नेपाल–भारत सीमा पार पर्यटन संपर्क २०२६ का सुनौली से शुभारंभ नेपाल के पर्यटन संवर्धन, सीमा पार व्यावसायिक साझेदारी और नेपाल–भारत संबंधों को मजबूत बनाने का लक्ष्य
सुनौली, ९ कार्तिक २०८३।
नेपाल में भारतीय पर्यटकों का आगमन बढ़ाने, भारतीय बाजार में नेपाली पर्यटन का प्रचार-प्रसार करने तथा नेपाल और भारत के पर्यटन कारोबारियों के बीच दीर्घकालिक व्यावसायिक संबंधों का विस्तार करने के उद्देश्य से आयोजित ‘नेपाल–भारत सीमा पार पर्यटन संपर्क २०२६’ आज रुपंदेही के बेलहिया–सुनौली सीमा क्षेत्र स्थित पर्यटन सूचना केंद्र में स्वागत एवं उद्घाटन कार्यक्रम के साथ शुरू हुआ।
भारत के विभिन्न शहरों से भाग लेने आए यात्रा एवं पर्यटन व्यवसायियों के प्रतिनिधिमंडल का नेपाली पर्यटन कारोबारियों, आयोजकों तथा गैर-आवासीय नेपाली संघ के प्रतिनिधियों ने पारंपरिक नेपाली शैली में माला और खादा पहनाकर स्वागत किया।
चार पर्यटन प्रमुखों ने संयुक्त रूप से किया उद्घाटन
कार्यक्रम का उद्घाटन गैर-आवासीय नेपाली संघ की अंतरराष्ट्रीय समन्वय परिषद के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रोबिनप्रसाद शेर्चन, भारत के यात्रा व्यापार कल्याण संघ के अध्यक्ष राजेश सिन्हा, इंडो-नेपाल पर्यटन कल्याण सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. जितेन्द्र पाल सिंह तथा लुम्बिनी प्रदेश पर्यटन विकास परिषद की कार्यकारी निदेशक शारदा बस्याल बेलबासे ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया।
उद्घाटन समारोह में नेपाल और भारत के पर्यटन कारोबारियों, होटल एवं विश्रामगृह संचालकों, यात्रा कंपनियों के प्रतिनिधियों, व्यावसायिक संघ-संस्थाओं के पदाधिकारियों तथा पत्रकारों की सहभागिता रही। आयोजकों को उम्मीद है कि यह कार्यक्रम दोनों देशों के बीच पर्यटन सहयोग का विस्तार करने और पर्यटन क्षेत्र के व्यवसायियों को एक ही मंच पर जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
पर्यटन संवर्धन और व्यावसायिक साझेदारी मुख्य उद्देश्य: सोमनाथ सापकोटा
कार्यक्रम के आयोजक तथा गैर-आवासीय नेपाली संघ की अंतरराष्ट्रीय समन्वय परिषद के प्रवक्ता सोमनाथ सापकोटा ने कार्यक्रम की पृष्ठभूमि, उद्देश्य और अपेक्षित उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि नेपाल और भारत के बीच मौजूद भौगोलिक निकटता, सांस्कृतिक समानता, धार्मिक आस्था और ऐतिहासिक संबंधों को पर्यटन तथा व्यावसायिक सहयोग से जोड़ा जाए, तो दोनों देश आर्थिक और सामाजिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
सापकोटा के अनुसार, इस कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य भारतीय पर्यटन बाजार में नेपाल का प्रचार-प्रसार करना, नेपाली पर्यटन कारोबारियों को भारतीय यात्रा नेटवर्क से जोड़ना और दोनों देशों के पर्यटन कारोबारियों के बीच दीर्घकालिक साझेदारी स्थापित करना है।
उन्होंने चितवन के वन्यजीव एवं प्राकृतिक पर्यटन, नवलपुर की थारू संस्कृति एवं सामुदायिक पर्यटन, लुम्बिनी की बौद्ध विरासत तथा पोखरा के प्राकृतिक सौंदर्य एवं साहसिक पर्यटन को शामिल करते हुए संयुक्त पर्यटन पैकेज विकसित करने की संभावनाओं की ओर ध्यान आकर्षित किया।
उन्होंने कहा कि ऐसी पहलों से पर्यटकों के ठहरने की अवधि बढ़ाने, होटल एवं विश्रामगृह व्यवसाय का विस्तार करने, स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजित करने तथा पर्यटन क्षेत्र में निवेश के अवसर बढ़ाने में मदद मिलेगी।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने स्वागत के प्रति आभार जताया
कार्यक्रम में भारत के यात्रा व्यापार कल्याण संघ के अध्यक्ष राजेश सिन्हा ने नेपाली आयोजकों एवं पर्यटन कारोबारियों द्वारा किए गए आत्मीय स्वागत के प्रति आभार व्यक्त किया।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ‘नेपाल–भारत सीमा पार पर्यटन संपर्क २०२६’ नेपाल के पर्यटन संवर्धन और दोनों देशों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों को मजबूत बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।
सिन्हा ने कहा कि नेपाल के पर्यटन स्थलों, होटलों, विश्रामगृहों तथा यात्रा कंपनियों को भारतीय बाजार से सीधे जोड़ने वाले ऐसे कार्यक्रमों से नए व्यावसायिक अवसर पैदा होंगे और दोनों देशों के बीच पर्यटकों की आवाजाही बढ़ाने में मदद मिलेगी।
आयोजकों के प्रति शारदा बस्याल बेलबासे ने जताया आभार
लुम्बिनी प्रदेश पर्यटन विकास परिषद की कार्यकारी निदेशक शारदा बस्याल बेलबासे ने नेपाल और भारत के पर्यटन कारोबारियों को एक मंच पर लाकर सहयोग का माहौल बनाने के लिए आयोजकों एवं सहभागी संस्थाओं के प्रति धन्यवाद व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि लुम्बिनी प्रदेश के धार्मिक, सांस्कृतिक तथा प्राकृतिक पर्यटन स्थलों का भारतीय बाजार में प्रभावी ढंग से प्रचार-प्रसार करने में ऐसे कार्यक्रम महत्वपूर्ण साबित होंगे। पर्यटन कारोबारियों के बीच प्रत्यक्ष संपर्क, संयुक्त प्रचार-प्रसार और व्यावसायिक साझेदारी से प्रदेश के पर्यटन विकास को गति मिलेगी।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष शेर्चन ने किया धन्यवाद ज्ञापन
कार्यक्रम के अंत में गैर-आवासीय नेपाली संघ की अंतरराष्ट्रीय समन्वय परिषद के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रोबिनप्रसाद शेर्चन ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
उन्होंने भारतीय प्रतिनिधिमंडल, नेपाली पर्यटन कारोबारियों, आयोजक संस्था, आतिथ्य क्षेत्र के साझेदारों, सहयोगी संस्थाओं तथा पत्रकारों को सहभागिता और सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के माध्यम से नेपाल के पर्यटन संवर्धन में गैर-आवासीय नेपाली संघ महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
अतिथियों को स्मृति चिह्न और पत्रकारों को सहभागिता प्रमाणपत्र
कार्यक्रम के दौरान आयोजकों ने आमंत्रित अतिथियों को सम्मान स्वरूप स्मृति चिह्न प्रदान किए। इसी प्रकार, कार्यक्रम के समाचार प्रेषण एवं प्रचार-प्रसार में योगदान देने वाले पत्रकारों को सहभागिता प्रमाणपत्र वितरित किए गए।
कार्यक्रम में गैर-आवासीय नेपाली संघ की अंतरराष्ट्रीय समन्वय परिषद के उपाध्यक्ष प्रबीन गुरुङ, कार्यक्रम संयोजक एवं आईएलए होटल्स एंड रिसॉर्ट्स तथा आईएमई हॉस्पिटैलिटी समूह के मुख्य कार्यकारी अधिकारी लक्ष्मण थापा, समृद्ध चितवन अभियान के संयोजक तारानाथ पौडेल सहित पर्यटन, होटल एवं व्यावसायिक क्षेत्र के प्रतिनिधियों की उपस्थिति रही।
स्वागत कार्यक्रम में होटल एसोसिएशन नेपाल, भैरहवा के चन्द्रप्रसाद श्रेष्ठ, ग्रेस इंटरनेशनल के प्रतिनिधियों सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों की सहभागिता रही।