सिलतरा में पुलिस का 'ऑपरेशन क्लीन': रातों-रात सघन कॉम्बिंग गश्त, सोशल मीडिया के 'डॉन' समेत 17 बदमाश सलाखों के पीछे ,,,
औद्योगिक क्षेत्र में खाकी का खौफः एसपी के निर्देश पर सड़कों पर उतरी पुलिस, इंस्टाग्राम पर हथियार लहराने वाले 'डिजिटल अपराधियों' का साम्राज्य ध्वस्त।
0 रील में 'गैंगस्टर' और हकीकत में कैदी: सिलतरा पुलिस ने बुझाया सोशल मीडिया के स्वयंभू बदमाशों का टशन, शांति भंग करने वालों पर बड़ी कार्रवाई,,,
धरसींवा। औद्योगिक क्षेत्र सिलतरा और इसके आसपास के ग्रामीण इलाकों में शांति व्यवस्था को चुनौती देने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ पुलिस ने अब तक का सबसे बड़ा और निर्णायक प्रहार किया है। 'ऑपरेशन क्लीन' के तहत रविवार की पूरी रात सिलतरा पुलिस की टीम ने अतिरिक्त पुलिस बल लेकर सड़कों पर उतरकर सघन कॉम्बिंग गश्त की, जिसने न केवल अपराधियों की नींद उड़ा दी, बल्कि क्षेत्र में कानून का इकबाल भी बुलंद किया है। पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा के कड़े तेवरों और स्पष्ट निर्देशों के बाद हुई इस कार्रवाई में कुल 17 बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है, जिससे पूरे औद्योगिक बेल्ट में हड़कंप मचा हुआ है।
बता दे कि क्षेत्र में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों और सोशल मीडिया पर हथियारों के प्रदर्शन की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने एक अभेद्य रणनीति तैयार की थी। वरिष्ठ अधिकारियों की कुशल मार्गदर्शन में चौकी प्रभारी राजेंद्र सिंह कंवर के नेतृत्व में पुलिस की विशेष टुकड़ियों ने सांकरा, सिलतरा, धनेली और अकोली जैसे संवेदनशील गांवों की घेराबंदी की। इस दौरान पुलिस ने उन ठिकानों पर दबिश दी जहाँ अपराधी अक्सर पनाह लेते थे। रात भर चली इस कार्रवाई की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पुलिस ने न केवल फरार वारंटियों को दबोचा, बल्कि उन 'सोशल मीडिया के स्वयंभू डॉनों' को भी बेनकाब किया जो इंस्टाग्राम और फेसबुक पर दहशत का व्यापार कर रहे थे।
0 शोशल मीडिया के डॉन सहित 17 आरोपी गिरफ्तार,,
इस ऑपरेशन की सबसे चर्चित कड़ी पुनीत नौरंगे और सागर साह जैसे युवकों की गिरफ्तारी रही, जो खुद को सोशल मीडिया पर 'गैंगस्टर' के रूप में पेश कर रहे थे। ये 'डिजिटल बदमाश' धारदार हथियारों के साथ रील और फोटो पोस्ट कर आम जनता के बीच खौफ पैदा करने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने इनके वर्चुअल साम्राज्य को ध्वस्त करते हुए स्पष्ट संदेश दिया है कि स्क्रीन पर हथियार लहराने वालों की असली जगह जेल की कालकोठरी ही है। इसके साथ ही, पुलिस ने लंबे समय से कानून की आँखों में धूल झोंक रहे स्थायी वारंटी शिव पारधी उर्फ गोड्डा को गिरफ्तार करने में भी बड़ी सफलता हासिल की। सूचीबद्ध गुंडा बदमाश युवराज सिंह ठाकुर और संदीप कुर्रे सहित फिरोज बारले, आकाश मनहर और अन्य कुल 17 आरोपियों पर विभिन्न प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत कड़ी कार्रवाई की गई है।
चौकी प्रभारी राजेंद्र सिंह कंवर ने इस बड़ी सफलता के बाद कहा कि क्षेत्र में गुंडागर्दी और अशांति फैलाने वालों के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने स्थानीय निवासियों को सुरक्षा का भरोसा दिलाते हुए चेतावनी दी कि अपराध की राह चुनने वालों के खिलाफ भविष्य में भी ऐसी ही कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस की इस मुस्तैदी ने आम जनता के बीच सुरक्षा के भाव को पुनः स्थापित किया है, वहीं सिलतरा के औद्योगिक गलियारों में अब शांति का माहौल है और अपराधियों के बीच पुलिस का खौफ साफ देखा जा सकता है।
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"क्षेत्र में शांति व्यवस्था और आम नागरिकों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में चलाए गए 'ऑपरेशन क्लीन' का उद्देश्य अपराधियों में कानून का डर पैदा करना और जनता में विश्वास जगाना है। हमने न केवल पुराने वारंटियों को पकड़ा है, बल्कि सोशल मीडिया के माध्यम से दहशत फैलाने वाले युवाओं पर भी नकेल कसी है। सिलतरा और आसपास के गांवों में गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।"
--राजेंद्र सिंह कंवर
(चौकी प्रभारी, सिलतरा)