संस्कृति

मन की भ्रम, बुद्धि और ज्ञान का लोक पाप का ही यह परिणाम हैं, इसलिए हर व्यक्ति को कर्म करते समय सावधानी बरतनी चाहिए - स्वामी राम कृष्णाचार्य जी महाराज ।

जांजगीर-चांपा । हर व्यक्ति को परम भागवत मानकर साधु-संतों और प्रकांड विद्वानों की सेवा करनी चाहिए , ये ही भागवत का स्वरूप हैं । परम भागवत वह व्यक्ति होता हैं जो भगवान की भक्ति में सदैव लीन रहता हैं और उसके आचरण में हर व्यक्ति को परम भागवत मानकर सेवा करता हैं , उक्त उद्गार अग्रसेन भवन नैला-जांजगीर में श्रीजी 1008 कंस्ट्रक्शन कंपनी के सौजन्य से आयोजित व्यंकटेश झूलनोंत्सव -2025  के दौरान कालक्षेप ( प्रवचन ) के दौरान कथा व्यास परम-पूज्य श्रीश्री रामकृष्णाचार्य स्वामी जी महाराज ने कही ।

झूलनोंत्सव पर प्रतिदिन झांकियां सजाई जा रही हैं ।

दिनांक 03 अगस्त से 07 अगस्त 2025 तक झूलनोत्सव का आयोजन अग्रसेन भवन स्टेशन रोड जांजगीर नैला में किया जा रहा हैं । इटारसी मध्यप्रदेश से पहुंचे रामकृष्णाचार्य जी महाराज का सबसे पहले व्यासपीठ पर पहुंचने पर कैलाश अग्रवाल, पवन कुमार अग्रवाल,कमल बसईवाल, आनंद अग्रवाल, अंकित बसईवाल, आदर्श अग्रवाल देवेश बसईवाल, शशिभूषण सोनी, पूर्व पार्षद श्रीमति शशिप्रभा सोनी सहित अन्यान्य ने माल्यार्पण से स्वागत किया । स्वामी जी ने कहा कि भगवान के अपचार से बचने के लिए हमें भगवान की प्रतिदिन पूजा और भक्ति करनी चाहिए और उनकी कृपा तथा आशिर्वाद के प्रति कृतज्ञता दिखानी चाहिए । उन्होंने कहा कि भगवान के अपचार या अपराध से बचने के लिए श्रीमद्भागवत गीता और अन्य धार्मिक ग्रंथों में विस्तार से वर्णित हैं । भगवान के अपचार से तात्पर्य भगवान की भक्ति और पूजा में की जाने वाली गलतियां या अपराध से हैं । उन्होंने कहा कि  संसार में ऐसा कोई भी मनुष्य नहीं हैं जिसमें कोई न कोई दोष न हो या जिससे कभी गलती न होती हो अतएव मन का भ्रम, बुद्धि और ज्ञान का पाप का ही यह परिणाम हैं, इसलिए हर व्यक्ति को सावधानी से बचकर रहना चाहिए । इस अवसर पर स्वामी जी श्रीमद्भागवत पुराण में वर्णित 10 निरुपण अपचार के विषय में बारी-बारी से समझाया । उन्होंने शरीर निरुपण, आश्रम निरुपण, अवैध निरुपण, आलस्य निरुपण,वाद निरुपण,बंधु निरुपण, प्रकाश निरुपण  के विषय में प्रेरणादायक उद्धरण पेश किया ।

झूलनोंत्सव के अंतिम दिवस पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त उमड़ेंगे, महाप्रसाद की व्यवस्था ।

 दिनांक 07 अगस्त, 2025 को झूलनोत्सव का अंतिम दिन हैं । इस अवसर पर दोपहर 12: 30 बजें से अग्रसेन भवन नैला-जांजगीर के उत्सव स्थल पर महाप्रसाद रखा गया हैं । बसईवाल परिवार ने इस अवसर पर श्रद्धालु भक्तों को स्त्रोत पाठ, लाल सरकार जी की आरती, कालपेक्ष, छंदावली पाठ,कथा महात्म्य श्रवण और महाप्रसाद ग्रहण करने निवेदन किया हैं ।

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