संस्कृति

आस्था और विश्वास ! विजय और ऐश्वर्य की दात्री जगतनंदिनी आदि शक्ति मां समलेश्वरी देवी

न्यूज़ जांजगीर-चांपा 

कृषि प्रधान देश भारतवर्ष में भारतीय संस्कृति और देव स्थलों पर विशिष्ट महत्व हैं। यहां हर पर्व और त्यौहार प्रकृति चक्र का अनुसरण करते हुए आनंद और उत्साह के साथ मनाया जाता हैं। गणेश विसर्जन और पितृपक्ष की समाप्ति के बाद कोसा, कांसा एवं कंचन की नगरी चांपा में शारदीय नवरात्र अत्यंत हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया । जगतनंदिनी आदि शक्ति मां समलेश्वरी देवी चांपा में शारदीय नवरात्रि -2025 पर्व पर हर साल की तरह इस साल भी अलग-अलग यानी कि हर दिन का श्रृंगार और भोज्य पदार्थ दी गई और साथ ही साथ माता रानी की बहुत ही सुन्दर और मनमोहक श्रृंगार किया गया। मां की छवि और चेहरे का भाव बेहद खास हैं और उनके दर्शन-पूजन करने मात्र से सारे दुःख दर्द मिट जाता हैं ।

चांपा का गौरवशाली इतिहास

हसदेव नदी के तट पर बसा हुआ हैं चांपा नगर -  जांजगीर-चांपा जिले के हसदेव नदी के सुरम्य तट पर बसा चांपा नगर का गौरवशाली इतिहास हैं, गरिमामय संस्कृति हैं और यहां के लोग आध्यात्मिक वातावरण में रहते हैं ।

जगह-जगह सुव्यवस्थित मंदिर, अनेक मस्जिद , गुरु द्वारा और गिरजाघर अव्यस्थित - नगर में जगह-जगह सुव्यवस्थित मंदिर , जिनमें मुख्यतः मस्जिद, गुरुद्वारा और गिरजाघर हैं जो इसकी धार्मिक सहिष्णुता को दर्शातें हैं ।

समलेश्वरी देवी मंदिर की महत्ता

प्राचीन इतिहास- सोनार पारा और देवांगन पारा चांपा में स्वर्णिम कलश की प्रखर किरणों से ओत-प्रोत अतीत गरिमा का इतिहास समेटते हुए एक ऐसा मंदिर हैं जो कि अपने प्राचीन इतिहास को दृष्टिपात करने के लिए विवश करता हैं ।

मराठा शासनकाल-  मराठा शासन-काल में रतनपुर के मराठा राजा का युद्ध संबलपुर उड़ीसा के राजा से एक बार हुआ,  जिसे जीतने के बाद चांपा जमींदारी की स्थापना की हुई ।

समलेश्वरी देवी मंदिर की स्थापना- वर्ष 1862 में नारायण सिंह के द्वारा निर्मित मंदिर में विजय और ऐश्वर्य की दात्रि समलेश्वरी की काले पत्थर से निर्मित अत्यंत प्राचीन मूर्तियां स्थापित की गईं हैं ।

मां समलेश्वरी देवी की पूजा-आराधना ।

चांपा जमींदारी की  कुलदेवी और परंपरा -रच गईं - चांपा जमींदारी की परंपरा के अनुसार मां समलेश्वरी देवी की पूजा-आराधना किया जाता हैं और।

आस्था का केंद्र -  साहित्यकार शशिभूषण सोनी ने बताया कि चांपा नगर का समलेश्वरी देवी मंदिर आज असंख्य भक्तों की आस्था और विश्वास का केंद्र बन गया हैं । उन्होंने बताया कि मेरे घर में एक छोटा-सा काष्ट का मंदिर है, जिसमें विभिन्न देवी-देवताओं के साथ मां समलेश्वरी देवी की मूर्ति विराजमान हैं। शशि ज्वेलर्स सराफा बाजार चांपा के पास स्थित समलेश्वरी मंदिर हैं । मां का तेज मुझे आकर्षित करता हैं ।

मां समलेश्वरी देवी की महिमा अपरम्पार हैं - कुलवन्त सिंह सलूजा ‌

प्रेस क्लब चांपा अध्यक्ष कुलवन्त सिंह सलूजा ने कहा कि जगतनंदिनी मां समलेश्वरी देवी की महिमा अपरम्पार हैं। मां समलेश्वरी देवी के प्रति मेरी गहरी आस्था और प्रेम हैं। जब भी किसी काम से बस्ती आना-जाना होता हैं मैं समलेश्वरी मंदिर मत्था टेकने अवश्य जाता हूं। मेरे घर में भी मां समलेश्वरी देवी की फोटो फ्रेमिंग प्रतिमा हैं और मैं रोज मां की आराधना करता हूं। मां दुर्गा में मेरी अटूट आस्था हैं । मेरा मानना है कि इस संसार में देवी-देवता सर्व शक्तिमान हैं ।

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