संस्कृति

श्रीराधा अष्टमी महा महोत्सव, 31 अगस्त को सायंकाल 05: 00 बजें से श्रीराधारानी के जन्मोत्सव की दिव्यता और आनंद का अनुभव करने हेतु आध्यात्मिक आयोजन ।

 नीलांबर परिधान , स्वर्ण जड़ित अलंकार और मुख पर मधुर मुस्कान यही तो हैं हमारे हृदय की रानी  यानी कि राधा रानी का अद्भुत स्वरूप ! जिसकी एक झलक पाकर मन, वाणी और तन सब कुछ भक्ति में लीन हो जाती हैं । राधा रानी की प्रेम-भक्ति के आगे सम्पूर्ण सृष्टि नतमस्तक हो जाती हैं तथा जिनके चरणों की धूल भी मोक्ष का मार्ग बना देती हैं । इतना ही नहीं राधा नाम का जाप करने मात्र से हृदय में प्रेम और शांति का संचार हो जाता हैं । इसीलिए तो कहा गया हैं कि राधा बिना श्याम अधूरे हैं और श्याम बिना राधा । जैसें सूरज बिना किरण के ,जैसे चांद बिना चांदनी के । इसी पावन उद्देश्य को लेकर वृंदावन भक्ति कुटीर नैला-जांजगीर के द्वारा श्रीराधा अष्टमी महा-महोत्सव दिनांक 31अगस्त , 2025 को एक आध्यात्मिक वातावरण से परिपूर्ण दिव्य आयोजन हैं । हांटल ड्रीम पाइंट जांजगीर के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में श्रद्धालु जनों,  मित्रों और परिवार के साथ सप्रेम आमंत्रित किया गया हैं । यह आयोजन वृन्दावन भक्ति कुटीर,  नैला-जांजगीर परिवार द्वारा किया जा रहा हैं, जो रायगढ़ राइस मिल के सामने , नैला-जांजगीर में स्थित हैं ।  आयोजक मंडल के सदस्यों ने बताया  है कि राधा अष्टमी जन्मोत्सव कार्यक्रम 31 अगस्त को सायंकाल 5:00 बजें से रात्रि 8,:00 बजें तक चलेगा । कार्यक्रम में वृंदावन धाम बरसाने के प्रसिद्ध नाट्य कलाकारों द्वारा भगवान श्रीराधा-कृष्ण  के सुमधुर भजनों पर शानदार प्रस्तुतियां दी जायेगी ।

*कार्यक्रम की रूप-रेखा  का निर्धारण इस प्रकार किया गया है 

  रविवार, 31 अगस्त 2025

 होटल ड्रीम पॉइंट, जांजगीर 

 संध्याकाल 5:00 से 8:00 बजें तक - हरिनाम संकीर्तन व महा अभिषेक कार्यक्रम 

 संध्याकाल 8:00 से 8:30 बजें  - सांस्कृतिक कार्यक्रम 

 8:30 बजें से - 56 भोग, महाआरती एवं प्रसाद वितरण 

श्रीराधा अष्टमी का महत्व ! इस अवसर पर शामिल हो पुण्य लाभ अर्जित करे ।

श्रीराधा अष्टमी का पर्व भगवान श्रीकृष्ण की प्रियतम श्रीराधा की जन्म तिथि के रूप में मनाया जाता हैं । यह पर्व वृंदावन और मथुरा में बहुत उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता हैं । इस दिन श्रद्धालु भक्त श्रीराधा की पूजा-अर्चना करते हैं और उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए विभिन्न अनुष्ठानों का आयोजन करते हैं । वृंदावन कुटीर नैला-जांजगीर समिति के सदस्यों ने बताया कि हर वर्ष हर्षोल्लास पूर्वक राधा अष्टमी जन्मोत्सव मनाया जाता हैं । इस पावन अवसर पर शामिल होकर पुण्य लाभ प्राप्त करें और भक्ति रस में सराबोर हो ।

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