इमरान खोखर ब्यूरो चीफ मुंगेली
मुंगेली। नगर की साफ-सफाई और स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने में सफाईकर्मियों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। मौसम चाहे गर्मी का हो, सर्दी का या फिर तेज बारिश का, ये श्रमवीर सुबह से ही अपने काम में जुट जाते हैं। इन दिनों बारिश के बीच नगर की सड़कों, गलियों और सार्वजनिक स्थानों की सफाई करते सफाईकर्मी नजर आ रहे हैं। हालांकि, बारिश के दौरान काम करने के लिए पर्याप्त सुरक्षा संसाधन उपलब्ध नहीं होने से उन्हें जोखिम उठाकर अपनी जिम्मेदारियां निभानी पड़ रही हैं।
बारिश में बढ़ जाती है सफाईकर्मियों की परेशानी
बरसात के मौसम में सफाई कार्य सामान्य दिनों की अपेक्षा अधिक चुनौतीपूर्ण हो जाता है। बारिश के पानी और कीचड़ के बीच सफाईकर्मियों को गीला कचरा उठाना पड़ता है। कई जगह नालियों और सड़क किनारे जमा कचरे में कांच के टुकड़े, धारदार ब्लेड, लोहे के तार, प्लास्टिक और अन्य नुकीली वस्तुएं छिपी रहती हैं।
ऐसे में बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों के कचरा उठाने के दौरान सफाईकर्मियों के हाथ-पैर में चोट लगने की आशंका बनी रहती है। गीले कचरे में छिपी नुकीली वस्तुएं दिखाई नहीं देने के कारण खतरा और बढ़ जाता है।
गंदे पानी के संपर्क से संक्रमण का खतरा
बारिश के दौरान सफाईकर्मियों को कई बार गंदे पानी और कचरे के लगातार संपर्क में रहकर काम करना पड़ता है। इससे संक्रमण और त्वचा संबंधी परेशानियों का खतरा भी बना रहता है। इसके बावजूद सफाईकर्मी अपने दायित्वों से पीछे नहीं हटते और नगरवासियों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम करते हैं।
कई बार तेज बारिश के दौरान भी सफाई कार्य जारी रखना पड़ता है। ऐसे समय में सुरक्षा उपकरणों की कमी उनके लिए परेशानी का कारण बन सकती है।
रेनकोट और गमबूट के साथ मजबूत दस्ताने भी जरूरी
बारिश के मौसम में सफाईकर्मियों को केवल रेनकोट और गमबूट उपलब्ध कराना ही पर्याप्त नहीं है। कचरा उठाने के दौरान हाथों की सुरक्षा के लिए मजबूत दस्ताने, मास्क और अन्य आवश्यक सुरक्षा सामग्री भी उपलब्ध कराना जरूरी है।
नियमित रूप से सुरक्षा उपकरण मिलने से सफाई के दौरान चोट लगने की आशंका को कम किया जा सकता है। साथ ही बारिश और गंदे पानी के संपर्क से होने वाली स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से भी काफी हद तक बचाव संभव है।
स्वच्छ नगर के पीछे सफाईकर्मियों की मेहनत
मुंगेली की स्वच्छ और सुंदर तस्वीर के पीछे सफाईकर्मियों की मेहनत छिपी है। सुबह से लेकर दिनभर ये कर्मचारी सड़कों, गलियों, नालियों और सार्वजनिक स्थानों की सफाई में जुटे रहते हैं। उनके नियमित प्रयासों के कारण ही नगर में स्वच्छता व्यवस्था बनी रहती है।
ऐसे में सफाईकर्मियों की मेहनत के साथ उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य पर भी ध्यान दिया जाना जरूरी है। नगर को स्वच्छ रखने वाले इन श्रमवीरों को पर्याप्त सुरक्षा सामग्री उपलब्ध कराना केवल सुविधा नहीं, बल्कि उनके सुरक्षित कार्य वातावरण के लिए आवश्यक व्यवस्था है।
नगर प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग
बारिश के मौसम में जोखिम उठाकर सफाई कार्य करने वाले कर्मचारियों के लिए नगर प्रशासन द्वारा नियमित रूप से आवश्यक सुरक्षा संसाधन उपलब्ध कराने की जरूरत है। रेनकोट, गमबूट, मजबूत दस्ताने, मास्क सहित अन्य सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
सफाईकर्मियों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने से वे बेहतर और सुरक्षित तरीके से अपना काम कर सकेंगे। स्वच्छ नगर की जिम्मेदारी निभाने वाले इन श्रमवीरों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता देना भी नगर प्रशासन की जिम्मेदारी है।
मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) होरी सिंह ठाकुर का कहना है कि "पूर्व में स्वच्छता मित्रों/कचरा एकत्र करने वाले कर्मियों को सुरक्षा सामग्री प्रदान की गई थी। बरसात के मौसम को ध्यान में रखते हुए उन्हें पुनः दस्ताने, रेनकोट और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराया जाएगा ।