जिला

सरपंच की मिसाल: निजी एम्बुलेंस से 100 से अधिक मरीजों को मिला समय पर उपचार

सारंगढ़-बिलाईगढ़ के ग्राम पंचायत भीखमपुरा के आश्रित ग्राम खैरा बड़े की सरपंच पूर्णिमा महिलाने ने जनसेवा की अनूठी मिसाल पेश करते हुए अपने निजी खर्च से एम्बुलेंस उपलब्ध कराई है। इस पहल से अब तक 100 से अधिक मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाकर उपचार दिलाया जा चुका है।


23 फरवरी 2025 को सरपंच पद संभालने के बाद पूर्णिमा महिलाने ने ग्रामीणों की सबसे बड़ी जरूरत—आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधा—को प्राथमिकता दी। दूरस्थ क्षेत्र होने के कारण मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में होने वाली परेशानी को देखते हुए उन्होंने निजी संसाधनों से एम्बुलेंस की व्यवस्था की, जो आज ग्रामीणों के लिए जीवनदायिनी साबित हो रही है।


इस एम्बुलेंस की मदद से गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों, गंभीर रूप से बीमार मरीजों तथा सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जिला अस्पताल और आवश्यकता पड़ने पर उच्च चिकित्सा संस्थानों तक समय पर पहुंचाया गया। इससे कई मरीजों को समय रहते उपचार मिल सका और उनकी जान बचाने में भी मदद मिली।


प्रदेश सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं के साथ जिला प्रशासन भी ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है। कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने और अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।


ग्रामीणों ने सरपंच पूर्णिमा महिलाने की इस जनहितकारी पहल की सराहना करते हुए कहा कि एम्बुलेंस उपलब्ध होने से आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना आसान हुआ है। इससे समय और आर्थिक खर्च दोनों की बचत हुई है तथा ग्रामीणों का स्वास्थ्य सेवाओं पर भरोसा भी मजबूत हुआ है।

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