जिला
राम मंदिर ट्रस्ट मामले को लेकर कांग्रेस का बड़ा हमला, शीर्ष पदाधिकारियों की जवाबदेही पर उठाए सवाल
सारंगढ़ में प्रेस वार्ता कर कांग्रेस ने कहा- केवल छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई क्यों, पूरे प्रकरण पर प्रधानमंत्री की चुप्पी पर भी उठाए प्रश्न
सारंगढ़
जिला कांग्रेस कार्यालय सारंगढ़ में आयोजित प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले को लेकर केंद्र सरकार और ट्रस्ट के शीर्ष पदाधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की। कार्यक्रम प्रभारी एवं रायगढ़ के पूर्व जिलाध्यक्ष अनिल शुक्ला ने कहा कि मामले में शीर्ष पदाधिकारियों के इस्तीफे इस बात की ओर संकेत करते हैं कि इसकी गंभीरता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रस्ट के वित्तीय प्रबंधन, पारदर्शिता और संपत्तियों की सुरक्षा से जुड़े कई गंभीर प्रश्न अब भी अनुत्तरित हैं। कांग्रेस ने दावा किया कि फर्जी रसीदों, नकद चढ़ावे और कथित वित्तीय हेराफेरी से जुड़े आरोपों की जांच की जा रही है, लेकिन कार्रवाई केवल निचले स्तर के कर्मचारियों तक सीमित दिखाई दे रही है।
प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि राम मंदिर के बड़े आयोजनों में हुए खर्चों की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से पूरे मामले में पारदर्शिता बरतने और दोषियों के विरुद्ध निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश इस मामले में स्पष्ट जवाब चाहता है।
कार्यक्रम प्रभारी अनिल शुक्ला ने कहा कि यदि ट्रस्ट से जुड़े शीर्ष पदाधिकारियों के इस्तीफे स्वीकार किए गए हैं, तो उनकी जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल छोटे कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई कर मामले को सीमित करना उचित नहीं है।
प्रेस वार्ता में जिला कांग्रेस अध्यक्ष ताराचंद देवांगन सहित संजय दुबे, सूरज तिवारी, अरुण मालाकार, नितीश बंजारे, उमेश केशरवानी, रवीन्द्र नंदे, राधेश्याम जायसवाल, हेमंत चंद्रा, बिनोद भारद्वाज, रामनाथ सिदार, रमेश खुंटे, राकेश पटेल, मितेंद्र यादव, राजू यादव समेत अन्य कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
बिलासपुर में 20 साल बाद बाढ़ के हालात
बिलासपुर
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में 20 साल में पहली बार बाढ़ के हालात बने हैं। शहर के हर इलाके में पानी भर गया है। सरकंडा और चांटीडीह के नीचले इलाके में 40 से अधिक लोगों का रेस्क्यू किया गया। कई जगह से ट्रांसफार्मर डूबने से ब्लैकआउट की स्थिति है। स्कूलों में आज छुट्टी कर दी गई है। रेलवे ट्रैक डूबने से 5 MEMU ट्रेनें रद्द और 3 ट्रेन का रूट बदला गया है।
जिले में पिछले 24 घंटे में औसतन 74.7 मिमी बारिश हुई है। सीपत में सबसे ज्यादा 110.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। दोमुहानी में 10 से ज्यादा घर टापू बन गए। जिससे रातभर पानी में परिवार फंसे रहा। वहीं, अरपा चेक डैम की नहर टूटने से देवरीखुर्द, मानिकपुर समेत आसपास के इलाकों में पानी घुस गया।
दरअसल, बिलासपुर में गुरुवार दोपहर से लगातार बारिश हो रही है। रात में मूसलाधार बारिश ने पूरे शहर को तरबतर कर दिया। लगातार तेज बारिश के कारण कई प्रमुख सड़कों पर नाले का पानी बहने लगा, जबकि निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई।
कलेक्टर के बंगले में भी पानी भर गया है, जहां नगर निगम की टीम जल निकासी में जुटी हुई है। वहीं, निचले इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए SDRF की टीम लगातार रेस्क्यू अभियान चला रही है। सरकंडा के बंधवापारा क्षेत्र में दो नावों के जरिए लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
बिहान दैनिक न्यूज़ से बड़ी खबर | ज़िला जांजगीर-चांपा में मौत को दावत देता पेंड्री मार्ग, जिम्मेदारों की चुप्पी पर उठे सवाल
जांजगीर-चांपा
पेंड्री से जिला अस्पताल, कलेक्ट्रेट, जिला न्यायालय, पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय सहित कई महत्वपूर्ण शासकीय कार्यालयों तक पहुंचने वाला मुख्य मार्ग इन दिनों बदहाल स्थिति में है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे, उखड़ी हुई सतह और जर्जर नहर पुल के कारण प्रतिदिन हजारों लोगों की जान जोखिम में पड़ रही है।
हैरानी की बात यह है कि इसी मार्ग से प्रतिदिन प्रशासनिक अधिकारी, कर्मचारी, जनप्रतिनिधि और आम नागरिक गुजरते हैं, लेकिन सड़क की मरम्मत और पुल की सुरक्षा को लेकर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस मार्ग की मरम्मत नहीं कराई गई, तो कभी भी कोई बड़ा सड़क हादसा या नहर पुल ध्वस्त होने जैसी गंभीर घटना हो सकती है।
ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि इस मार्ग का तत्काल निरीक्षण कर सड़क और नहर पुल की मरम्मत कराई जाए, ताकि संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके और लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।
अब बड़ा सवाल यह है—क्या प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है, या फिर समय रहते जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर समस्या का समाधान करेंगे?
रेलवे ट्रैक पर खून से लथपथ मिली रागिनी , पहचान के बाद भी अनसुलझा है दर्दनाक रहस्य....घायल अवस्था में जनदर्शन पहुंचे परिजन
इमरान खोखर ब्यूरो चीफ मुंगेली
मुंगेली । जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने न सिर्फ प्रशासनिक व्यवस्था बल्कि संवेदनशीलता और कानून-व्यवस्था से जुड़े कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कुछ दिन पहले रेलवे ट्रैक के किनारे खून से लथपथ और बेसुध हालत में मिली एक युवती की अब पहचान तो हो गई है, लेकिन उसके साथ आखिर हुआ क्या था, इसका जवाब अब तक किसी के पास नहीं है। युवती के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान, हाथ-पैर में फ्रैक्चर, कई जगह टांके और दर्द से कराहती हालत देखकर परिजनों का आरोप है कि वह किसी गंभीर अपराध की शिकार हुई है।
इस पूरे घटनाक्रम का सबसे मार्मिक दृश्य उस समय सामने आया जब घायल रागिनी कश्यप उम्र उम्र करीब 30 वर्ष को लेकर उसके परिजन सीधे मुंगेली कलेक्टर जनदर्शन पहुंचे। जनदर्शन में आमतौर पर अधिकारी अपनी कुर्सियों पर बैठकर लोगों की समस्याएं सुनते हैं, लेकिन इस बार फरियादी खुद इतनी गंभीर रूप से घायल थी कि वह चलना तो दूर, वाहन से उतरकर खड़ी तक नहीं हो सकती थी। जैसे ही एडीएम निष्ठा पांडेय तिवारी को इसकी जानकारी मिली, उन्होंने अपनी कुर्सी छोड़ तत्काल बाहर आकर वाहन के पास ही पीड़िता और उसके परिजनों से मुलाकात की। उनके साथ स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने वाहन में ही घायल युवती की स्थिति देखी और तत्काल इलाज की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए। यह दृश्य जनदर्शन में मौजूद लोगों को भी भावुक कर गया।
क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, मुंगेली जिले के कुआगांव निवासी रागिनी अपने पति से अलग रहकर बिलासपुर के एक निजी होटल में काम करती थी। वहीं उसका परिवार रोजी-रोटी की तलाश में ओडिशा गया हुआ था। इसी बीच 10 जुलाई को खोडरी रेलवे ट्रैक के पास एक अज्ञात युवती खून से लथपथ और गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिली। उसके शरीर पर कई गंभीर चोटों के निशान थे और वह पूरी तरह बेसुध थी।
सूचना मिलने पर रेलवे पुलिस ने युवती को लावारिस समझते हुए उपचार के लिए बिलासपुर के सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज शुरू हुआ। पहचान नहीं होने के कारण वह कई दिनों तक अस्पताल में अज्ञात मरीज के रूप में भर्ती रही।
सामाजिक संस्था ने पेश की मिसाल, सोशल मीडिया बना पहचान का जरिया
इसी दौरान बिलासपुर की एक सामाजिक संस्था "टीम मानवता "ने मानवता का परिचय देते हुए घायल महिला की तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की और उसके परिजनों तक सूचना पहुंचाने का प्रयास किया। सोशल मीडिया के जरिए जब यह तस्वीर रागिनी के परिवार तक पहुंची, तब परिजन तत्काल सिम्स अस्पताल पहुंचे।परिजनों का आरोप है कि जब वे अस्पताल पहुंचे, तब रागिनी की हालत बेहद गंभीर थी। उसके शरीर पर कई जगह टांके लगे हुए थे, हाथ-पैर में प्लास्टर था और वह अब भी बेसुध अवस्था में थी। इसके बावजूद, परिजनों का कहना है कि सिम्स अस्पताल प्रबंधन ने उसकी हालत में पर्याप्त सुधार होने का इंतजार करने के बजाय उसे डिस्चार्ज करने में अधिक तत्परता दिखाई। आरोप है कि परिजन अस्पताल पहुंचे और थोड़ी ही देर बाद घायल युवती को बिना इलाज पूरा हुए उनके परिजनों के हवाले कर दिया गया। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि जब मरीज की स्थिति गंभीर बनी हुई थी, तब उपचार को प्राथमिकता देने के बजाय इतनी जल्दबाजी में डिस्चार्ज क्यों किया गया?वर्तमान में जिला प्रशासन मुंगेली के निर्देश पर रागिनी को जिला अस्पताल मुंगेली में भर्ती कराया गया है, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार जारी है।
जनदर्शन में दिखी संवेदनशीलता, कुर्सी छोड़ वाहन तक पहुंचीं एडीएम
घायल रागिनी की हालत देखकर असहाय परिजन सीधे उसे किराए के एक निजी वाहन से लेकर मुंगेली कलेक्टर जनदर्शन पहुंच गए। जनदर्शन में जैसे ही इस मामले की जानकारी एडीएम निष्ठा पांडेय तिवारी को मिली, उन्होंने तत्काल अपनी कुर्सी छोड़ वाहन के पास पहुंचकर स्वयं पीड़िता और उसके परिजनों से पूरी जानकारी ली।
पीड़िता की हालत ऐसी थी कि वह वाहन से उतरने और खड़े होने की स्थिति में भी नहीं थी। यही वजह रही कि एडीएम स्वयं वाहन तक पहुंचीं। उनके साथ स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। मामले की गंभीरता को देखते हुए एडीएम ने तत्काल सीएमएचओ को निर्देश दिए कि पीड़ित महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कर समुचित उपचार उपलब्ध कराया जाए। साथ ही पुलिस और महिला एवं बाल विकास विभाग को पूरे मामले की जानकारी लेकर हर पहलू की गंभीरता से जांच करने के
निर्देश भी दिए।
रहस्यमयी हालात में मिली महिला, परिजनों ने उठाए गंभीर सवाल
परिजनों ने आशंका जताई है कि रागिनी किसी गंभीर अपराध का शिकार हुई है। उनका कहना है कि युवती के शरीर पर मौजूद चोटों को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई और बाद में उसे रेलवे ट्रैक के पास फेंक दिया गया। उनका सवाल है कि आखिर वह उस हालत में वहां कैसे पहुंची और उसके साथ क्या हुआ?सबसे बड़ा सवाल यह भी है कि अब तक इस मामले में कोई आपराधिक प्रकरण दर्ज नहीं हुआ है। परिजनों का कहना है कि रेलवे पुलिस ने महिला को लावारिस मानते हुए केवल उपचार की कार्रवाई की थी। पहचान और आवश्यक दस्तावेजों के अभाव में अब तक किसी अपराध की विधिवत जांच शुरू नहीं हो सकी थी।
अब जब पीड़िता की पहचान हो चुकी है और परिजनों ने गंभीर आशंका जताई है, तो पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग तेज हो गई है।
खून, जख्म और अनसुलझे सवाल
लोगों का कहना है कि यदि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच करे, तो इस सनसनीखेज मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण खुलासे सामने आ सकते हैं। रागिनी आज भी अस्पताल के बिस्तर पर जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है। उसके शरीर पर मौजूद हर जख्म एक कहानी कह रहा है, लेकिन उस कहानी का सच अब भी सामने नहीं आ सका है।अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर रागिनी रेलवे ट्रैक तक कैसे पहुंची? क्या वह किसी हादसे का शिकार हुई, या फिर उसके साथ कोई गंभीर वारदात हुई? फिलहाल पूरे जिले की निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं। उम्मीद की जा रही है कि निष्पक्ष जांच से इस रहस्यमयी और दर्दनाक घटना की सच्चाई सामने आएगी और यदि किसी ने इस बेटी के साथ अपराध किया है तो उसे कानून के कठघरे तक पहुंचाया जाएगा।
नवपदस्थ पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल का पत्रकारों ने किया आत्मीय स्वागत छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य भेंट, पत्रकार–पुलिस समन्वय को मजबूत बनाने पर हुई चर्चा
नारायणपुर ब्यूरो । नारायणपुर जिले के नवपदस्थ पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल (आईपीएस) से गुरुवार को छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत किया। प्रतिनिधिमंडल ने पुष्पगुच्छ भेंट कर जिले की नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं तथा कानून-व्यवस्था, जनसरोकार और सकारात्मक पत्रकारिता को लेकर विस्तार से चर्चा की।
बैठक के दौरान पत्रकारों और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय, पारदर्शी संवाद तथा समाजहित के मुद्दों पर मिलकर कार्य करने की आवश्यकता पर भी विचार-विमर्श हुआ। पुलिस अधीक्षक श्री पटेल ने निष्पक्ष एवं जिम्मेदार पत्रकारिता की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस और मीडिया दोनों का उद्देश्य समाज में विश्वास एवं सुरक्षा का वातावरण बनाए रखना है।
2020 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं संदीप कुमार पटेल
पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल वर्ष 2020 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी हैं। इससे पूर्व वे बिलासपुर में सिटी एसपी, भानुप्रतापपुर में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक तथा 16वीं वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (CAF) में कमांडेंट सहित विभिन्न महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। प्रशासनिक दक्षता और मैदानी कार्यशैली के लिए उन्हें जाना जाता है।
पुलिस और पत्रकारों के बीच बेहतर समन्वय अत्यंत आवश्यक- डॉ.बेनर्जी
छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन के संभाग अध्यक्ष डॉ. अभिषेक बेनर्जी ने कहा कि "नारायणपुर जैसे संवेदनशील जिले में पुलिस और पत्रकारों के बीच बेहतर समन्वय अत्यंत आवश्यक है। हमें विश्वास है कि पुलिस अधीक्षक श्री संदीप कुमार पटेल के नेतृत्व में जिले में कानून-व्यवस्था और जनविश्वास और अधिक मजबूत होगा। पत्रकारिता लोकतंत्र का महत्वपूर्ण स्तंभ है तथा सकारात्मक संवाद से समाजहित के कार्यों को नई गति मिलेगी। छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन हर रचनात्मक पहल में पुलिस प्रशासन के साथ सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है।"
NHRCCB टीम छत्तीसगढ़ इकाई की मानवीय पहल: सड़क दुर्घटना में घायल युवक की तत्काल मदद कर मानवता की मिसाल पेश की जिला अध्यक्ष प्रद्युम्न शुक्ल एवं कार्यकारी जिला सचिव राखी शुक्ल ने दिखाई तत्परता, एम्बुलेंस बुलवाकर घायल को पहुंचाया सिविल अस्पताल
कांकेर/पखांजुर।
राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो (NHRCCB) टीम छत्तीसगढ़ इकाई लगातार सामाजिक सरोकारों और मानव सेवा के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रही है। इसी कड़ी में संस्था के कांकेर जिला अध्यक्ष एवं कार्यकारी प्रदेश कोऑर्डिनेटर NHRCCB छत्तीसगढ़ प्रद्युम्न शुक्ल तथा कार्यकारी जिला सचिव राखी शुक्ल ने एक बार फिर मानवता, संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पखांजुर–भानुप्रतापुर मुख्य मार्ग पर नया बाजार स्थित रेंजर ऑफिस के सामने एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना हो गई। एक युवक अपने दोपहिया वाहन से पखांजुर की ओर जा रहा था। इसी दौरान अचानक एक कुत्ता उसके वाहन के सामने आ गया। युवक ने कुत्ते को बचाने का प्रयास किया, लेकिन तेज गति और अचानक ब्रेक लगने के कारण उसका संतुलन बिगड़ गया और वह मोटरसाइकिल सहित सड़क पर काफी दूर तक फिसलता चला गया।
दुर्घटना इतनी गंभीर थी कि युवक के आंख, चेहरे, हाथ, पैर एवं शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। सड़क पर गिरने के कारण वह दर्द से कराह रहा था और स्वयं उठने की स्थिति में नहीं था। दुर्घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ तो एकत्र हो गई, लेकिन घायल की तत्काल सहायता करने के लिए बहुत कम लोग आगे आए।
इसी दौरान वहां से गुजर रहे NHRCCB टीम छत्तीसगढ़ इकाई, कांकेर के जिला अध्यक्ष एवं कार्यकारी प्रदेश कोऑर्डिनेटर प्रद्युम्न शुक्ल तथा कार्यकारी जिला सचिव राखी शुक्ला ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बिना समय गंवाए अपना वाहन रोका। दोनों तुरंत घायल युवक के पास पहुंचे, उसे सावधानीपूर्वक सड़क से उठाकर सुरक्षित स्थान पर बैठाया तथा उसकी स्थिति का निरीक्षण किया। उन्होंने युवक को मानसिक रूप से भी संभाला और आसपास मौजूद लोगों से सहयोग की अपील की।
घायल की गंभीर स्थिति को देखते हुए तत्काल 108 संजीवनी एम्बुलेंस सेवा को सूचना दी गई। एम्बुलेंस के पहुंचने तक प्रद्युम्न शुक्ल एवं राखी शुक्ल लगातार घायल युवक के साथ रहे, उसकी हिम्मत बढ़ाते रहे और यह सुनिश्चित किया कि उसे किसी प्रकार की अतिरिक्त परेशानी न हो। एम्बुलेंस पहुंचने के बाद दोनों ने घायल को सुरक्षित वाहन में बैठाने में सहयोग किया तथा उसे बेहतर उपचार के लिए सिविल अस्पताल रवाना कराया साथ ही अस्पताल जा कर उनका इलाज कराया , जहां चिकित्सकों द्वारा उसका उपचार प्रारंभ किया गया।
घटना के प्रत्यक्षदर्शियों एवं स्थानीय नागरिकों ने NHRCCB टीम के इस मानवीय कार्य की मुक्तकंठ से सराहना की। लोगों ने कहा कि आज के समय में अधिकांश लोग दुर्घटना देखकर आगे निकल जाते हैं, लेकिन प्रद्युम्न शुक्ल एवं राखी शुक्ल ने बिना किसी स्वार्थ के घायल की सहायता कर यह सिद्ध कर दिया कि मानवता आज भी जीवित है। उनकी त्वरित सूझबूझ और संवेदनशीलता के कारण घायल युवक को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकी।
प्रद्युम्न शुक्ल ने कहा कि “मानव सेवा ही सबसे बड़ी सेवा है। सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को समय पर सहायता मिलना उसके जीवन को बचाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है कि वह दुर्घटना के समय घायलों की सहायता करे, एम्बुलेंस और पुलिस को तत्काल सूचना दे तथा ‘गुड समैरिटन’ (नेक नागरिक) की भावना के साथ आगे आए।”
NHRCCB टीम ने आमजन से अपील की कि सड़क पर वाहन चलाते समय यातायात नियमों का पालन करें, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाएं तथा अचानक सड़क पर आने वाले पशुओं एवं अन्य बाधाओं से बचने के लिए विशेष सतर्कता बरतें। साथ ही यदि कहीं भी सड़क दुर्घटना दिखाई दे तो घायल व्यक्ति की सहायता करने से पीछे न हटें, क्योंकि आपकी छोटी-सी पहल किसी की अनमोल जिंदगी बचा सकती है।
NHRCCB टीम छत्तीसगढ़ इकाई कांकेर द्वारा किया गया यह मानवीय कार्य समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है, जो यह संदेश देता है कि किसी भी संगठन की वास्तविक पहचान केवल उसके नाम से नहीं, बल्कि समाज के प्रति उसके सेवा भाव और मानवीय कार्यों से होती है।
आराधना कॉन्वेंट स्कूल, पखांजुर में लोकतांत्रिक माहौल के बीच छात्र परिषद चुनाव संपन्न मोबाइल एप आधारित ईवीएम से हुआ मतदान, कक्षा 6वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर किया मताधिकार का प्रयोग
प्रद्युम्न शुक्ल, ब्यूरो चीफ कांकेर बिहान छत्तीसगढ़
पखांजुर। शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं होती, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण, नेतृत्व क्षमता, सामाजिक उत्तरदायित्व तथा लोकतांत्रिक मूल्यों के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसी उद्देश्य को साकार करते हुए आराधना कॉन्वेंट स्कूल, पखांजुर में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए स्कूल हेड बॉय, हेड गर्ल, वाइस हेड बॉय एवं वाइस हेड गर्ल के चुनाव का सफल एवं शांतिपूर्ण आयोजन किया गया। विद्यालय परिसर पूरे दिन लोकतांत्रिक उत्साह और अनुशासित वातावरण से सराबोर रहा।
चुनाव को पूर्णतः निष्पक्ष, पारदर्शी एवं आधुनिक तकनीक से सम्पन्न कराने के लिए विद्यालय प्रबंधन द्वारा मोबाइल एप आधारित इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) का उपयोग किया गया।
इस तकनीक के माध्यम से विद्यार्थियों ने अपने पसंदीदा उम्मीदवारों को मतदान किया। मतदान प्रक्रिया तेज, व्यवस्थित एवं त्रुटिरहित रही, जिससे विद्यार्थियों को वास्तविक चुनाव प्रणाली का अनुभव भी प्राप्त हुआ।
विद्यालय में सुबह से ही मतदान को लेकर विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। मतदान केंद्र पर छात्र-छात्राएँ अनुशासित ढंग से अपनी बारी का इंतजार करते हुए कतारबद्ध दिखाई दिए। प्रत्येक मतदाता ने अपनी पहचान सत्यापित कराने के बाद ईवीएम के माध्यम से गोपनीय तरीके से मतदान किया। विद्यालय परिसर में लोकतंत्र का जीवंत वातावरण देखने को मिला, जहाँ प्रत्येक विद्यार्थी अपने मत के महत्व को समझते हुए पूरे उत्साह और जिम्मेदारी के साथ मतदान प्रक्रिया में शामिल हुआ।
इस चुनाव में कक्षा 6वीं से 12वीं तक के सभी विद्यार्थियों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। विद्यालय के चार प्रमुख छात्र नेतृत्व पदों—हेड बॉय, हेड गर्ल, वाइस हेड बॉय तथा वाइस हेड गर्ल—के लिए प्रत्येक पद पर चार-चार उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे। चुनाव से पूर्व सभी उम्मीदवारों ने विद्यार्थियों के बीच अपनी कार्ययोजना, अनुशासन, नेतृत्व, विद्यालय विकास तथा छात्र हितों से जुड़े अपने विचार प्रस्तुत किए। स्वस्थ एवं सकारात्मक चुनावी वातावरण ने विद्यार्थियों में लोकतांत्रिक प्रतिस्पर्धा की भावना को और मजबूत किया।
विद्यालय की प्राचार्य सिस्टर मारिया ने चुनाव के सफल आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि छात्र परिषद का चुनाव विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, जिम्मेदारी, अनुशासन एवं लोकतांत्रिक मूल्यों के विकास का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य केवल उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान करना ही नहीं, बल्कि ऐसे जिम्मेदार नागरिक तैयार करना भी है जो भविष्य में समाज और राष्ट्र के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें। उन्होंने सभी प्रत्याशियों, मतदाताओं एवं विजेताओं को शुभकामनाएँ देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
विद्यालय की उप प्राचार्य सिस्टर ट्रेसा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति मतदान है। उन्होंने विद्यार्थियों की अनुशासनप्रियता एवं जिम्मेदार भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के चुनाव विद्यार्थियों को निर्णय लेने की क्षमता, नेतृत्व कौशल, सहयोग, निष्पक्षता तथा उत्तरदायित्व का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करते हैं।
चुनाव प्रक्रिया को सफल एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने में विद्यालय के पीटी शिक्षक श्री शोभन बनर्जी, संगीत शिक्षक श्री प्रद्युम्न कुमार शुक्ल, श्री भारत साहू, श्री तुषार रंजन डे, श्रीमती रीना मजूमदार, सुश्री गरिमा शील, सुश्री अंजली सतीश मुंडा, श्री कमल दास, श्रीमती सोनाली भवाल सहित सभी कक्षा शिक्षकों एवं विद्यालय के अन्य शिक्षकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शिक्षकों ने मतदान केंद्र की व्यवस्था, विद्यार्थियों का मार्गदर्शन, मतदान प्रक्रिया की निगरानी तथा चुनाव को निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने में सराहनीय योगदान दिया।
चुनाव सम्पन्न होने के पश्चात मतों की गणना भी ईवीएम प्रणाली के माध्यम से पारदर्शी तरीके से की गई। परिणाम घोषित होने तक विद्यालय में उत्सुकता का माहौल बना रहा। प्रत्याशियों एवं उनके समर्थकों ने पूरे चुनाव के दौरान अनुशासन एवं खेल भावना का परिचय दिया, जो विद्यालय की सकारात्मक शैक्षणिक संस्कृति का परिचायक रहा।
विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि छात्र परिषद के नव-निर्वाचित प्रतिनिधि विद्यालय में अनुशासन बनाए रखने, विभिन्न शैक्षणिक, सांस्कृतिक, खेलकूद एवं सामाजिक गतिविधियों के संचालन में शिक्षकों का सहयोग करेंगे तथा विद्यार्थियों और विद्यालय प्रशासन के बीच एक सशक्त सेतु के रूप में कार्य करेंगे। यह चुनाव विद्यार्थियों के लिए केवल प्रतिनिधि चुनने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि लोकतंत्र, नेतृत्व, जिम्मेदारी और सेवा भावना का एक जीवंत पाठ भी सिद्ध हुआ।
अराधना कॉन्वेंट स्कूल द्वारा आयोजित यह छात्र परिषद चुनाव आधुनिक तकनीक, सुव्यवस्थित प्रबंधन, निष्पक्ष मतदान प्रक्रिया एवं विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी के कारण अत्यंत सफल रहा। विद्यालय परिवार ने विश्वास व्यक्त किया कि नव-निर्वाचित छात्र प्रतिनिधि अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करते हुए विद्यालय की प्रतिष्ठा को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
भिलाई में बुलडोजर-कार्रवाई को लेकर बवाल
दुर्ग-भिलाई
भिलाई के सुपेला क्षेत्र के रावण भाटा में मंगलवार को नगर निगम की अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान विवाद की स्थिति बन गई। स्थानीय व्यापारियों और रहवासियों ने निगम पर पक्षपातपूर्ण कार्रवाई का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
उनका आरोप है कि निगम ने केवल कुछ दुकानों पर बुलडोजर चलाया, जबकि प्रभावशाली लोगों और राजनीतिक संगठनों से जुड़े लोगों की दुकानों को छोड़ दिया। विरोध कर रहे व्यापारियों ने निगम अधिकारियों का घेराव किया और नगर निगम मुर्दाबाद के नारे लगाए।
देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया और सड़क पर जाम की स्थिति बन गई। विरोध के चलते निगम को कुछ समय के लिए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई रोकनी पड़ी। मामले में जोन आयुक्त दीपक कोसरिया का कहना है कि विरोध करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों पर FIR दर्ज की जाएगी।
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि यदि सड़क किनारे बनी दुकानें अतिक्रमण की श्रेणी में आती हैं, तो कार्रवाई सभी पर समान रूप से होनी चाहिए। उनका आरोप है कि राजनीतिक संरक्षण प्राप्त लोगों की दुकानों को जानबूझकर छोड़ दिया गया, जबकि अन्य दुकानों पर बुलडोजर चला दिया गया। इसी कथित भेदभाव के विरोध में बड़ी संख्या में व्यापारी सड़क पर उतर आए।
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा कि वे अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के विरोध में नहीं हैं, लेकिन कार्रवाई निष्पक्ष और समान होनी चाहिए। उनका कहना है कि यदि अतिक्रमण हटाना है तो पूरी लाइन की सभी दुकानों पर एक साथ कार्रवाई की जाए। चुनिंदा दुकानों को निशाना बनाने से लोगों में नाराजगी है।
जोन आयुक्त दीपक कोसरिया ने पक्षपात के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कार्रवाई केवल उन लोगों के खिलाफ की गई है, जिन्होंने नाली से बाहर तक शेड निकालकर अतिक्रमण किया है। जिनका शेड नाली की सीमा तक है, उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा सकती। सभी पर एक जैसी कार्रवाई करना संभव नहीं है।
एमएसएमई आइडिया हैकथॉन 6.0 से उद्योगों को मिलेगा नवाचार और तकनीक का नया संबल छत्तीसगढ़ चेम्बर एवं रुंगटा यूनिवर्सिटी का संयुक्त जानकारी सत्र, उद्योग–शिक्षा समन्वय पर दिया गया बल
विजय मिश्रा, ब्यूरो चीफ दुर्ग-भिलाई
भिलाई। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को नवाचार, आधुनिक तकनीक और शोध आधारित समाधान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज़, भिलाई एवं रुंगटा यूनिवर्सिटी के संयुक्त तत्वावधान में "एमएसएमई आइडिया हैकथॉन 6.0" विषय पर एक महत्वपूर्ण जानकारी सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उद्योग, शिक्षा और नवाचार के समन्वय को आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया।
कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने उद्योग एवं व्यापार से जुड़े उद्यमियों को बताया कि उत्पादन, गुणवत्ता, लागत, विपणन तथा संचालन संबंधी चुनौतियों का समाधान नवाचार (Innovation), अत्याधुनिक तकनीक (Technology), कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) एवं शोध आधारित नए विचारों के माध्यम से प्रभावी ढंग से किया जा सकता है।
रुंगटा यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञों ने उद्योगपतियों से आग्रह किया कि वे अपने-अपने उद्योगों की वास्तविक समस्याओं को साझा करें, ताकि शोधकर्ताओं, विशेषज्ञों एवं युवा इनोवेटर्स की सहभागिता से उनके व्यावहारिक और टिकाऊ समाधान विकसित किए जा सकें।
प्रदेश महामंत्री अजय भसीन ने कहा कि एमएसएमई आइडिया हैकथॉन 6.0 केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि उद्योग, शिक्षा और नवाचार को एक मंच पर लाने वाला सशक्त माध्यम है, जो स्थानीय उद्योगों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
भिलाई चेम्बर अध्यक्ष गार्गी शंकर मिश्रा ने कहा कि युवा प्रतिभाओं के नवाचारी विचार उद्योग जगत को व्यवहारिक एवं प्रभावी समाधान प्रदान करेंगे, जिससे प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के नेतृत्व में यूके बिजनेस डेलिगेशन से लौटे डॉ. जितेंद्र गुप्ता ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि उद्योग और विश्वविद्यालय एक-दूसरे के पूरक हैं तथा दोनों के समन्वय से ही नवाचार आधारित औद्योगिक विकास संभव है। उन्होंने कहा कि भारत तकनीकी क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहा है और भविष्य की प्रतिस्पर्धा में बने रहने के लिए उद्योगों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स एवं डिजिटल तकनीकों का व्यापक उपयोग आवश्यक होगा। उन्होंने अपने यूके प्रवास के अनुभव साझा करते हुए कहा कि वैश्विक बाजार में गुणवत्ता आधारित उत्पादन (Quality Production) को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है।
कार्यक्रम में रुंगटा यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधि अनुराग शर्मा एवं राहुल मिश्रा, लघु उद्योग भारती के जिला अध्यक्ष संजय मिश्रा, विनोद सोनी, महिला चेम्बर अध्यक्ष सुमन कनोजे, प्रभारी सरोजनी पाणिग्रही, रश्मि वर्मा, सुनीता सोनी, विकास जायसवाल सहित बड़ी संख्या में उद्योगपति, व्यापारी, शिक्षाविद, विद्यार्थी एवं चेम्बर पदाधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे प्रदेश के उद्योगों में नवाचार, तकनीकी उन्नयन और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं दूरदर्शी पहल बताया।
प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से जानकारी शंकर सचदेव ने दी।
*बच्चों की जान से खिलवाड़!
जिला जांजगीर-चांपा | ब्लॉक नवागढ़*
ज़िला जांजगीर चांपा ब्लॉक नवागढ़ क्या निजी स्कूलों के बच्चों की सुरक्षा भगवान भरोसे?
नवागढ़ क्षेत्र में निजी स्कूलों के वाहन में बच्चों को क्षमता से अधिक भरकर ले जाने का मामला सामने आ रहा है। कई बच्चे वाहन के दरवाजे और सीढ़ियों पर खड़े होकर सफर करने को मजबूर हैं। ऐसी स्थिति में किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।
सबसे बड़ा सवाल:
बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी?
क्या शिक्षा विभाग इस पर कार्रवाई करेगा?
क्या आरटीओ विभाग नियमित जांच कर रहा है?
नियमों की अनदेखी करने वाले स्कूलों पर कब होगी कार्रवाई?
अभिभावकों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा से समझौता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। यदि समय रहते जांच और कार्रवाई नहीं हुई, तो एक छोटी सी लापरवाही बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।
मांग: प्रशासन, शिक्षा विभाग और आरटीओ विभाग तत्काल संयुक्त जांच कर निजी स्कूल वाहनों की फिटनेस, क्षमता और सुरक्षा मानकों की जांच करें तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई करें।
"बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है, लापरवाही नहीं चलेगी।
बिलासपुर में सेक्सटॉर्शन गैंग का नया कांड
बिलासपुर
बिलासपुर में साइबर अपराधियों ने अब 'सेक्सटॉर्शन' को ठगी का नया हथियार बना लिया है। ठगों ने एक महिला शिक्षिका को अश्लील वीडियो देखने का झूठा आरोप लगाकर डराया, फिर एफआईआर दर्ज कराने और बदनाम कर ब्लैकमेल करते हुए 76,500 रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए।
इस मामले की शिकायत के बाद साइबर सेल ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 28,993 रुपए होल्ड करा दिए हैं। सिविल लाइन पुलिस ने ठगी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, सिविल लाइन क्षेत्र में रहने वाली 42 वर्षीय शिक्षिका को 4 जुलाई के मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को सुनील बताया और दावा किया कि वह उनके मोबाइल से अश्लील वीडियो देखने की जानकारी रखता है।
इसके बाद आरोपी ने कहा कि यदि उसकी बात नहीं मानी गई तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी और उनकी कथित गतिविधियों को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया जाएगा।
इस दौरान कॉलर ने लगातार धमकी देकर एफआईआर दर्ज कराने और उनको बदनाम करने की धमकी देने लगा। अपनी प्रतिष्ठा खोने के डर से शिक्षिका घबरा गईं। जिसके बाद आरोपी ने उन्हें एक क्यूआर कोड भेजा और फोन-पे के जरिए अलग-अलग किश्तों में रकम भेजने को कहा।
शिक्षिका ने पांच किश्तों में कुल 76,500 रुपए ट्रांसफर कर दिए। बाद में ठगी का एहसास होने पर उन्होंने साइबर हेल्पलाइन और सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत मिलते ही पुलिस की साइबर सेल ने संबंधित बैंकिंग चैनलों से समन्वय कर 28,993 रुपए की राशि होल्ड करा दी। पुलिस अब मोबाइल नंबर, बैंक खाते और डिजिटल ट्रांजैक्शन के आधार पर आरोपियों की पहचान में जुटी है।
विपक्ष को दबाने की कोशिश कर रही है भाजपा सरकार- बिनोद भारद्वाज.. सारंगढ़ कांग्रेस जिला अध्यक्ष के नेतृत्व मे पीएम औऱ मुख्यमंत्री किया पुतला दहन..
सारंगढ़।
केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार द्वारा विभिन्न जांच एवं प्रशासनिक एजेंसियों के कथित दुरुपयोग और कांग्रेस नेताओं को प्रताड़ित किए जाने के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी ने शुक्रवार को सारंगढ़ मुख्यालय में उग्र प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष श्री रामगोपाल अग्रवाल की हालिया गिरफ्तारी के विरोध में आक्रोशित कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया।
यह विरोध प्रदर्शन छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष माननीय श्री दीपक बैज जी के निर्देशानुसार और सारंगढ़ जिला कांग्रेस अध्यक्ष आदरणीय श्री ताराचंद देवांगन जी के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। पुतला दहन के दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता मौजूद रहे और उन्होंने भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
छवि धूमिल करने की हो रही है साजिश- बिनोद
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस बिनोद भारद्वाज ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए सत्ता का दुरुपयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय और राज्य की जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कर जानबूझकर कांग्रेस पार्टी की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। श्री भारद्वाज ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं को डराने-धमकाने और प्रताड़ित करने की यह साजिश लोकतंत्र के खिलाफ है।
ताराचंद देवांगन के नेतृत्व मे पुतला दहन -
जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्री ताराचंद देवांगन के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष श्री रामगोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारी पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित और द्वेषपूर्ण है। कांग्रेस पार्टी इस दमनकारी नीति के सामने झुकने वाली नहीं है।
सड़कों पर उतरी कांग्रेस
पुतला दहन कार्यक्रम में जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई (NSUI) और सभी अनुषांगिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि भाजपा सरकार ने एजेंसियों का दुरुपयोग कर विपक्ष की आवाज को दबाने का यह सिलसिला बंद नहीं किया, तो कांग्रेस पार्टी आने वाले दिनों में और भी उग्र एवं वृहद जनआंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।
पत्रकार विजय शंकर तिवारी को जिला न्यायालय से मिली जमानत, अधिवक्ता सतीशचंद श्रीवास्तव की दलीलों को मिली अहमियत
गोविंद राम ब्यूरो चीफ
बलौदाबाजार। कसडोल थाना क्षेत्र के बहुचर्चित प्रकरण में आरोपी बनाए गए पत्रकार विजय शंकर तिवारी को जिला एवं सत्र न्यायालय से जमानत मिल गई है। विशेष सत्र न्यायाधीश अनुसूचित जाति/ जनजाति ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जमानत आवेदन स्वीकार करते हुए रिहाई का आदेश पारित किया।
उल्लेखनीय है कि कसडोल पुलिस ने 28 जून 2026 को अपराध क्रमांक 260/2026 में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज करते हुए विजय शंकर तिवारी सहित पांच लोगों को आरोपी बनाया था। प्रारंभिक स्तर पर कसडोल न्यायालय में जमानत आवेदन निरस्त होने के बाद जिला एवं सत्र न्यायालय में पुनः आवेदन प्रस्तुत किया गया।
पत्रकार विजय शंकर तिवारी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सतीशचंद श्रीवास्तव ने प्रभावी पैरवी करते हुए न्यायालय के समक्ष तर्क रखा कि प्रकरण में उनके मुवक्किल की भूमिका का निष्पक्ष मूल्यांकन किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विजय शंकर तिवारी एक पत्रकार हैं और उन्होंने शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर समाचार का प्रकाशन किया था, इनका उद्देश्य सिर्फ प्राप्त शिकायत पत्र के अनुसार पीड़ित का समाचार वीडियो प्रकाशन करना था इस दौरान उन्होंने किसी भी प्रकार से ब्लैकमेलिंग, धमकी, पैसो की मांग आदि हेतु किसी से संपर्क नहीं किया अपितु पीड़ित की मदद करने के उद्देश्य से बिना रुके सीधे समाचार वीडियो प्रकाशित किया है l पुलिस की कार्यवाही पर भी तीखी बहस हुई इसके बाद बचाव पक्ष ने यह भी तर्क दिया कि उपलब्ध तथ्यों के आधार पर उनके विरुद्ध लगाए गए आरोपों पर न्यायिक दृष्टि से विचार किया जाना आवश्यक है।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद विशेष सत्र न्यायाधीश अनुसूचित जाति/ जनजाति ने विजय शंकर तिवारी को जमानत प्रदान कर दी।
गौरतलब है कि इस प्रकरण को लेकर बलौदाबाजार प्रेस क्लब ने हाल ही में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच, पत्रकार विजय शंकर तिवारी के विरुद्ध की गई कार्रवाई की स्वतंत्र समीक्षा तथा छत्तीसगढ़ में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग भी की है। पत्रकार समुदाय ने जमानत आदेश का स्वागत करते हुए इसे न्यायिक प्रक्रिया में विश्वास का प्रतीक बताया है।
तबादलें के 10 दिन बाद भी नहीं छोड़ा प्रभार, 80% दिव्यांग की शिकायत से खुली प्रशासनिक लापरवाही मोबाइल नंबर ब्लॉक करने और जनदर्शन के आवेदन लंबित रखने के आरोप; कलेक्टर, दिव्यांगजन आयुक्त व सीएम हेल्पलाइन तक पहुंचा मामला
सारंगढ़-बिलाईगढ़। शासन के स्थानांतरण आदेशों के पालन को लेकर बिलाईगढ़ जनपद पंचायत में बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। एक 80 प्रतिशत दिव्यांग नागरिक की शिकायत के बाद तत्कालीन प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) पर समय-सीमा समाप्त होने के बावजूद प्रभार नहीं छोड़ने और जनहित से जुड़े आवेदनों का निराकरण लंबित रखने के आरोप सामने आए हैं। शिकायत कलेक्टर, राज्य दिव्यांगजन आयुक्त और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन तक पहुंच चुकी है।
जानकारी के अनुसार, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा 16 जून 2026 को जारी स्थानांतरण आदेश में तत्कालीन प्रभारी सीईओ प्रतीक प्रधान का तबादला जिला पंचायत मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी किया गया था। आदेश में स्पष्ट निर्देश था कि सभी स्थानांतरित अधिकारी 10 दिनों के भीतर प्रभार सौंपकर कार्यमुक्त होंगे। शिकायतकर्ता का आरोप है कि निर्धारित समय बीतने के बाद भी आदेश का पालन नहीं किया गया।
दिव्यांग ने लगाए प्रताड़ना के आरोप
ग्राम सिंधीचुवा निवासी करण सिंह पटेल (80% दिव्यांग) ने आरोप लगाया है कि उनके जनदर्शन से जुड़े दो महत्वपूर्ण आवेदनों की जांच पिछले दो महीनों से लंबित रखी गई। उनका यह भी आरोप है कि तत्कालीन प्रभारी सीईओ ने उनका मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिया, जिससे वे अपनी शिकायतों के संबंध में संपर्क नहीं कर सके।
शिकायत में जिला पंचायत सीईओ इंद्रजीत बर्मन पर भी आवेदन से जुड़े मामले में संवाद नहीं करने तथा मोबाइल और व्हाट्सएप ब्लॉक करने का आरोप लगाया गया है।
सीएम हेल्पलाइन में दर्ज हुई शिकायत
पीड़ित ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (शिकायत क्रमांक: CC260700062231) में शिकायत दर्ज कराते हुए लोक सेवा गारंटी अधिनियम, 2011 और दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के तहत मामले की जांच कर दोषी अधिकारियों पर प्रशासनिक एवं कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
उल्लेखनीय है कि बिलाईगढ़ जनपद पंचायत में नए सीईओ के रूप में योगेश्वरी बर्मन ने पदभार ग्रहण कर लिया है। वहीं, शिकायत में लगाए गए आरोपों पर संबंधित अधिकारियों का पक्ष समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो सका। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
अज्ञात महिला शव की शिनाख्त कराने पुलिस ने जारी की अपील
रायगढ़ा (ओडिशा), 10 जुलाई 2026। थाना चांदिली पुलिस ने एक अज्ञात महिला के शव की पहचान कराने के लिए आम नागरिकों एवं सभी पुलिस इकाइयों से सहयोग की अपील की है।
पुलिस के अनुसार, चांदिली थाना प्रकरण क्रमांक 198/2026, दिनांक 17 जून 2026, धारा 103(1)/238 बीएनएस के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-326 पर हुंडई शोरूम के समीप, ग्राम खालीगुड़ा (रायगढ़ा एवं जे.के.पुर के बीच) सड़क किनारे एक काले रंग के बैग में अज्ञात महिला का शव बरामद किया गया। शव के दोनों हाथ बंधे हुए थे तथा वह अत्यधिक सड़ी-गली अवस्था में मिला। प्रारंभिक जांच के अनुसार, महिला की मृत्यु शव मिलने से लगभग 7 से 10 दिन पूर्व हुई प्रतीत होती है।
मृतका की आयु लगभग 20 से 25 वर्ष, कद लगभग 160 सेंटीमीटर, रंग गेहुँआ से गोरा तथा उसने लाल एवं हरे रंग का चेकदार नाइट सूट पहन रखा था।
चांदिली पुलिस ने सभी थाना, चौकी, जीआरपी तथा संबंधित पुलिस इकाइयों से अपने-अपने क्षेत्र के गुमशुदगी रजिस्टर एवं अभिलेखों का मिलान करने और इस हुलिए से मेल खाने वाली किसी महिला के संबंध में जानकारी मिलने पर तत्काल सूचित करने का अनुरोध किया है।
यदि किसी व्यक्ति को उक्त महिला के संबंध में कोई जानकारी हो या पहचान करने में सहायता कर सके, तो वह तत्काल नीचे दिए गए संपर्क नंबर पर सूचना दे सकता है।
संपर्क अधिकारी:
निरीक्षक उत्तम कुमार साहू
थाना प्रभारी, चांदिली थाना, जिला रायगढ़ा (ओडिशा)
मोबाइल: 700868545
जनसहयोग से ही अज्ञात मृतकों की पहचान संभव है। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि इस सूचना को अधिक से अधिक साझा करें ताकि मृतका की पहचान कर उसके परिजनों तक सूचना पहुंचाई जा सके।
सरपंच की मिसाल: निजी एम्बुलेंस से 100 से अधिक मरीजों को मिला समय पर उपचार
सारंगढ़-बिलाईगढ़ के ग्राम पंचायत भीखमपुरा के आश्रित ग्राम खैरा बड़े की सरपंच पूर्णिमा महिलाने ने जनसेवा की अनूठी मिसाल पेश करते हुए अपने निजी खर्च से एम्बुलेंस उपलब्ध कराई है। इस पहल से अब तक 100 से अधिक मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाकर उपचार दिलाया जा चुका है।
23 फरवरी 2025 को सरपंच पद संभालने के बाद पूर्णिमा महिलाने ने ग्रामीणों की सबसे बड़ी जरूरत—आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधा—को प्राथमिकता दी। दूरस्थ क्षेत्र होने के कारण मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में होने वाली परेशानी को देखते हुए उन्होंने निजी संसाधनों से एम्बुलेंस की व्यवस्था की, जो आज ग्रामीणों के लिए जीवनदायिनी साबित हो रही है।
इस एम्बुलेंस की मदद से गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों, गंभीर रूप से बीमार मरीजों तथा सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जिला अस्पताल और आवश्यकता पड़ने पर उच्च चिकित्सा संस्थानों तक समय पर पहुंचाया गया। इससे कई मरीजों को समय रहते उपचार मिल सका और उनकी जान बचाने में भी मदद मिली।
प्रदेश सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं के साथ जिला प्रशासन भी ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है। कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने और अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।
ग्रामीणों ने सरपंच पूर्णिमा महिलाने की इस जनहितकारी पहल की सराहना करते हुए कहा कि एम्बुलेंस उपलब्ध होने से आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना आसान हुआ है। इससे समय और आर्थिक खर्च दोनों की बचत हुई है तथा ग्रामीणों का स्वास्थ्य सेवाओं पर भरोसा भी मजबूत हुआ है।
ग्राम सुरगुली में नन्हे अचल कुमार सूर्या का जन्मदिन हर्षोल्लास एवं पारिवारिक सौहार्द के साथ धूमधाम से मनाया गया
सारंगढ़-बिलाईगढ़ (बिहान छत्तीसगढ़)। बिलाईगढ़ विकासखंड के अंतर्गत आने वाले वनांचल ग्राम सुरगुली के वार्ड क्रमांक 04 में नन्हे अचल कुमार सूर्या का जन्मदिन अत्यंत हर्षोल्लास, उत्साह एवं पारिवारिक वातावरण में धूमधाम से मनाया गया। "तुम जियो हजारों साल, साल के दिन हों पचास हजार" की मधुर गूंज से पूरा गांव उत्सव के रंग में रंग गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, बच्चे, महिलाएं, युवा एवं गणमान्य नागरिक शामिल हुए। पूरे आयोजन में अपनापन, सामाजिक एकता और पारिवारिक प्रेम की अनूठी झलक देखने को मिली।
कार्यक्रम का शुभारंभ विधिवत पूजा-अर्चना एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। परिवारजनों एवं उपस्थित श्रद्धालुओं ने भगवान से नन्हे अचल कुमार सूर्या के स्वस्थ, सुखद, समृद्ध एवं उज्ज्वल भविष्य तथा दीर्घायु जीवन की मंगलकामना की। धार्मिक अनुष्ठान के पश्चात उपस्थित अतिथियों ने पुष्पमाला, चंदन, श्रीफल एवं शुभकामना भेंट कर बालक को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं स्नेहाशीष प्रदान किया।
इसके बाद जन्मदिन समारोह का मुख्य आकर्षण केक कटिंग रहा। अचल कुमार सूर्या ने अपने परिवारजनों एवं उपस्थित अतिथियों की मौजूदगी में केक काटा। इस दौरान बच्चों ने "हैप्पी बर्थडे टू यू" एवं "तुम जियो हजारों साल" जैसे गीत गाकर पूरे वातावरण को आनंदमय बना दिया। तालियों की गड़गड़ाहट और बच्चों की खिलखिलाहट से समारोह का माहौल और भी जीवंत हो उठा। उपस्थित लोगों ने नन्हे अचल को उपहार भेंट कर उसके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
समारोह में आए सभी अतिथियों एवं ग्रामीणों के लिए मिठाई, केक एवं अन्य व्यंजनों की व्यवस्था की गई थी। सभी ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशियां साझा कीं। बच्चों ने विभिन्न खेलों एवं मनोरंजक गतिविधियों में भाग लेकर कार्यक्रम का भरपूर आनंद लिया। महिलाओं एवं बुजुर्गों ने भी परिवार को शुभकामनाएं देते हुए बालक के उज्ज्वल भविष्य के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि जन्मदिन केवल एक पारिवारिक उत्सव नहीं, बल्कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए आशीर्वाद और शुभकामनाओं का अवसर भी होता है। ऐसे आयोजनों से परिवार और समाज के बीच आत्मीयता, प्रेम एवं सामाजिक समरसता मजबूत होती है। सभी ने नन्हे अचल कुमार सूर्या के संस्कारवान, शिक्षित एवं सफल नागरिक बनने की कामना व्यक्त की।
इस अवसर पर क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में सीजी स्टार कका के नाम से प्रसिद्ध कॉमेडियन बरसाती मानिकपुरी, राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो के जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ अध्यक्ष एवं बिहान छत्तीसगढ़ न्यूज दैनिक पत्रिका के ब्यूरो चीफ लाभो कुमार सूर्या, मधुदास मानिकपुरी मनोज कुमार, खगेश्वर, लक्ष्मी प्रसाद, ललिता, ललिता देवी, रजनी, अश्विनी कुमार सूर्या, उज्ज्वल, निकिता, दिव्यांशु कुमार सुशांत सिंह, पतिराम,हेमकुवर, डॉ आचार्य बोध मानिकपुरी सहित अनेक समाजसेवी, बुद्धिजीवी, युवा एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने परिवार को राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो जिला सचिव कुन्दन सिंह सोनबरिहा, ब्लाक अध्यक्ष परदेशी दास मानिकपुरी, भागवत केवट, देवकुमारी, शांति बाई,तारूष सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं देते हुए बालक के उज्ज्वल भविष्य, उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु जीवन की कामना की।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर उपस्थित सभी माताओं, बहनों, बुजुर्गों एवं अतिथियों ने नन्हे अचल कुमार सूर्या को स्नेह, आशीर्वाद एवं शुभकामनाएं प्रदान कीं। पूरे आयोजन में प्रेम, भाईचारा, सामाजिक सद्भाव एवं पारिवारिक एकता का सुंदर संदेश देखने को मिला। समारोह का समापन सामूहिक शुभकामनाओं, मंगलकामनाओं एवं प्रसाद वितरण के साथ सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। यह आयोजन ग्राम सुरगुली के लिए यादगार बन गया और उपस्थित लोगों ने परिवार के उज्ज्वल भविष्य एवं निरंतर खुशहाली की कामना की।