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मुंगेली जिले में 13,948 अपूर्ण मनरेगा कार्य 15 मार्च 2026 तक पूर्ण कराने के निर्देश

अपूर्ण मनरेगा कार्यों की समय-सीमा तय, सीईओ व कार्यक्रम अधिकारियों को कड़ाई के निर्देश

शासन के निर्देश पर मुंगेली में अपूर्ण मनरेगा कार्यों को समय-सीमा में पूरा करने के आदेश

मुंगेली में मनरेगा कार्यों की रफ्तार तेज, 15 मार्च तक पूर्णता के निर्देश

इमरान खोखर ब्यूरो चीफ मुंगेली 
मुंगेली । छत्तीसगढ़ शासन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, मंत्रालय नवा रायपुर तथा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) राज्य कार्यालय द्वारा जारी आदेशों के अनुपालन में वित्तीय वर्ष 2025-26 की समाप्ति के पूर्व लंबित कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए हैं।
मुंगेली जिले में मनरेगा अंतर्गत कुल 13,948 अपूर्ण कार्यों को दिनांक 15 मार्च 2026 तक अनिवार्य रूप से पूर्ण कराया जाना है। वृक्षारोपण एवं नर्सरी से संबंधित कार्यों को छोड़कर शेष सभी स्वीकृत एवं प्रगतिरत कार्यों की पूर्णता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इस हेतु दिनांक 28-01-2026 को मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रभाकर पाण्डेय द्वारा सभी जनपद पंचायत सीईओ एवं कार्यक्रम अधिकारीयों के साथ तकनिकी सहायकों का समीक्षा बैठक लिया गया. उक्त निर्देशों के परिपालन हेतु मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत लोरमी, मुंगेली एवं पथरिया को अपने-अपने जनपद क्षेत्रों में लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराने हेतु निर्देशित किया गया है। साथ ही, तीनों जनपद पंचायतों के कार्यक्रम अधिकारियों को कार्यों की सतत समीक्षा करते हुए निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) राज्य कार्यालय द्वारा अपूर्ण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग, दस्तावेजों का समुचित संधारण, सामाजिक अंकेक्षण उपरांत निर्धारित वसूली की कार्रवाई तथा साप्ताहिक प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जा रहा है। जिसके लिए राज्य स्तर से समिति बनाई गयी है. किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने का स्पष्ट निर्देश है ।
- कलेक्टर कुंदन कुमार ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार जिले में शेष सभी अपूर्ण मनरेगा कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए 15 मार्च 2026 तक पूर्ण कराया जाएगा। सभी जनपद पंचायतों एवं कार्यक्रम अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश हैं कि वे कार्यों की नियमित समीक्षा कर गुणवत्ता एवं समय-सीमा का पूर्णतः पालन सुनिश्चित करें। लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी।

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