धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर रायपुर में जश्न
रायपुर
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद रायपुर में छात्र-युवाओं ने खुशी जताते हुए जश्न मनाया। डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक पर जुटे प्रदर्शनकारियों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाई और इसे लोकतंत्र की जीत बताया।
युवाओं ने कहा कि देशभर के छात्रों, सामाजिक संगठनों और शांतिपूर्ण आंदोलनों की आवाज आखिरकार सरकार तक पहुंची।
उनका कहना था कि लंबे समय से शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई और जवाबदेही की मांग उठाई जा रही थी। युवाओं ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा छात्रों के संघर्ष का पहला बड़ा परिणाम है।
हालांकि उनका मानना है कि केवल नेतृत्व परिवर्तन से काम नहीं चलेगा। अब केंद्र सरकार को परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने, पेपर लीक रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था लागू करने और शिक्षा सुधार के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। प्रदर्शनकारियों ने खून से 'धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो' लिखकर विरोध दर्ज कराया था। आंदोलन के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई थी।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल इस्तीफा नहीं था, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार कराना है। उनका कहना है कि सरकार को पेपर लीक जैसे मामलों पर सख्त कानून बनाना चाहिए।
परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाना चाहिए और छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से काम करना चाहिए।
युवाओं ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से किए गए आंदोलन का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। अब उम्मीद है कि सरकार शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर भी जल्द ठोस निर्णय लेगी।