रावतपुरा विश्वविद्यालय पर छात्रों का फर्जीवाड़े का आरोप
रायपुर
रावतपुरा सरकार विश्वविद्यालय के बी-ऑप्टोमेट्री (बैच 2020-24) के छात्र-छात्राओं ने मंगलवार को मुजगहन थाने पहुंचकर विश्वविद्यालय के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत की।
उनका आरोप है कि विश्वविद्यालय ने छत्तीसगढ़ पैरामेडिकल काउंसिल से मान्यता और रजिस्ट्रेशन मिलने का भरोसा देकर दाखिला कराया, लेकिन कोर्स पूरा होने के बाद भी उन्हें रजिस्ट्रेशन नहीं मिला। इससे सरकारी और निजी संस्थानों में नौकरी के लिए आवेदन करने में दिक्कत आ रही है। वहीं, इस मामले में रायपुर जिला NSUI अध्यक्ष प्रशांत गोस्वामी भी छात्रों के समर्थन में थाने पहुंचे।
शिकायत में छात्रों ने कहा कि कोर्स पूरा करने के बाद जब सरकारी और निजी संस्थानों में नौकरी के लिए आवेदन किया तो रजिस्ट्रेशन नहीं होने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा। उनका आरोप है कि इसी वजह से उनकी डिग्री को स्वीकार नहीं किया जा रहा है। उनका यह भी आरोप है कि काउंसिल ने राज्य की केवल 14 कॉलेजों को नर्सिंग और उससे जुड़े कोर्स संचालित करने की मान्यता दी है। इन 14 कॉलेजों की सूची में रावतपुरा विश्वविद्यालय का नाम शामिल नहीं है। इसके बावजूद विश्वविद्यालय में नर्सिंग से जुड़े कोर्स संचालित किए जा रहे हैं।
NSUI अध्यक्ष प्रशांत गोस्वामी ने दावा किया कि विश्वविद्यालय से बी-ऑप्टोमेट्री के 5 बैच पासआउट हो चुके हैं और छठा बैच भी कोर्स पूरा करने वाला है। उनका आरोप है कि अब तक किसी भी छात्र को पैरामेडिकल रजिस्ट्रेशन नहीं मिला है।
उन्होंने कहा कि यदि 15 दिन के भीतर विश्वविद्यालय के खिलाफ FIR दर्ज नहीं होती है तो NSUI स्वास्थ्य मंत्री के निवास का घेराव कर विरोध प्रदर्शन करेगी।
विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार अमृतपाल राव ने कहा कि अगर कोई स्टूडेंट बाहर जाकर कुछ करता है तो उसका जवाब हम नहीं देंगे। वहीं, बी-ऑप्टोमेट्री का रजिस्ट्रेशन हुआ है या नहीं ये सवाल सीधे पूछने पर उन्होंने कॉल काट कर दिया।