जिला
ग्राम ताराबहरा में जल संरक्षण हेतु ग्रामसभा का ऐतिहासिक संकल्प, प्रत्येक घर में बनेगा वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम
एमसीबी/24 अप्रैल 2025/ राजेश साहू /
कलेक्टर श्री डी. राहुल वेंकट के निर्देशन एवं जिला पंचायत सीईओ श्रीमती अंकिता सोम के मार्गदर्शन में आज ग्राम पंचायत ताराबहरा, जनपद पंचायत मनेंद्रगढ़ में एक विशेष ग्रामसभा का आयोजन किया गया। इस ग्रामसभा में जल संरक्षण को लेकर एक ऐतिहासिक और सर्वसम्मत संकल्प पारित किया गया। ग्रामवासियों ने सामूहिक रूप से यह संकल्प लिया कि गांव के प्रत्येक घर में वर्षा जल संचयन (वाटर हार्वेस्टिंग) की संरचना बनाई जाएगी, जिससे बहुमूल्य वर्षा जल व्यर्थ न बहे। साथ ही, जल के महत्व को समझते हुए गांव में जनजागरूकता फैलाने का भी निश्चय किया गया।
ग्रामसभा ने यह भी तय किया कि पारंपरिक जल स्रोतों जैसे कुएँ, बावड़ी, तालाब आदि की नियमित सफाई एवं संरक्षण को सभी ग्रामवासी अपना नैतिक कर्तव्य समझेंगे। जल संरक्षण से जुड़े हर कार्य में सक्रिय भागीदारी निभाने और अगली पीढ़ियों को जल संकट से बचाने के लिए निरंतर जागरूकता फैलाने का भी संकल्प लिया गया। ग्रामसभा के सभी सदस्यों ने यह जिम्मेदारी भी ली कि वे स्वयं, सार्वजनिक एवं शासकीय भवनों में वाटर हार्वेस्टिंग संरचना की निगरानी करेंगे।

यदि किसी संरचना में कोई समस्या होगी, तो उसकी जानकारी संबंधित विभाग को तत्काल दी जाएगी। इस सराहनीय संकल्प में ग्राम सभा के सदस्य मनी सिंह, अवधेश कुमार, नकुल देव, राजेंद्र द्विवेदी, शिवप्रसाद, कल्याण सिंह, राजेश साहू, दुर्गा रामसकल, लक्ष्मण, संतोष और भुवनेश्वर कुमार प्रमुख रूप से शामिल रहे। गौरतलब है कि इस संकल्प के अनुसार जिले में जनपद पंचायत वार फाइल फोल्डर तैयार कर विशेष वाहक द्वारा 25 अप्रैल को जनपद स्तर पर, 26 अप्रैल को जिला स्तर पर, और 28 अप्रैल को संचालनालय को संकलित प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाएगा। साथ ही, संकल्प लेने वाले सभी व्यक्तियों के फोटोग्राफ भी प्रपत्र के साथ संलग्न कर भेजे जाएंगे।
श्रमिकों के सशक्तिकरण को लेकर ग्राम पंचायत कर्री में श्रमिक पंजीयन शिविर का आयोजन हुआ संपन्न
एमसीबी/24 अप्रैल 2025/ राजेश साहू /
कलेक्टर डी. राहुल वेंकट के निर्देश एवं श्रम अधिकारी विनय सिंह ठाकुर के कुशल मार्गदर्शन में 23 अप्रैल 2025 को जिला मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के विकासखंड भरतपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत कर्री में पंचायत स्तरीय श्रमिक पंजीयन शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर असंगठित क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने और उन्हें शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने की दिशा में एक सशक्त पहल सिद्ध हुआ।
इस शिविर में लगभग 50 श्रमिकों ने सक्रिय सहभागिता दर्ज कराई। इनमें से 22 श्रमिकों का नवीन पंजीयन किया गया, जबकि 19 पूर्व पंजीकृत श्रमिकों का पुनः सत्यापन करते हुए उनकी जानकारियाँ अद्यतन की गईं। उपस्थित श्रमिकों को श्रम विभाग की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई, जिससे वे इन योजनाओं का लाभ उठाकर अपने जीवन स्तर में सुधार ला सकें। शिविर में विशेष रूप से छत्तीसगढ़ सरकार की प्रमुख योजनाएं जैसे मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक सहायता योजना, श्रमिक जीवन सुरक्षा योजना, श्रमिक आवास सहायता योजना, मातृत्व एवं पालन-पोषण सहायता योजना तथा श्रमिक बाल शिक्षा प्रोत्साहन योजना की जानकारी साझा की गई।
इन योजनाओं का मूल उद्देश्य श्रमिकों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना तथा उनके परिवारों की आधारभूत आवश्यकताओं की पूर्ति सुनिश्चित करना है। यह शिविर न केवल पंजीयन प्रक्रिया को सहज और सरल बनाने का माध्यम बना, बल्कि श्रमिकों में जागरूकता का संचार करते हुए उन्हें यह भी बताया गया कि ये योजनाएं किस प्रकार उनके लिए एक मज़बूत सामाजिक सुरक्षा कवच का कार्य करती हैं। कार्यक्रम की सफलता में स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों, श्रम निरीक्षकों एवं विभागीय टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिन्होंने समर्पण भाव से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया।
ग्राम पंचायत चनवारीडांड में धूमधाम से मनाया गया राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस, अटल डिजिटल सुविधा केंद्र का हुआ शुभारंभ
एमसीबी/24 अप्रैल 2025/ राजेश साहू
कलेक्टर डी. राहुल वेंकट के निर्देशन एवं जिला पंचायत सीईओ अंकिता सोम के मार्गदर्शन में आज जिले की समस्त ग्राम पंचायतों में राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ग्राम पंचायत चनवारीडांड में भी उत्साहपूर्वक कार्यक्रम संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मधुबनी, बिहार से प्रसारित वर्चुअल संबोधन के साथ हुई, जिसे ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों, ग्रामीण जन, अधिकारी एवं कर्मचारियों ने एक साथ देखा और सुना। प्रधानमंत्री जी के विचारों ने ग्रामीण विकास की दिशा में नई प्रेरणा दी। ग्राम सभा के दौरान पंचायत सचिव द्वारा उपस्थित ग्रामीण जनों को एजेंडा बिंदुवार जानकारी दी गई

, जिसमें विकास योजनाओं से लेकर पंचायत की भूमिका तक की विस्तृत जानकारी साझा की गई। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र का उद्घाटन, जिसे जिला पंचायत सदस्य श्री उजीत नारायण सिंह ने फीता काटकर किया। इस सुविधा केंद्र के माध्यम से अब ग्रामीण जनों को बैंकिंग, सरकारी योजनाओं की जानकारी, दस्तावेजों की ऑनलाइन सेवाएं एवं अन्य डिजिटल सुविधाएं ग्राम पंचायत स्तर पर ही सुलभ होंगी। इस अवसर पर जल संरक्षण एवं जल संवर्धन, एक राष्ट्र-एक चुनाव जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूकता फैलाते हुए सभी उपस्थित जनों ने स्वच्छता की शपथ भी ली।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्री उदित नारायण सिंह जिला पंचायत सदस्य, रवि शंकर जनपद सदस्य, वैशाली सिंह जनपद सीईओ, राजेश जैन जिला सलाहकार, कमल किशोर जायसवाल विकास विस्तार अधिकारी, दीपक सिंह, अनूप श्रीवास्तव, तकनीकी सहायक सोनू राव एवं ग्राम सरपंच सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
भु माफियाओं के प्रताड़ना से तंग आकर युवक ने की आत्महत्या, प्रशासन की निष्क्रियता पर उठ रहे कई सवाल, उप पंजीयक, पटवारी सहित सात लोगो पर केस दर्ज
ब्यूरो रिपोर्ट बलरामपुर
सर्व आदिवासी समाज ने पांच सूत्रीय मांगों को लेकर प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
24 घण्टे के भीतर सभी आरोपी होंगे सलाखों के अंदर
एसडीएम ने भमि को 170 (ख) के तहत निरस्त किया
सर्व आदिवासी समाज ने मृतक के परिजनों के लिए 2 करोड़ रुपए की मांग की
बलरामपुर/राजपुर/बरियों।पहाड़ी कोरवा जनजाति को भारत के राष्ट्रपति द्वारा "दत्तक पुत्र" का विशेष दर्जा प्राप्त है। यह दर्जा इसलिए दिया गया था ताकि सरकार इस जनजाति के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक विकास के लिए विशेष ध्यान दे सके। राज्य और केंद्र सरकारें समय-समय पर कोरवा जनजातियों को विशेष सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ देती है। केंद्र और राज्य सरकार विभिन्न योजनाओं के तहत इनके हित में कदम उठा रही है वहीं बलरामपुर जिले के पहाड़ी कोरवा प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या करने को मजबूर हैं। सर्व आदिवासी समाज ने पांच सूत्रीय मांगों को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।
बलरामपुर जिले के राजपुर थाना के बरियों चौकी अंतर्गत ग्राम भेस्की में सामुदायिक भूमि को धोखाधड़ी से हड़पने और प्रताड़ना से तंग आकर भईया पहाड़ी कोरवा ने मंगलवार को अपने गोठान में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सर्व आदिवासी समाज और पहाड़ी कोरवा समुदाय ने जिला प्रशासन से आरोपियों और उनके सहयोगियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की। सर्व आदिवासी समाज के हस्तक्षेप और चक्काजाम की चेतावनी दी थी। सर्व आदिवासी समाज के पांच सूत्रीय मांगों को पूरी करने के आश्वाशन के बाद मामला शांत हुआ। मृतक के परिजनों को जनपद पंचायत सदस्य कमला राम व मुकेश गुप्ता के द्वारा तात्कालिक सहायता राशि 25 हज़ार रुपए प्रदान किया। बलरामपुर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विश्व दीपक त्रिपाठी, अनुविभागीय अधिकारी इमानुएल लकड़ा के साथ भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रही। इसके बाद मृतक भईया पहाड़ी कोरवा के शव को दफन किया।
पूर्व में हो चुकी है शिकायत, नहीं हुई कोई सुनवाई
दिसंबर 2024 में भिन्सारी पति बनउ पहाड़ी कोरवा (55), भाला पिता खिरना पहाड़ी कोरवा (40), जीतु पिता बनउ पहाड़ी कोरवा (17), संत राम माता जुवारो एवं पिता का नाम भईरा पहाड़ी कोरवा (32) सभी निवासी ग्राम भेस्की, थाना राजपुर ने पुलिस चौकी बरियों में फर्जी रजिस्ट्री करने और धोखाधड़ी करने के सम्बन्ध में लिखित शिकायत प्रस्तुत किया था कि आवेदकों के माता की भूमि जिसका ख़सरा क्रमांक 210, 213/2, 215, 240/10 241/1, 245 जिनका रकबा 0.656, 0.097, 0.150, 1.259 0.172, 0.134 हे. भूमि ग्राम भेस्की में स्थित है। आवेदक की माता ज़ूबारो को खाता खुलवाने के नाम पर राजपुर लाकर पटवारी की सांठ गांठ से बिना किसी की सहमति के चौहद्दी कटवा लिया गया। जबकि उक्त जमीन में कई सहखातेदार हैं। पीड़ितों ने आरोप लगाया है कि उनकी शिकायत पर कोई सुनवाई नहीं हुई और उनके मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
जनवरी 2025 में भिन्सारी ,भला, जीतु ,संत राम ने अनुविभागीय अधिकारी राजपुर, पुलिस अधीक्षक बलरामपुर और जिला दंडाधिकारी के पास भी लिखित शिकायत प्रस्तुत किया था कि संत राम पिता भईरा अपने नाना की भूमि में जन्म से निवासरत है, उसके मामा बनउ की सामुहिक भूमि को धोखाधड़ी कर फर्जी रजिस्ट्री महेन्द्र कुमार गुप्ता निवासी गांधी चौक राजपुर व उदय शर्मा ग्राम परसागुडी , पटवारी हल्का नम्बर 26 के वर्तमान पटवारी राहुल सिंह, विनोद अग्रवाल निवासी राजपुर, प्रवीण अग्रवाल निवासी राजपुर के द्वारा चौदह लाख रूपए चेक क्रमांक 768085 दिनांक 18 नवंबर 2024 को बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा अम्बिकापुर का उपयोग कर शिवा राम पिता ईश्वर राम (19) खाड़पारा नवकी राजपुर के नाम पर भूमि को षडयंत्र पूर्वक पचास रूपए के स्टाम्प ए एफ 160065 में फर्जी अंगुठा लगाकर रजिस्ट्री करा लिया गया और उन्हें शिकायत न करने लगातार धमकाया जा रहा था। आवदेकों के द्वारा तत्काल जांच कराकर रजिस्ट्री को निरस्त कर संशोधन रोकने एंव दण्डात्मक कार्यवाही करने की मांग की गई थी।
आरोप: प्रताड़ना से तंग आकर युवक ने की आत्महत्या, प्रशासन की निष्क्रियता पर उठ रहे कई सवाल
भू-माफियाओं के द्वारा महिला ज़ुआरो को राजपुर लाकर महतारी वंदन योजना का लाभ दिलाने के नाम पर 6 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री करा ली गई, उक्त भूमि में कई सहखातेदार हैं जिनको जानकारी ही नहीं हैं। पुलिस चौकी से लेकर उच्चधिकारियों तक आवेदन दिया गया जिसपे आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। परिजनों ने आरोप लगाया कि महिला ज़ुआरो के पति भईरा राम को लगातार धमकी दी जा रही थी, दबाव और मानसिक तनाव आने के कारण उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उन्होंने आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है। पहाड़ी कोरवा समुदाय ने जिला प्रशासन से आरोपियों और उनके सहयोगियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे लंबे समय से क्षेत्र में प्रभावशाली व्यक्ति के रूप में सक्रिय हैं और उनकी गतिविधियों ने समुदाय को भयभीत किया है।
सर्व आदिवासी समाज के प्रदेश उपाध्यक्ष परशुराम भगत, संभाग अध्यक्ष डॉ. अमृत सिंह मरावी, एवं जिला अध्यक्ष बलरामपुर विजय खुसरो, साथ ही कई जनप्रतिनिधियों (BDC, DC, सरपंच) ने अपने पांच सूत्रीय मांगों को लेकर इस आंदोलन का आह्वान किया और चक्काजाम की चेतावनी दी थी। सर्व आदिवासी समाज ने बलरामपुर कलेक्टर राजेंद्र कटारा के नाम, अनुविभागीय अधिकारी राजपुर को आवेदन लिख पांच सूत्रीय मांग की:
01. जुबारो की भूमि की गई फर्जी रजिस्ट्री को 170 (ख) के तहत तत्काल निरस्त किया जाए।
02 मृतक भईया के परिजनों को दो करोड़ रुपए सहायता राशि दी जाए।
03 आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की जाए।
04 भेस्की, बरियों, बघिमा, घोरघडी, डिगनगर में संचालित सभी क्रेशर की जांच की जाए। विनोद अग्रवाल उर्फ मघु द्वारा ग्राम भेस्की की सोमर साय, चमार साय, गोंडन, भोला बैगा, कुबेर, कमला देवी, भिखारी राम, कुंवर साय व अन्य के नाम पर कराई गई फर्जी सभी रजिस्ट्री को निरस्त किया जाए।
05 फर्जी रजिस्ट्री कराने में संलिप्त दलालों/ व्यक्तियों के विरुद्ध केसेज दर्ज किया जाए।
अन्य के विरुद्ध केस दर्ज करने बरियों चौकी प्रभारी को ज्ञापन सौंपा
संत राम पिता भईया पहाड़ी कोरवा (32) ने ज्ञापन सौंप कहा कि सुदामा उर्फ बाबूलाल श्रीवास्तव पिता मोहित श्रीवास्तव निवासी बरियो, राजू टेकाम पिता जीवा गोड़ निवासी बादा, राजेन्द्र पिता विनोद उरांव निवासी बतौली, पिंटू उर्फ चतुरगुण पिता विष्णुधारी यादव निवासी भेस्की, दिलीप तिग्गा पिता समीर उरांव निवासी भेस्की ने प्रार्थी के माता-पिता को जान से मारने की धमकी, अपहरण करने एवं आत्महत्या करने के लिए प्रेरित किया वही गांव के लोंगो की भूमि को दलाली कर भू-माफिया के पास फर्जी तरीके से जमीन का रजिस्ट्री कराते है सभी के विरुद्ध केस दर्ज कराने की मांग की।
हस्तक्षेप के बाद उप पंजीयक, पटवारी सहित सात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज
सर्व आदिवासी समाज के हस्तक्षेप और चक्काजाम की चेतावनी और भारी गहमागहमी के बीच बरियों चौकी में उप पंजीयक राजपुर यशवंत कुमार, पटवारी राहुल सिंह, शिवराम, विनोद अग्रवाल, प्रवीण अग्रवाल, महेंद्र गुप्ता व उदय शर्मा के विरुद्ध धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2), 3(5) बीएनएस के तहत केस दर्ज किया गया।
जिले का राजस्व विभाग एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गया है। आरोपियों के साथ पटवारी, आर.आई, तहसीलदार और रजिस्ट्रार की भी भूमिका संदिग्ध है। पीड़ित महिला से बिना किसी के सहमति से चौहद्दी कटवा लिया गया और उसके 6 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री करा ली गई, जबकि उक्त भूमि में कई सहखातेदार हैं यह अधिकारियों का आरोपियों से मिलीभगत होने और सांठ गांठ होने जैसे कई सवालिया निशान खड़े कर रही है। नागरिकों की शिकायत है कि विभाग के अधिकारियों द्वारा समय पर कार्रवाई न किए जाने के कारण ज़मीन से जुड़े विवाद लगातार बढ़ते जा रहे हैं। फरियादी दिनभर विभागीय दफ्तरों के चक्कर लगाते रहते हैं, लेकिन समाधान की बजाय उन्हें आश्वासनों का ही सामना करना पड़ता है। इससे लोगों में असंतोष बढ़ रहा है।
राजस्व विभाग में ऐसे कई स्थगन आदेश हैं जिसका निराकरण एक साल से ऊपर होने पश्चात भी नहीं हो पाया
जिले के राजपुर के राजस्व विभाग में ऐसे कई स्थगन आदेश हैं जिसका निराकरण एक साल से ऊपर होने पश्चात भी नहीं हो पाया है। एक फरियादी ने बताया कि उनके जमीन पर 1 मई 2024 को स्थगन आदेश जारी हुआ था जिसका निराकरण आज दिनांक तक नहीं हो पाया है जबकि आवेदक पेशी में हाजिर नहीं होता है। यह कोई एक मामला नहीं है। कई ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि अधिकारियों की उदासीनता के चलते छोटे-छोटे मामलों में वर्षों लग जाते हैं, जिससे विवाद जटिल होते जा रहे हैं।
एसडीएम राजीव जेम्स कुजुर ने बताया कि नामांतरण तत्काल निरस्त किया गया है। मृतक भईरा पहाड़ी कोरवा के परिजनों ने दो करोड़ रुपए सहायता राशि की मांग की है प्रतिवेदन बनाकर कलेक्टर कार्यालय को भेजा जा रहा है।
सकरी थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत गिरधौना का मामला:तालाब में डूबीं दो सगी बहनें, अवैध मुरुम खनन से बने गड्ढे ने ली जान
तखतपुर/
तखतपुर क्षेत्र की ग्राम पंचायत गिरधौना में तालाब में डूबने से दो सगी बहनों की मौत हो गई। दोनों अपनी दादी के साथ गांव के चण्डीपारा तालाब नहाने गई थीं। तैरते-तैरते तालाब में अवैध मुरुम खुदाई से बने गहरे गड्ढे में चली गईं और डूब गईं. ने से उनकी मौत हो गई। सकरी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों बहनों के शव तालाब से निकाला। पंचनामा व पीएम के बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए परिजन को सौंपा गया।
पुलिस ने बताया कि ग्राम गिरधौना निवासी ओमप्रकाश जायसवाल की दो बेटियां चांदनी (13) और पार्वती(11) मंगलवार की सुबह 8 बजे अपनी दादी के साथ गांव के ही चण्डीपारा तालाब नहाने गई थीं। दादी कपड़ा धोकर घर वापस आ गई और दोनों बहनें तालाब में नहा रही थीं।
नहाते-नहाते दोनों बहने अवैध रूप से मुरूम खुदाई से बने गहरे गड्ढे में चली गईं और डूबने लगी। समय पर सहायता नहीं मिलने से दोनों गड्ढे में समा गईं। इधर, जब चांदनी और पार्वती घर नहीं आई तो उन्हें देखने दादी फिर से तालाब गई। वहां उन्होंने देखा कि दोनों बहनों के कपड़े तालाब किनारे रखे हुए हैं, लेकिन लड़कियां दिखाई नहीं दे रही हैं।
अनहोनी की आशंका होने पर दादी ने घर के अन्य सदस्यों को सूचना दी और गांववालों के सहयोग से तालाब में ही खोजना शुरू किया। कुछ देर बाद दोनों बहनों के शव तालाब में मिले। उन्हें बाहर निकाला गया। सूचना पर पहुंची सकरी पुलिस ने दोनों के शवों का पीएम कराया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
कश्मीर में फंसे रायपुर-भिलाई-बिलासपुर के 65 टूरिस्ट
-भिलाई
छत्तीसगढ़ के रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर के 65 यात्री एक साथ कश्मीर ट्रिप पर गए हैं। अब पहलगाम हमले के बाद वहां फंसे हुए हैं। रायपुर से पत्रकार रामअवतार तिवारी और शशांक तिवारी भी इनमें शामिल हैं। प्रदेश के सभी 65 यात्री ट्रैवल एजेंसी की संचालक ममता शर्मा के साथ कश्मीर पहुंचे हैं। हमले की खबर के बाद सभी को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने में ममता लगी रहीं।
ममता शर्मा कहती हैं कि, हमारे साथ 8 लोग बिलासपुर से हैं, 10 लोग भिलाई से हैं। बाकी हमारे पूरे रायपुर के लोग हैं। टोटल हम 65 लोग हैं। हम बहुत अच्छे से पूरी ट्रिप कर रहे थे। इसके बाद हमें पहलगाम जाना था। किसी कारण से एक पॉइंट छूट गया था ट्यूलिप गार्डन वगैरह। हमें सुबह 9 बजे चेक आउट करना था, लेकिन लेट हुआ और हम 2:00 बजे तक श्रीनगर में ही रह गए। इसके बाद हम पहलगाम के लिए रवाना हुए।
तक कोई जानकारी नहीं थी, बीच में जब हमारी गाड़ी को आर्मी वालों ने रोका तो हमने पूछा कि कारण क्या है, तो उस समय भी माहौल हल्का ही था। दुकान वालों ने कहा कि, ये होता रहता है। आर्मी वाले चेक करते हैं। मगर कुछ ही देर में सब बोलने लगे कि पर्यटकों को मार दिया गया है। हम ये सुनकर दंग रह गए। गाड़ियों का लम्बा जाम लगने लगा, काले पकड़े पहने, हाथों में बंदूकें लिए जवानों का मूवमेंट होने लगा।

गाड़ी आगे नहीं जाएगी कह रहे थे जवान। कोई कुछ स्पष्ट नहीं बता रहा था। अटैक हो गया अटैक हो गया, हर कोई यही कहते हुए श्री नगर की तरफ जा रहा था। एक-एक कर एंबुलेंस आने लगीं। कुछ समझ नहीं आ रहा था। गाड़ी के ड्राइवर्स ने बताया कि, कुछ लोगों को आतंकियों ने गोली मार दी है। हमारे साथ 3 साल के बच्चे से लेकर 65-70 साल के बुजुर्ग थे। जवान बार-बार कह रहे थे आगे नहीं जाएगा कोई।
उन्होंने बताया कि, यदि हम अपने टाइम पर पहलगाम गए होते तो आज हमारी स्थिति कुछ और होती। हर तरफ से आर्मी ने रास्ता पैक कर दिया। शाम तक स्थिति इतनी खराब हो गई कि फोर्स वाले एक ही लाइन बोल रहे थे कि जहां खड़े हो वही खड़े रहो ना आगे जाना है ना ही पीछे। अभी जहां हो सेफ जोन में हो।
हम गाड़ी में ही बैठे रहे। आगे पहलगाम में होटल में 20 से ज्यादा हमारे कमरे बुक थे। पीछे हम होटल छोड़कर आ चुके थे। दूसरे होटलों में बात कर रहे थे तो सभी जगह होट फुल हो चुके थे। इस ट्रिप के लिए हमने 2 महीने पहले सारी बुकिंग्स की थी। सब कुछ बिगड़ता चला जा रहा था। दिमाग में यही बात थी कि हमें जहां जाना है हम वहां पहुंच नहीं पा रहे हैं, पीछे भी लौटे तो 65 लोग रहेंगे कहां। सैकड़ों फोन कॉल्स हम कर रहे थे। कभी कोई बुलेट प्रूफ आर्मी व्हीकल हमे पीछे छोड़कर तेजी से आगे जा रहा था। डरे सहमे लोगों से भी गाड़ियों के लिए रास्ता क्लियर करते जवान उन्हें श्रीनगर की ओर भेज रहे थे। ये हम देख रहे थे और फोन कॉल पर फोन जारी थे, क्योंकि 65 लोगों के रहने का बंदोबस्त करना था।
श्रीनगर में हम तीन दिन जिस होटल में थे वहां बात हुई। उन होटल वालों ने उनके जो नए गेस्ट आ रहे थे उनको बोट हाउस और दूसरे होटल में शिफ्ट किया। दिनभर के प्रयास के बाद हमारे लिए 22 रूम मैनेज हुए। अब हम यहां रह रहे हैं। हमने जो हालात देखे हैं, तो हम जिस जगह में रह रहे हैं सुरक्षित जगह में हैं।
उसके लिए वह जो लेंगे हम देने को तैयार हैं। वह हमारी स्थिति को देखकर कुछ नहीं बोल रहे हैं। उन्होंने कहा है कि आपका घर है, आप यहां रहिए। उनकी यह ऐसी बात है कि हम कश्मीर वालों को कभी भूल नहीं सकते और बुरा नहीं कह सकते। स्थानीय लोगों ने काफी मदद की।
जनपद पंचायत मनेंद्रगढ़ में मनरेगा मैदानी अमलों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला हुई संपन्न
राजेश साहू एमसीबी/
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत संचालित कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जनपद पंचायत मनेंद्रगढ़ में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का संचालन मुख्य कार्यपालन अधिकारी के निर्देशन में किया गया, जिसमें क्षेत्र में कार्यरत मैदानी अमलों जैसे रोजगार सहायक, बीएफटी एवं मेट्स ने भाग लिया।

कार्यशाला में प्रतिभागियों को मनरेगा से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई। इसमें 7-पंजी संधारण, जॉब कार्ड का अद्यतन, मजदूरी भुगतान प्रक्रिया, रोजगार दिवस का निर्धारण, जन-मनरेगा पोर्टल का उपयोग, एनएमएमएस (NMMS) का क्रियान्वयन, आधार आधारित भुगतान प्रणाली, महिला सहभागिता को बढ़ावा देना, जॉब कार्ड सत्यापन, कार्यों का जियो टैगिंग, प्रधानमंत्री आवास योजना से समन्वय, ई-मस्टर रोल (E-MB), जलदूत ऐप का उपयोग, जल संवर्धन एवं संरक्षण तथा अन्य मनरेगा अनुमेय कार्यों की जानकारी शामिल रही।

इसके साथ ही कार्यशाला में संगम अभियान कार्यक्रम का भी प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जो कि ब्लॉक स्तरीय नोडल तकनीकी सहायक के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। इस प्रशिक्षण सत्र में पीओ-नरेगा, तकनीकी सहायक, सहायक प्रोग्रामर सहित बड़ी संख्या में मैदानी अमलों की सक्रिय भागीदारी रही। कुल 254 मेट्स ने इस कार्यशाला में उपस्थित होकर योजना के सफल क्रियान्वयन हेतु आवश्यक प्रशिक्षण प्राप्त किया।
इस अवसर पर अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से मैदानी अमलों की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी और योजना के लक्ष्यों की प्राप्ति में सहायता मिलेगी। कार्यशाला का उद्देश्य न केवल योजना की प्रक्रियाओं को समझाना था, बल्कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता व जवाबदेही सुनिश्चित करना भी रहा।
विनोद अग्रवाल उर्फ मग्गू सेठ के कारनामे ने ले ली एक और राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र की जान, क्या अब होगा न्याय?
बलरामपुर/
23 अप्रैल 2025: जिला बलरामपुर-रामानुजगंज के राजपुर क्षेत्र में विनोद अग्रवाल उर्फ मग्गू सेठ एक बार फिर सुर्खियों में हैं। हाल ही में उनके खिलाफ पहाड़ी कोरवा समुदाय की सामुदायिक भूमि को धोखाधड़ी से हड़पने का गंभीर आरोप लगा है, यह मामला धमकी तक सीमित नहीं रहा बल्कि बुजुर्ग भईरा पहाड़ी कोरवा (राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र) ने दिनांक 22/04/2025 के दोपहर आत्महत्या कर ली, मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है, समुदाय विशेष के लोगों ने इस बार विरोध प्रदर्शन करने का फैसला लिया है। यह पहली बार नहीं है जब मग्गू सेठ का नाम आपराधिक गतिविधियों से जोड़ा गया हो।

उनके खिलाफ 2009 से 2024 तक बलरामपुर जिले के विभिन्न थानों में कई अपराध दर्ज हैं, जिनमें क्रेशर हत्याकांड, हिंसा, धमकी, और अनुसूचित जनजाति उत्पीड़न जैसे गंभीर मामले शामिल हैं।
20 जनवरी 2025 को जिला दंडाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को संबोधित एक शिकायत में, पहाड़ी कोरवा समुदाय के सदस्यों (भिन्सारी, भाला, जीतु, संत राम) ने विनोद अग्रवाल उर्फ मग्गू सेठ पर उनकी सामुदायिक भूमि को धोखाधड़ी से रजिस्ट्री करने का आरोप लगाया। शिकायत के अनुसार, मग्गू सेठ ने महेंद्र कुमार गुप्ता, उदय शर्मा, और पटवारी राहुल सिंह के साथ मिलकर 14 लाख रुपये के चेक (नंबर 768085, तारीख 18.11.24) का उपयोग करके यह रजिस्ट्री की। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि उनके उंगलियों के निशान फर्जी तरीके से लिए गए और उन्हें जान से मारने की धमकियाँ दी गईं। उन्होंने रजिस्ट्री रद्द करने, संशोधन रोकने, और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।



इससे पहले, मार्च 2022 में बलरामपुर जिले के “क्रेशर हत्याकांड” में भी मग्गू सेठ का नाम सामने आया था। 26 मार्च 2022 को “भारत सम्मान” समाचार पत्र में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, इस हत्याकांड में पुलिस की जांच को गुमराह करने की कोशिश की गई थी। स्थानीय प्रशासन व पुलिस की मदद से जांच में बाधा डाली गई, जिसमें मग्गू सेठ की संलिप्तता संदिग्ध थी। मृतक के परिजनों और ग्राम वासियों ने उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। उस समय भी सवाल उठा था कि क्या मग्गू सेठ को सजा मिलेगी और कब होगा न्याय? थाना राजपुर और चौकी बरियों में दर्ज आपराधिक रिकॉर्ड
मग्गू सेठ के खिलाफ बलरामपुर जिले में लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों का रिकॉर्ड है। उनके खिलाफ थाना राजपुर और चौकी बरियों में निम्नलिखित अपराध दर्ज हैं:
अपराध क्रमांक 48/09, दिनांक 18/03/2009: धारा 147, 148, 149, 294, 506, 323 (मारपीट, गाली-गलौज, धमकी, और बलवा)।
2. अपराध क्रमांक 133/15, दिनांक 23/08/2015: धारा 365, 342, 294, 506, 323, 31 (अपहरण, बंधक बनाना, गाली-गलौज, धमकी, और मारपीट)।
3. अपराध क्रमांक 40/16, दिनांक 18/03/2016: धारा 294, 506, 323 (गाली-गलौज, धमकी, और मारपीट)।
4. अपराध क्रमांक 120/16, दिनांक 22/08/2016: धारा 294, 506, 323, 147, 149, 325 (गाली-गलौज, धमकी, मारपीट, और बलवा)।
5. अपराध क्रमांक 07/17, दिनांक 24/01/2017: धारा 294, 506, 323, 451, 477, 34, 3-1(एक्स)/(एक्ससी)
एक्ससीए (गाली-गलौज, धमकी, मारपीट, घर में घुसना, संपत्ति नुकसान, और अनुसूचित जाति/जनजाति उत्पीड़न)।
कुल: थाना राजपुर में 5 प्रकरणों के साथ एक प्रतिबंधात्मक कार्यवाही (107/16) भी दर्ज है, जो सामाजिक शांति भंग करने की आशंका के तहत की गई थी। इस प्रकार, कुल 6 कार्यवाहियाँ हैं।
1. अपराध क्रमांक 07/120, दिनांक 28/08/2016: धारा 294, 506 (बी), 323, 147, 148, 149 (गाली-गलौज, धमकी, मारपीट, और बलवा)।
2. अपराध क्रमांक 32/18, दिनांक 20/02/2018: धारा 294, 506, 323, 34 (गाली-गलौज, धमकी, और मारपीट)।
3. अपराध क्रमांक 34/21, दिनांक 17/06/2020: धारा 287, 304 (।।), 34 (लापरवाही से मृत्यु, और हत्या से संबंधित अपराध)।
4. अपराध क्रमांक 85/21, दिनांक 30/04/2021: धारा 294, 506, 323, 341, 342, 34 (गाली-गलौज, धमकी, मारपीट, गलत तरीके से रोकना, और बंधक बनाना)।
कुल: चौकी बरियों में उनके खिलाफ 4 प्रकरण दर्ज हैं।
आपराधिक पैटर्न और स्थानीय प्रभाव विनोद अग्रवाल उर्फ मग्गू सेठ के खिलाफ दर्ज अपराधों में एक स्पष्ट पैटर्न देखा जा सकता है। 2009 से 2021 तक उनके खिलाफ हिंसा, धमकी, अपहरण, और अनुसूचित जाति/जनजाति उत्पीड़न जैसे अपराध दर्ज हैं। 2020 में चौकी बरियों में दर्ज अपराध (धारा 287, 304 (।।)) संभवतः क्रेशर हत्याकांड से जुड़ा हो सकता है, क्योंकि क्रेशर व्यवसाय में लापरवाही से मृत्यु की घटनाएँ आम हैं। 2017 में थाना राजपुर में दर्ज अनुसूचित जाति/जनजाति उत्पीड़न का मामला 2024 की पहाड़ी कोरवा समुदाय की शिकायत से मेल खाता है, जो उनके कमजोर समुदायों को निशाना बनाने की प्रवृत्ति को दर्शाता है। पहाड़ी कोरवा समुदाय ने जिला प्रशासन से मग्गू सेठ और उनके सहयोगियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मग्गू सेठ लंबे समय से क्षेत्र में प्रभावशाली व्यक्ति के रूप में सक्रिय हैं और उनकी आपराधिक गतिविधियों ने समुदाय को भयभीत किया है। 2022 में क्रेशर हत्याकांड के बाद भी उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग उठी थी, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठा। अब जनता यह सवाल पूछ रही है कि क्या मग्गू सेठ को सजा मिलेगी और कब होगा न्याय?
जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने नवंबर 2024 की शिकायत पर जांच शुरू करने की बात कही है, लेकिन अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि मग्गू सेठ के खिलाफ सभी पुराने मामलों की समीक्षा की जाए और उनके प्रभाव को खत्म करने के लिए कड़े कदम उठाए जाएँ। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मग्गू सेठ की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है, और जल्द ही कार्रवाई की उम्मीद है। विनोद अग्रवाल उर्फ मग्गू सेठ बलरामपुर जिले में 2009 से 2024 तक आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहे हैं। क्रेशर हत्याकांड से लेकर पहाड़ी कोरवा समुदाय की भूमि हड़पने तक, उनके खिलाफ हिंसा, धमकी, और उत्पीड़न के कई मामले दर्ज हैं। यह स्थिति जिला प्रशासन और पुलिस के लिए एक गंभीर चुनौती पेश करती है। अब देखना यह है कि क्या मग्गू सेठ को सजा मिलेगी और क्या जल्द होगा न्याय? विनोद अग्रवाल उर्फ मग्गू सेठ बलरामपुर जिले में 2009 से 2024 तक आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहे हैं। क्रेशर हत्याकांड से लेकर पहाड़ी कोरवा समुदाय की भूमि हड़पने तक, उनके खिलाफ हिंसा, धमकी, और उत्पीड़न के कई मामले दर्ज हैं। यह स्थिति जिला प्रशासन और पुलिस के लिए एक गंभीर चुनौती पेश करती है। अब देखना यह है कि क्या मग्गू सेठ को सजा मिलेगी और क्या जल्द होगा न्याय?
विनोद अग्रवाल उर्फ मग्गू सेठ के खिलाफ आपराधिक गतिविधियों और अवैध संपत्ति अर्जन के आरोपों ने एक बार फिर सुर्खियां बटोरी हैं।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, मग्गू सेठ की संपत्तियों की वैधता पर सवाल उठ रहे हैं, और इसे Proceeds of Crime मानकर Enforcement Directorate (ED) और पुलिस से जांच की मांग की जा रही है।
क्या है मामला?
2009 से 2024 तक मग्गू सेठ पर हत्या, जबरन वसूली, और जमीन हड़पने जैसे संगीन अपराधों के आरोप हैं। इसके बावजूद, उनके पास प्रॉपर्टी, क्रेशर, और ट्रांसपोर्ट जैसे व्यवसायों में मजबूत पकड़ है। विशेष रूप से पहाड़ी कोरवा समुदाय की जमीनों को फर्जी रजिस्ट्री के जरिए हड़पने के मामले ने स्थानीय लोगों में आक्रोश पैदा किया है। जानकारों का कहना है कि यह “Land Grab under disguise of Power” का स्पष्ट उदाहरण है।
Proceeds of Crime और कानूनी प्रावधान
Prevention of Money Laundering Act (PMLA), 2002 के तहत, कोई भी संपत्ति जो अपराध से अर्जित की गई हो, Proceeds of Crime मानी जाती है। ऐसी संपत्तियां, अगर अघोषित आय, फर्जी कंपनियों, या बेनामी नामों पर खरीदी गई हों, तो ED द्वारा जब्त की जा सकती हैं। इसके अलावा, Benami Transactions Act के तहत बेनामी संपत्तियों पर भी कार्रवाई संभव है।
शक की वजहें
1. लंबा आपराधिक इतिहास: मग्गू सेठ का 15 सालों से अपराधों में सक्रिय होना, लेकिन घोषित आय का अभाव।
2. जमीन हड़पने का खेल: आदिवासी समुदाय की जमीनों को फर्जी तरीकों से कब्जाने के आरोप।
3. अधिकारियों से सांठगांठ: मिलीभगत के जरिए benami transactions और asset shielding की आशंका।
क्या हो सकती है कार्रवाई?
1. संपत्ति जब्ती: ED द्वारा संपत्तियों को Proceeds of Crime मानकर अटैच करना।
2. आयकर छापेमारी: Income Tax Department द्वारा अघोषित आय और खर्चों की जांच।
3. PMLA केस: IPC या SC/ST Act के तहत दर्ज FIR के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज करना।
4. बेनामी संपत्ति पर कार्रवाई: फर्जी नामों पर दर्ज संपत्तियों को जब्त करना।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय आदिवासी समुदाय और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि मग्गू सेठ की संपत्तियों की निष्पक्ष जांच हो। एक कार्यकर्ता ने कहा, “यह सिर्फ एक व्यक्ति की कहानी नहीं, बल्कि सिस्टम के दुरुपयोग का मामला है। अगर जांच नहीं हुई, तो यह अन्य अपराधियों को प्रोत्साहन देगा।”
आगे क्या?
फिलहाल, पुलिस और ED की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि मग्गू सेठ के खिलाफ सबूत जुटाए जा रहे हैं। यदि जांच शुरू होती है, तो यह रायगढ़ में आपराधिक गतिविधियों और अवैध संपत्ति अर्जन के खिलाफ एक बड़ा कदम हो सकता है।
24 अप्रैल को मनाया जाएगा पंचायती राज दिवस जिले के 60 ग्राम पंचायतों में शुरू होंगे अटल डिजिटल सुविधा केन्द्र
संवाददाता - विकास कुमार यादव /
बलरामपुर/
राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर जिले के अन्तर्गत प्रथम फेज में 06 विकासखण्ड अन्तर्गत 10-10 ग्राम पंचायतों कुल चयनित 60 ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सुविधा केन्द्र का शुभारंभ किया जायेगा।
इसके माध्यम से ग्राम पंचायत स्तर पर ही ग्रामीणों को विभिन्न योजनाओं अन्तर्गत डी.बी.टी. के माध्यम से प्राप्त होने वाली राशि का ग्राम पंचायत स्तर पर ही नगद आहरण करने की सुविधा दी जाएगी साथ ही विभिन्न योजनाओं की ऑनलाईन जानकारी के साथ नागरिक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।इसके लिये ग्राम पंचायत में कार्यरत VLE एवं सरपंच के मध्य एक वर्ष का MoU हस्ताक्षर किया गया है
अब आम जनों को ग्राम पंचायत में ही नगद आहरण की सुविधा प्राप्त होगी।जिसके लिये हितग्राहियों को किसी प्रकार का कोई अतिरिक्त राशि या शुल्क नहीं देना होगा।यह सुविधा निःशुल्क होगी ।
सुशासन तिहार 2025 में प्राप्त आवेदनों के समाधान के लिए शिविर आयोजित 05 से 31 मई तक निर्धारित स्थानों में होगा आयोजन
संवाददाता - विकास कुमार यादव /
बलरामपुर/
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशन में जन समस्याओं के समाधान और शासकीय कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सुशासन तिहार का आयोजन किया गया है। सुशासन तिहार के माध्यम से जनसामान्य और ग्रामीण जनों से सीधे संपर्क कर उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान करने के साथ ही शासन की योजनाओं से लाभान्वित भी किया जाएगा। जिसके लिए ग्राम पंचायत और नगरीय निकायों में समाधान पेटी के माध्यम से 08 से 11 अप्रैल 2025 तक आमजनों से उनकी मांग एवं समस्याओं से संबंधित आवेदन लिए गए हैं। कलेक्टर राजेन्द्र कटारा के मार्गदर्शन में सुशासन तिहार के माध्यम से लिए गए आवेदनों के निराकरण की स्थिति के बारे में जानकारी देने सभी विकासखण्डों में तिथिवार शिविरों का आयोजन किया गया है साथ ही समाधान शिविर में आमजनों की समस्याओं के आवेदन लेने के साथ शीघ्र निराकरण भी किया जाएगा।
आयोजित शिविर अंतर्गत 05 मई 2025 को विकासखण्ड बलरामपुर के हाई स्कूल खेल मैदान डौरा, राजपुर के माध्यमिक शाला कोदौरा खेल मैदान, वाड्रफनगर के हायर सेकेण्डरी स्कूल मैदान बलंगी में शिविर का आयोजन किया जाएगा। इसी प्रकार 06 मई को नगर पालिका परिषद बलरामपुर के ऑडिटोरियम भवन, 07 मई को कुसमी के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चांदो, रामचन्द्रपुर के कन्या हाई स्कूल मैदान सनावल, शंकरगढ़ के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला कमारी प्रांगण, 08 मई को बलरामपुर के साप्ताहिक हाटबाजार पस्ता, राजपुर के हाई स्कूल मैदान जिगड़ी, वाड्रफनगर के हायर सेकेण्डरी मैदान जनकपुर, 09 मई को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बसकेपी प्रांगण, रामचन्द्रपुर के स्कूल मैदान दोलंगी, शंकरगढ़ के शासकीय हाई स्कूल परिसर मनोहरपुर,
10 मई को बलरामपुर के फॉरेस्ट रेस्ट हाउस के पास तातापानी, राजपुर के हायर सेकेण्डरी स्कूल मैदान गोपालपुर, रामचन्द्रपुर के रामलीला मैदान रामचन्द्रपुर, 14 मई वाड्रफनगर के माध्यमिक शाला के पास रघुनाथनगर, बलरामपुर के पंचायत भवन जतरो, राजपुर के हाई स्कूल मैदान परसागुड़ी, 15 मई को कुसमी के हाई स्कूल खेल मैदान सबाग, शंकरगढ़ के शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शंकरगढ़ प्रांगण, रामचन्द्रपुर के माध्यमिक शाला पश्चिम पारा मैदान कुर्लूडीह, 16 मई को बलरामपुर के पंचायत भवन महाराजगंज, राजपुर के माध्यमिक शाला खेल मैदान कोटागहना, वाड्रफनगर के हायर सेकेण्डरी स्कूल मैदान गैना, 17 मई को कुसमी के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सामरी, रामचन्द्रपुर के हाई स्कूल मैदान डिण्डो, नगर पंचायत वाड्रफनगर के सामुदायिक भवन वार्ड क्रमांक 4 वाड्रफनगर, 19 मई को कुसमी के माध्यमिक शाला परिसर जमीरापाठ, बलरामपुर के लाईवलीहुड कॉलेज परिसर भेलवाडीह, वाड्रफनगर के बगीचा के पास पण्डरी, 20 मई को नगर पालिका परिषद रामानुजगंज के लरंगसाय टाउन हाल रामानुजगंज, 21 मई को राजपुर के माध्यमिक शाला खेल मैदान खोडरो, रामचन्द्रपुर के पंचायत भवन मैदान नवाडीह, वाड्रफनगर के हायर सेकेण्डरी स्कूल मैदान पेण्डारी, 22 मई को शंकरगढ़ के शासकीय माध्यमिक शाला दुर्गापुर प्रांगण, कुसमी के कृषि उपज मंडी प्रांगण भुलसीकला, नगर पंचायत राजपुर के डेली मार्केट राजपुर, 23 मई को बलरामपुर के स्कूल भवन के पास तरकाखाड़, रामचन्द्रपुर के पंचायत भवन बगरा, वाड्रफनगर के गोठान के पास बसंतपुर, 24 मई को शंकरगढ़ के घुघरीकला (कसईबहरा बगीचा), नगर पचंायत कुसमी के दुर्गा चौक कुसमी, 26 मई को कुमसी के पंचायत भवन निलकंठपुर, रामचन्द्रपुर के हाई स्कूल मैदान महावीरगंज, वाड्रफनगर के प्राथमिक शाला मैदान करमडीहा ब, 28 मई को राजपुर के माध्यमिक शाला खेल मैदान ककना, रामचन्द्रपुर के पंचायत भवन के पास आरागाही, वाड्रफनगर के हायर सेकेण्डरी स्कूल मैदान बरतीकला, 29 मई को शंकरगढ़ के शासकीय हायर सेकेण्डरी स्कूल रेहड़ा प्रांगण, बलरामपुर के पंचायत भवन रनहत, कुसमी के पंचायत भवन मदगुरी, 30 मई को रामचन्द्रपुर के हाई स्कूल मैदान जामवंतपुर, वाड्रफनगर के पंचायत भवन के पास चलगली, 31 मई को कुसमी के स्कूल खेल मैदान श्रीकोट में शिविर का आयोजन किया जाएगा।
राज्यपाल रमेन डेका 24 अप्रैल को बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के प्रवास पर जिला अधिकारियों की बैठक लेकर विभिन्न योजनाओं के प्रगति की करेंगे समीक्षा
संवाददाता - विकास कुमार यादव, बिहान छत्तीसगढ़ /
बलरामपुर- छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका 24 अप्रैल को बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के प्रवास पर रहेंगे। प्रवास के दौरान वे अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संयुक्त जिला कार्यालय भवन परिसर में एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पौधारोपण करेंगे। इसके उपरांत राज्यपाल श्री डेका द्वारा संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक लेकर जिले में चल रही शासकीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा भी की जाएगी।
प्रतापपुर के ग्राम कोटेया में अधूरे सड़क निर्माण में ग्रामीणों ने जिला पंचायत अध्यक्ष को सौंपें ज्ञापन
संवाददाता सूरज निर्मलकर प्रतापपुर/
प्रतापपुर जनपद पंचायत के ग्राम कोटेया गांव में बने 2007 -2008 में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत स्वीकृत धरमपुर से बगड़ा की दूरी 11.65 किलोमीटर है! सड़क निर्माण में अनियमितता आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती चंद्रमणि देवपाल पैंकरा से सड़क की पुनं: जांच व मरम्मत करने की मांग की है ग्रामीणों का कहना है कि इस सड़क को दो हिस्सों में स्वीकृत हुई है जो कि पहला भाग धरमपुर से गौरा/कोटेया तक 7.25 किलोमीटर का है जिसकी मरम्मत विभाग द्वारा कर दी गई है लेकिन दूसरा भाग ग्राम कोटेया से बगड़ा तक 4.40 किलोमीटर में केवल 1.7 किलोमीटर पेंच रिपेयरिंग किया गया है उसके अलावा लगभग 3 किलोमीटर मार्ग अधूरा छोड़ दिया गया है जिसके वजह से ग्रामीणों को आने-जाने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है
बीते 12 वर्ष में इस मार्ग में किसी प्रकार का मरम्मत या कार्य नहीं किया गया है क्षेत्र हाथी प्रवाहित इलाका है और खराब सड़कों के कारण और आपातकालीन स्थिति में आवागमन प्रभावित होता है ग्रामीणों ने ग्रामीणों ने तत्कालीन ठेकेदार और विभागीय अधिकारी के विरुद्ध जांच की मांग करते हुए कहा कि अधूरी सड़क का कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराया जाए इस विषय में ग्रामीण में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती चंद्रमणि देवपाल पैंकरा ने ग्रामीणों को अस्वस्थ कराया कि विभागीय जानकारी लेकर लापरवाही बरतने में वह जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी ज्ञापन सौंपने के दौरान ग्राम पंचायत कोटेया के सरपंच सहित सैकड़ो ग्रामीण उपस्थित थे
हाथियों का आतंक सिधमा अखोरा खुर्द में फसलों का नुकसान
संवाददाता - विकास कुमार यादव
बलरामपुर - बलरामपुर जिले के राजपुर विकासखण्ड क्षेत्र अंतर्गत सिधमा व अखोरा खुर्द सहित आस पास के गांव में तीन हाथियों के आने से क्षेत्र में भय का माहौल निर्मित हो गया है, हाथियों ने कई किसानों के फसलों को जमकर नुकसान पहुंचाया है, जिससे ग्रामीण परेशान हैं, हाथियों ने पांच एकड़ में लगे राजेश कुशवाहा के तरबुज के फसलों को रौंद दिया, वहीं अन्य किसानों के फसलों को भी काफी नुकसान पहुंचाया है, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है, जिससे उनकी आजीविका पर भी असर पड़ेगा, हाथियों के आने से क्षेत्र में भय का माहौल निर्मित हो गया है, जिससे ग्रामीण परेशान हैं,बताया जा रहा है कि एक ग्रामीण के घर को भी हाथियों ने गिरा दिया, जिससे उनका काफी
नुकसान हुआ है,पिछले छः-सात दिनों से राजपुर वन परिक्षेत्र में हाथियों का प्रवेश हुआ है, जिससे क्षेत्र में भय का माहौल है,
किसानों ने मांग की है कि वन विभाग हाथियों को नियंत्रित करने के लिए उचित कदम उठाए और उन्हें नुकसान से बचाए,अब देखना होगा कि वन विभाग इस मामले में क्या कार्यवाही करता है और किसानों को नुकसान से कैसे बचाता है।
संगम अभियान की गूंज जल संरक्षण, कृषि एवं आजीविका विकास पर केन्द्रित कार्यशाला संपन्न
राजेश साहू ब्यूरो, जिला-एमसीबी
एमसीबी/22 अप्रैल 2025/ मनरेगा संगम अभियान के अंतर्गत जल संरक्षण, कृषि नवाचार एवं आजीविका संवर्धन को लेकर जनपद पंचायत मनेंद्रगढ़, जिला एमसीबी में आज एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन हुआ, इस आयोजन से ग्राम विकास की दिशा में नई ऊर्जा का संचार किया गया । कलेक्टर डी. राहुल वेंकट के निर्देशानुसार जनपद सीईओ सुश्री वैशाली सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम ने न केवल अधिकारियों को जागरूक किया, बल्कि विभिन्न विभागों के समन्वय को भी सशक्त किया। जनपद पंचायत के अमृत सदन सभाकक्ष में आयोजित इस प्रशिक्षण सह कार्यशाला में जिले एवं ब्लॉक स्तर के मास्टर ट्रेनरों ने जल संसाधन प्रबंधन, टिकाऊ कृषि पद्धतियाँ और ग्रामीण आजीविका के नवीन उपायों पर विस्तृत जानकारी दी। कृषि, उद्यानिकी, रेशम, मत्स्य तथा जल संसाधन विभागों के अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को और भी प्रभावशाली बना दिया। संगम अभियान को जमीन पर मजबूती से उतारने के उद्देश्य से कार्यशाला में अनुविभागीय अधिकारी (ग्रामीण यांत्रिकी सेवा), उप अभियंता, BPM NRLM के प्रभारी, PRP, CLF के अध्यक्ष एवं सचिव, नोडल अधिकारी एवं तकनीकी सहायक (TAS) भी उपस्थित रहे। उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान न केवल योजनाओं की जानकारी प्राप्त की, बल्कि स्थानीय जरूरतों के अनुसार रणनीति निर्माण में भी अपनी अहम भूमिका निभाई।
भीषण गर्मी को देखते हुए युवा कांग्रेस ने की स्कूल बंद करने की मांग
संवाददाता/विकास कुमार यादव /
बलरामपुर /युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष बृजेश यादव ने कलेक्टर बलरामपुर को ज्ञापन सौंप कर सभी शासकीय एवं प्राइवेट स्कूलों को बंद करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अप्रैल के महीने में तापमान बहुत ही बढ़ गया है, जिससे छोटे बच्चों को स्कूल आने-जाने में लू लगने का खतरा बढ़ गया है।
गर्मी के कारण बच्चों की सेहत पर बुरा प्रभाव
बृजेश यादव ने कहा कि बढ़ते तापमान के कारण बच्चों के सेहत पर भी बुरा प्रभाव पड़ रहा है। बच्चे बीमार पड़ रहे हैं और दिन प्रति दिन तापमान बढ़ता जा रहा है। तेज धूप के कारण बच्चों के तबियत खराब होने से अभिभावक भी परेशान हो रहे हैं।
तत्काल स्कूलों की छुट्टी की मांग
युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंप कर तत्काल सभी स्कूलों की छुट्टी की जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि बच्चों की सेहत और सुरक्षा को देखते हुए यह निर्णय लेना आवश्यक है।
आगे की कार्रवाई
अब देखना यह है कि कलेक्टर इस मांग पर क्या निर्णय लेते हैं और क्या स्कूलों को बंद करने का आदेश दिया जाएगा। फिलहाल, अभिभावकों और बच्चों को उम्मीद है कि उनकी समस्या का समाधान जल्द से जल्द होगा।
शहर में हो रहे अंडरग्राउंड गैस कनेक्शन को लोगों ने कहा, मानव जाती पर आने वाला विनाश का सबसे बडा संकेत l
राजेश साहू MCB/
जिला एमसीबी मनेंद्रगढ़ शहर के रहवासी क्षेत्रो में बी पी सी एल लिमिटेड कंपनी के द्वारा अंडरग्राउंड गैस कनेक्शन किए जाने के विरोध मे नगर के कुछ बुद्धिजीवी लोगों ने छत्तीसगढ़ श्रमजीवी पत्रकार कल्याण संघ से विचार विमर्श के दौरान कहा कि बी पी सी एल कम्पनी के द्वारा गैस पाइप बिछा कर मनेंद्रगढ़, शहर में एक तरह से अन्दर ही अन्दर बारूद बिछाने का कार्य किया जा रहा है l जहां आज भी शहर के आधिकांश घरों में लोग ईंधन के रूप में लकड़ियों का इस्तेमाल करते है जिससे भविष्य में होने वाली बहुत बडी आगजनी की घटना को आमंत्रण देने के बराबर है l छत्तीसगढ़ का ये छोटा सा नगर प्राकृतिक रूप से सुन्दरता लिए हुए छोटे छोटे नदी नाला और छोटे बडे़ झरनों से घिरा हुआ है l

और एतिहासिक रूप से जाने,जाने वाली हसदेव नदी तीनों दिशाओं से मनेंद्रगढ़ शहर को ऐसे घेरे हुए प्राकृतिक,रुप से प्रकृति की गोद में बसी हुई सुशोभित है l जिसके कारण इसकी सुन्दरता देखते ही बनती है l इस प्रकृति की सुन्दरता को बनाए रखने के लिय हम इस अंडरग्राउंड हो रहे गैस कनेक्शन का विरोध करते हैं l जिससे भविष्य में होने वाली बड़ी आग जनि की घटना होने से बचा जा सके l उदाहरण -जैसे कुछ महीना पहले अमेरिका के कैलिफोर्निया के जंगलों मे अचानक आग लग जाती है और आग इतनी भयंकर रुप लेती हुई रहवासी इलाकों को अपने चपेट में इस कदर ले लेती है l जिससे एक लाख से भी अधिक मकाने जल कर राख हो गई l जबकि अमेरिका जैसी विकसित देश जो महाशक्ति भी कहलाती है l
आग पर नियंत्रण नहीं पा सकी l तो हमारे मनेंद्रगढ़ शहर में यदि भविष्य में इस प्रकार की घटना होती है तो इसकी ज़िम्मेदारी किसकी होगी l ऐसे में ना ही यहां ऐसा कोई अग्नि शामक यंत्र संयंत्र है जिससे आग पर तत्काल नियंत्रण पाया जा सके l ताकि इस प्रकार की भविष्य में होने वाली घटना से बचा जा सके l इस प्रकार लागातार शहर का गर्मी की आग से तपते रहना ही ग्लोबल वार्मिंग का सबसे बडा कारण बनता है l जिससे पर्यावरण भी दूषित होती है l और वातावरण में सांस लेना भी दुभर हो जाता है l आज बड़े शहरों का आलम यह है की लोग दूषित वातावरण के कारण बड़े शहरों में रहना भी नही चाहते यदि इन छोटे शहरों की भी हालत ऐसी होगी तो लोग आखिर कहां जाएंगे l आने वाले समय में मानव जाती पर सबसे बडा विनाश का कारण यही गैस की आग ही साबित हो सकती है l

हम इस खबर के माध्यम से सरकार को अवगत कराते हैं की भविष्य में होने वाली इस भयंकर संकट से बचने के लिए अतिशीघ्र इस बहती हुई धारा के समान अग्नि को विस्थापित करने के कार्य को पूर्ण रूप से बन्द कराया जाय l छत्तीसगढ़ श्रमजीवी पत्रकार कल्याण संघ ने इस संबंध में जिला प्रशासन को हो रहे अंडरग्राउंड गैस कनेक्शन के कार्य को बंद कराने हेतु ज्ञापन भी सौंपा है l लेकिन इस विषय में ना ही जिला प्रशासन और नगरपालिका एमसीबी की अध्यक्ष श्रीमती यादव भी कुछ कहने से बच रही हैं l अब देखना यह है की भविष्य में होने वाले इस भयंकर संकट से मनेंद्रगढ़ शहर को बचाने के लिय प्रशासन कौन सा कदम उठाती है l
पेंड्रा में जनरल स्टोर में लगी भीषण आग
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही/
छत्तीसगढ़ के पेंड्रा के रिहायशी इलाके में स्थित नंदनश्री जनरल स्टोर में रविवार को भीषण आग लग गई। आग से दुकान का ऊपरी हिस्सा पूरी तरह जल गया। दुकान में रखा लाखों रुपए का सामान भी जलकर राख हो गया। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई जा रही है
पेंड्रा नगर पालिका की फायर ब्रिगेड की टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से आग पर काबू पाया। फायर ब्रिगेड ऑपरेटर ने बताया कि स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है।
यह दुकान पेंड्रा से बिलासपुर-रतनपुर जाने वाली सड़क पर स्थित है। दुकान में आग लगने के दौरान आसपास के घरों को सुरक्षा के लिए खाली करवाया गया। राहत की बात यह रही कि आग से आसपास के किसी भी घर को नुकसान नहीं पहुंचा।
