घटना से पहले रसिक दुलारी की किससे बातचीत हुई थी और किन परिस्थितियों में यह घटना हुई। इसके लिए मोबाइल डेटा की जांच की जा रही है।