छत्तीसगढ़ में हेलमेट नियम सख्ती से लागू कराने के निर्देश, लापरवाह अधिकारियों पर जांच की मांग
नवा रायपुर। छत्तीसगढ़ में सड़क सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सख्ती बढ़ा दी गई है। परिवहन आयुक्त कार्यालय, नवा रायपुर द्वारा जारी आदेश में दोपहिया वाहन चालकों और सहयात्रियों के लिए हेलमेट अनिवार्यता को कड़ाई से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, इस नियम के पालन में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ जांच समिति गठित करने की मांग भी सामने आई है।
यह कार्रवाई मुख्यमंत्री निवास से प्राप्त एक संदर्भ पत्र के आधार पर की गई है, जिसमें रायपुर के पूर्व पार्षद एवं नहरपारा विकास समिति के अध्यक्ष रमेश आहूजा द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में कहा गया था कि केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद राज्य में हेलमेट नियमों का प्रभावी पालन नहीं कराया जा रहा है।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि मोटरयान अधिनियम, 1988 के तहत दोपहिया वाहन चालकों और पीछे बैठने वाले यात्रियों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य है। इसके उल्लंघन पर धारा 194(घ) के तहत जुर्माने का प्रावधान भी है। इसके बावजूद वर्ष 2023 से 2025 के बीच हुई सड़क दुर्घटनाओं में बड़ी संख्या में मौतें सामने आई हैं, जिनमें हेलमेट नहीं पहनना एक प्रमुख कारण रहा है।
परिवहन आयुक्त द्वारा जारी निर्देशों में स्पष्ट कहा गया है कि सभी क्षेत्रीय, अतिरिक्त क्षेत्रीय और जिला परिवहन अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि शोरूम से बिना हेलमेट के दोपहिया वाहन की डिलीवरी न की जाए। इसके उल्लंघन पर मोटरयान अधिनियम की धारा 129 और केंद्रीय मोटरयान नियम, 1989 के नियम 34 से 44 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा, बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों के खिलाफ छत्तीसगढ़ मोटरयान नियम, 1994 के नियम 213 के तहत भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को यह भी कहा गया है कि वे स्थानीय स्तर पर हेलमेट के उपयोग को लेकर व्यापक प्रचार-प्रसार करें, ताकि लोगों में जागरूकता बढ़ाई जा सके।
परिवहन विभाग का मानना है कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए हेलमेट का उपयोग अत्यंत आवश्यक है। ऐसे में नियमों का पालन सुनिश्चित करना और लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई करना बेहद जरूरी हो गया है। इस आदेश के बाद राज्यभर में परिवहन विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई तेज होने की संभावना है।
हेलमेट नियमों पर सख्ती, क्या हैं कानूनी प्रावधान?
दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट पहनना सिर्फ एक सुरक्षा उपाय नहीं, बल्कि कानूनी अनिवार्यता भी है। मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 129 के अनुसार, वाहन चलाते समय चालक और पीछे बैठने वाले व्यक्ति दोनों के लिए हेलमेट पहनना जरूरी है। नियमों के उल्लंघन पर धारा 194(घ) के तहत जुर्माने का प्रावधान है।
साथ ही, शोरूम से बिना हेलमेट दोपहिया वाहन की डिलीवरी करना भी नियमों के खिलाफ माना गया है, जिस पर संबंधित डीलर के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। केंद्रीय मोटरयान नियम, 1989 के नियम 34 से 44 और छत्तीसगढ़ मोटरयान नियम, 1994 के नियम 213 के तहत भी सख्त दंड का प्रावधान है।