दुर्ग के समोदा में अवैध अफीम खेती का बड़ा खुलासा,भाजपा नेता निलंबित भुट्टे की फसल की आड़ में चल रही थी खेती,दुर्ग पुलिस की बड़ी कार्रवाई
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के जेवरा-सिरसा पुलिस चौकी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम समोदा में अवैध अफीम की खेती का बड़ा मामला सामने आया है। खेतों में भुट्टे और अन्य फसलों की आड़ में अफीम के पौधे लगाए गए थे। पुलिस, राजस्व विभाग और एफएसएल की संयुक्त जांच में इसकी पुष्टि होने के बाद एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इस मामले में भाजपा नेता विनायक ताम्रकार और बृजेश ताम्रकार को पुलिस हिरासत में लिया गया है। घटना के बाद भाजपा संगठन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए विनायक ताम्रकार को पार्टी से निलंबित कर दिया है।
प्रशासनिक टीम ने खेत का निरीक्षण कर अफीम के पौधों की गिनती और जमीन की नाप-जोख शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में अफीम वाली खेत का रकबा करीब 2 एकड़ से अधिक बताया जा रहा है, जबकि आसपास के क्षेत्रों की भी ड्रोन से जांच कराई जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं अन्य स्थानों पर भी अवैध खेती तो नहीं की गई है।
व्हाट्सएप फोटो से खुला मामला, सरपंच ने दी सूचना
इस पूरे मामले का खुलासा एक तस्वीर से हुआ। जानकारी के अनुसार समोदा की सरपंच को दो दिन पहले व्हाट्सएप पर खेत की कुछ तस्वीरें मिली थीं। तस्वीरों में मक्के और अन्य फसलों के बीच अलग तरह के पौधे दिखाई दे रहे थे।
सरपंच को शक होने पर उन्होंने इंटरनेट के माध्यम से पौधों की पहचान करने की कोशिश की, जिससे अंदेशा हुआ कि यह अफीम के पौधे हो सकते हैं। इसके बाद उन्होंने तत्काल पुलिस चौकी को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच में खेत में बड़ी संख्या में अफीम के पौधे लगे मिले। इसके बाद पूरे खेत को पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।
बॉक्स खबर
भुट्टे की फसल के बीच छिपाई गई थी अफीम
जांच में सामने आया है कि खेत में मक्के की फसल के साथ मिश्रित तरीके से अफीम के पौधे लगाए गए थे। दूर से देखने पर यह सामान्य खेती जैसा दिखाई देता था, जिससे किसी को संदेह न हो। खेत के आसपास घेराबंदी भी की गई थी और बाहरी लोगों का प्रवेश सीमित रखा गया था।
भाजपा ने की त्वरित कार्रवाई, नेता निलंबित
मामला सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि विनायक ताम्रकार पहले भाजपा किसान मोर्चा दुर्ग के जिला अध्यक्ष रह चुके हैं और संगठन में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।
घटना के सामने आने और गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही छत्तीसगढ़ भाजपा ने संगठनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और यदि किसी भी व्यक्ति की अवैध गतिविधियों में संलिप्तता पाई जाती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बॉक्स खबर
अफीम की खेती पर कानून क्या कहता है
भारत में अफीम की खेती केवल केंद्र सरकार की अनुमति से और सीमित क्षेत्रों में ही की जा सकती है। राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में लाइसेंस जारी किए जाते हैं। नियमों के अनुसार बिना लाइसेंस अफीम की खेती करना एनडीपीएस एक्ट के तहत गंभीर अपराध है, जिसमें 10 से 20 साल तक की सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान है।
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। खेतों का सर्वे, पौधों की गिनती और संबंधित लोगों से पूछताछ जारी है। जांच पूरी होने के बाद इस अवैध खेती से जुड़े अन्य लोगों और संभावित नेटवर्क का भी खुलासा होने की संभावना जताई जा रही है।