राजधानी

प्लाई-रस्सी के सहारे अधूरा पुल पार करते बच्चे

गरियाबंद 

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में एक पुल 3 साल से अधूरा पड़ा है। बच्चे स्कूल जाने के लिए 20 फीट की सीढ़ी लगाकर अधूरे पुल को पार कर रहे हैं। ग्रामीण पुल के पिलर पर बिछाई गई सेंटरिंग प्लेट और प्लाई के सहारे नदी पार करते हैं।

दोनों ओर गहरी खाई है और पुल से सरिए निकले हुए हैं। इससे हर वक्त हादसे का खतरा बना हुआ है। इस स्थिति में भी हर रोज 30 से ज्यादा बच्चे जान जोखिम में डालकर स्कूल पहुंचते हैं,

PWD के इंजीनियर के मुताबिक, 70 फीसदी काम पूरा हो चुका है और एप्रोच का काम बाकी है। बारिश खत्म होने के बाद जल्द ही बाकी काम पूरा कराया जाएगा। बताया जा रहा है कि कंस्ट्रक्शन कंपनी को 70 फीसदी राशि का भुगतान कर दिया गया है। इसके बाद भी पुल बनकर तैयार नहीं हुआ है।

ग्रामीण नक्छेना राम और हितराम सांडे ने बताया कि 30 से ज्यादा स्कूली बच्चों को देहारगुड़ा स्कूल पहुंचने के लिए अधूरे पुल से होकर गुजरना पड़ता है। वहीं ग्रामीणों को भी रोजाना पंचायत मुख्यालय और ब्लॉक मुख्यालय आने-जाने के लिए इसी रास्ते का इस्तेमाल करना पड़ता है।

बारिश के दौरान पैरी नदी का बहाव तेज होने पर परेशानी और बढ़ जाती है। ग्रामीणों को करीब 20 फीट की सीढ़ी चढ़कर अधूरे पुल पर पहुंचना पड़ता है। इसके बाद पुल पर बिछाई गई सेंटरिंग प्लेट और प्लाई के सहारे जोखिम उठाकर नदी पार करनी पड़ती है। अधूरे पुल पर स्लैब जोड़ने के लिए सेंटरिंग प्लेट और प्लाई बिछाई गई है। दोनों ओर गहरी खाई है और पुल से निकले सरिए हादसे का खतरा बढ़ा रहे हैं।

छोटे बच्चों को उनके पेरेंट्स नदी और पुल पार कराने के लिए साथ पहुंचते हैं। वहीं, मिडिल स्कूल के प्रिसिंपल चित्रसेन पटेल ने बताया कि छुट्टी के समय स्कूल प्रबंधन की ओर से सहयोगियों की एक टोली बच्चों को सुरक्षित पुल पार कराने के लिए तैनात रहती है।

कांग्रेस के जिला पंचायत सदस्य संजय नेताम ने कहा कि आखिर एक्सटेंशन के मुताबिक पुल का काम जून 2026 तक पूरा होना था, लेकिन इसके बावजूद निर्माण अधूरा पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग कंपनी की लापरवाही पर पर्दा डालने में लगा है।

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