एमएसएमई आइडिया हैकथॉन 6.0 से उद्योगों को मिलेगा नवाचार और तकनीक का नया संबल छत्तीसगढ़ चेम्बर एवं रुंगटा यूनिवर्सिटी का संयुक्त जानकारी सत्र, उद्योग–शिक्षा समन्वय पर दिया गया बल
विजय मिश्रा, ब्यूरो चीफ दुर्ग-भिलाई
भिलाई। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को नवाचार, आधुनिक तकनीक और शोध आधारित समाधान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज़, भिलाई एवं रुंगटा यूनिवर्सिटी के संयुक्त तत्वावधान में "एमएसएमई आइडिया हैकथॉन 6.0" विषय पर एक महत्वपूर्ण जानकारी सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उद्योग, शिक्षा और नवाचार के समन्वय को आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया।
कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने उद्योग एवं व्यापार से जुड़े उद्यमियों को बताया कि उत्पादन, गुणवत्ता, लागत, विपणन तथा संचालन संबंधी चुनौतियों का समाधान नवाचार (Innovation), अत्याधुनिक तकनीक (Technology), कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) एवं शोध आधारित नए विचारों के माध्यम से प्रभावी ढंग से किया जा सकता है।
रुंगटा यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञों ने उद्योगपतियों से आग्रह किया कि वे अपने-अपने उद्योगों की वास्तविक समस्याओं को साझा करें, ताकि शोधकर्ताओं, विशेषज्ञों एवं युवा इनोवेटर्स की सहभागिता से उनके व्यावहारिक और टिकाऊ समाधान विकसित किए जा सकें।
प्रदेश महामंत्री अजय भसीन ने कहा कि एमएसएमई आइडिया हैकथॉन 6.0 केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि उद्योग, शिक्षा और नवाचार को एक मंच पर लाने वाला सशक्त माध्यम है, जो स्थानीय उद्योगों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
भिलाई चेम्बर अध्यक्ष गार्गी शंकर मिश्रा ने कहा कि युवा प्रतिभाओं के नवाचारी विचार उद्योग जगत को व्यवहारिक एवं प्रभावी समाधान प्रदान करेंगे, जिससे प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के नेतृत्व में यूके बिजनेस डेलिगेशन से लौटे डॉ. जितेंद्र गुप्ता ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि उद्योग और विश्वविद्यालय एक-दूसरे के पूरक हैं तथा दोनों के समन्वय से ही नवाचार आधारित औद्योगिक विकास संभव है। उन्होंने कहा कि भारत तकनीकी क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहा है और भविष्य की प्रतिस्पर्धा में बने रहने के लिए उद्योगों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स एवं डिजिटल तकनीकों का व्यापक उपयोग आवश्यक होगा। उन्होंने अपने यूके प्रवास के अनुभव साझा करते हुए कहा कि वैश्विक बाजार में गुणवत्ता आधारित उत्पादन (Quality Production) को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है।
कार्यक्रम में रुंगटा यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधि अनुराग शर्मा एवं राहुल मिश्रा, लघु उद्योग भारती के जिला अध्यक्ष संजय मिश्रा, विनोद सोनी, महिला चेम्बर अध्यक्ष सुमन कनोजे, प्रभारी सरोजनी पाणिग्रही, रश्मि वर्मा, सुनीता सोनी, विकास जायसवाल सहित बड़ी संख्या में उद्योगपति, व्यापारी, शिक्षाविद, विद्यार्थी एवं चेम्बर पदाधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे प्रदेश के उद्योगों में नवाचार, तकनीकी उन्नयन और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं दूरदर्शी पहल बताया।
प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से जानकारी शंकर सचदेव ने दी।