छेरकापुर प्राथमिक कृषि शाखा समिति में लिपिक की अनुपस्थिति से किसान परेशान, कई दिनों से लगा रहे चक्कर
गोविंद राम ब्यूरो चीफ
पलारी
ग्राम छेरकापुर स्थित प्राथमिक कृषि शाखा सहकारी समिति में लिपिक-सहायक की अनुपस्थिति के कारण किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों का आरोप है कि वे पिछले 2 से 4 दिनों से लगातार लगभग 7 किलोमीटर दूर-दराज के गांवों से समिति पहुंच रहे हैं, लेकिन उनका आवश्यक कार्य नहीं हो पा रहा है।
किसानों के अनुसार, समिति में फिंगरप्रिंट (अंगूठा सत्यापन) सहित अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं के लिए लिपिक-सहायक रूपराम सेन की उपस्थिति आवश्यक है। उनके अनुपस्थित रहने से सभी कार्य प्रभावित हो गए हैं। किसानों का कहना है कि कई बार मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
बारिश के मौसम में किसानों को अतिरिक्त कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे से समिति परिसर में लगभग 16 से 20 किसान अपने कार्य के इंतजार में बैठे रहे। किसानों का कहना है कि उन्हें बार-बार अभी आ रहे हैं बोलकर बहाना बनाकर इंतजार कराया जाता है, लेकिन संबंधित कर्मचारी समिति नहीं पहुंचे।
समिति परिसर में मौजूद किसान शकुन भाई ने आरोप लगाया, हम सुबह 10 बजे से प्राथमिक कृषि शाखा सहकारी समिति में बैठे हुए हैं, लेकिन अभी तक हमारा काम नहीं हुआ। सिर्फ अंगूठा सत्यापन के लिए कई दिनों से चक्कर लगा रहे हैं, जिससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी हो रही है।
वहीं ग्राम बिनोरी के किसान सुकून टंडन ने कहा, फिंगरप्रिंट नहीं होने के कारण हमारा काम रुका हुआ है। आखिर यह स्थिति कब तक रहेगी? गरीब किसान दूर-दराज के गांवों से यहां आते हैं और बार-बार चक्कर लगाने को मजबूर हैं। सरकार कहती है कि किसी का काम नहीं रुकेगा, लेकिन यहां कर्मचारियों की मनमानी के कारण किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
किसानों ने राज्य सरकार और संबंधित विभाग से मांग की है कि समिति में कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों को बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें और उनके कार्य समय पर पूरे हो सकें।