गोढ़ी में पांच पंचायतों का संकल्प: आर्द्रभूमि और पक्षी संरक्षण की मुहिम शुरू हरेली से धरातल पर उतरेगा अभियान, प्रकृति से जुड़ेगी आजीविका और नई पीढ़ी
धरसींवा। जनपद पंचायत धरसींवा क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता को लेकर एक नई पहल की मजबूत शुरुआत हुई है। बुधवार को गोढ़ी ग्राम पंचायत में जिला पंचायत रायपुर और फाउंडेशन फॉर इकोलॉजिकल सिक्योरिटी के संयुक्त तत्वावधान में एक विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। “रायपुर पक्षी रहवास ग्राम पंचायत समूह के आर्द्रभूमि संरक्षण एवं आर्द्रभूमि-आधारित आजीविका 2026” विषय पर केंद्रित इस बैठक में पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण और ग्रामीणों की आजीविका को प्रकृति से जोड़ने पर विस्तार से चर्चा हुई।
इस कार्यशाला में मांढर, बरबंदा, टोर, गोढ़ी-2 और नगरगाँव-अकोली पंचायतों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर जल स्रोतों और पक्षियों के प्राकृतिक आवास को बचाने के लिए सामूहिक संकल्प लिया। मुख्य वक्ता डॉ. मनजीत कौर बल ने आर्द्रभूमियों की महत्ता बताते हुए कहा कि ये न केवल भूजल स्तर को बनाए रखने में सहायक हैं, बल्कि जैव विविधता के संरक्षण में भी अहम भूमिका निभाती हैं। उन्होंने बताया कि इन पंचायतों में पक्षी आवास विकसित करने की व्यापक संभावनाएं हैं, जिससे भविष्य में ईको-टूरिज्म के रास्ते भी खुल सकते हैं।
पक्षी विशेषज्ञ जागेश्वर वर्मा ने स्थानीय पक्षियों की प्रजातियों और उनके संरक्षण के तकनीकी पहलुओं पर जानकारी दी। वहीं जनपद पंचायत के सीईओ आशीष केसरवानी और बिहान के डीपीएम सुमित ने प्रशासनिक सहयोग का भरोसा दिलाया।
बैठक का अहम निष्कर्ष पंचायत प्रतिनिधियों का सामूहिक निर्णय रहा, जिसमें तय किया गया कि ‘हरेली’ पर्व से संरक्षण कार्यों की शुरुआत की जाएगी। इसके तहत जलाशयों के पुनर्जीवन, सफाई और आसपास के प्राकृतिक स्वरूप को सहेजने पर विशेष जोर रहेगा। साथ ही बच्चों और युवाओं को जोड़ने के लिए ग्रीष्मकालीन समर कैंप आयोजित किए जाएंगे, जिनमें चित्रकला, घोंसला निर्माण और नेचर वॉक जैसी गतिविधियां शामिल होंगी।
कार्यशाला में जल संकट और संरक्षण के उपायों पर भी गंभीर चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने वर्षा जल संचयन और प्राकृतिक जल प्रवाह को बनाए रखने जैसे व्यावहारिक सुझाव दिए। करीब 35 प्रतिभागियों की उपस्थिति में संपन्न इस कार्यक्रम का समापन सामूहिक शपथ के साथ हुआ, जिसमें ग्रामीणों ने जल स्रोतों और पक्षियों के संरक्षण के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
हरेली से शुरू होगा ‘प्रकृति रक्षा अभियान’
हरेली पर्व से पांचों पंचायतों में आर्द्रभूमि संरक्षण का जमीनी अभियान शुरू किया जाएगा। इस दौरान जलाशयों की सफाई, पुनर्जीवन और हरियाली बढ़ाने के कार्य किए जाएंगे। साथ ही बच्चों के लिए समर कैंप आयोजित कर उन्हें प्रकृति और पक्षी संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ी भी पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी समझ सके।