राजधानी

NHRCCB के राष्ट्रीय वेबिनार में पुलिस, न्याय व्यवस्था एवं मानवाधिकारों पर व्यापक चर्चा

नई दिल्ली | 09 अगस्त 2026

राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो (NHRCCB) द्वारा “पुलिस, न्याय व्यवस्था एवं मानवाधिकार: नागरिक अधिकारों की सुरक्षा में जवाबदेही” विषय पर राष्ट्रीय ऑनलाइन वेबिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पुलिस व्यवस्था, न्याय तक नागरिकों की पहुँच, मानवाधिकार संरक्षण तथा जमीनी स्तर पर मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की भूमिका पर व्यावहारिक एवं विधिक दृष्टिकोण विकसित करना था।

वेबिनार की अध्यक्षता NHRCCB के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रणधीर कुमार ने की। कार्यक्रम में हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष श्री मोहिंदर पाल धनिया मुख्य अतिथि के रूप में तथा अधिवक्ता जितेंद्र पुरोहित, प्रदेश विधिक सलाहकार, मध्य प्रदेश मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन NHRCCB के राष्ट्रीय समन्वयक श्री प्रभात कुमार मिश्रा ने किया।

अपने संबोधन में मुख्य  अतिथि श्री मान मोहिंदर पाल धनिया ने नागरिकों के संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों, पुलिस की जवाबदेही, न्याय तक समान पहुँच तथा मानवाधिकार संरक्षण में कानून एवं प्रशासन की भूमिका पर महत्वपूर्ण विचार साझा किए। चर्चा में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि मानवाधिकार संरक्षण केवल संस्थागत व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर जागरूकता, जिम्मेदार नागरिक सहभागिता और संवैधानिक प्रक्रिया के पालन से भी जुड़ा है।

मुख्य वक्ता अधिवक्ता जितेंद्र पुरोहित जी, प्रदेश विधिक सलाहकार, मध्य प्रदेश ने विषय पर अपने संबोधन में पुलिस एवं न्याय व्यवस्था से जुड़े नागरिक अधिकारों, संवैधानिक एवं कानूनी संरक्षण, पुलिस की जवाबदेही तथा न्याय तक प्रभावी पहुँच के महत्वपूर्ण पहलुओं पर व्यावहारिक एवं विधिक मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर प्रकाश डाला कि मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को अपनी भूमिका कानून की निर्धारित सीमाओं के भीतर रखते हुए पीड़ितों को उचित प्रक्रिया एवं सक्षम प्राधिकारी तक पहुँचाने में सहयोग करना चाहिए।


वेबिनार के दौरान प्रश्नोत्तरी सत्र में भी विषय से जुड़े जमीनी एवं व्यावहारिक प्रश्नों पर चर्चा हुई, जिनमें मानवाधिकार उल्लंघन की शिकायत मिलने पर पदाधिकारी की प्रारंभिक भूमिका, पुलिस द्वारा शिकायत दर्ज न किए जाने की स्थिति में उपलब्ध वैधानिक माध्यम, पुलिस एवं नागरिक के बीच विवाद में मानवाधिकार कार्यकर्ता की भूमिका, नवनियुक्त नए पदाधिकारियों द्वारा  की जाने वाली प्रभावी स्थानीय गतिविधियाँ जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल रहे।

वेबिनार में जेलों में बंद कैदियों के मानवाधिकारों से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न भी उठाया गया। जेल भ्रमण के दौरान बंदियों की मूलभूत सुविधाओं, स्वास्थ्य, स्वच्छता, कानूनी सहायता, गरिमापूर्ण व्यवहार तथा उपलब्ध शिकायत एवं निवारण व्यवस्थाओं जैसे पहलुओं को समझने और संबंधित नियमों के अनुरूप ध्यान देने की आवश्यकता पर चर्चा हुई।

इस अवसर पर NHRCCB ने अपने पदाधिकारियों से आह्वान किया कि वे मानवाधिकारों के क्षेत्र में केवल औपचारिक गतिविधियों तक सीमित न रहें, बल्कि अपने-अपने क्षेत्रों में जागरूकता, संवाद, विधिक जानकारी एवं सामाजिक सहभागिता के माध्यम से सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास करें।

कार्यक्रम के समापन पर राष्ट्रीय समन्वयक श्री प्रभात  मिश्रा ने सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे संवाद मानवाधिकारों को जमीनी स्तर तक पहुँचाने तथा पदाधिकारियों को उनकी भूमिका और जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से समझने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

NHRCCB ने भविष्य में भी मानवाधिकार, नागरिक अधिकार, विधिक जागरूकता एवं जनहित से जुड़े विषयों पर ऐसे राष्ट्रीय संवाद एवं जागरूकता कार्यक्रम निरंतर आयोजित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।


National Human Rights & Crime Control Bureau (NHRCCB)
???? www.nhrccb.org
???? National Helpline: +91 91117 30311

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