जिला एमसीबी मनेंद्रगढ़: शिक्षा विभाग में भारी भ्रष्टाचार के आरोप, डीईओ अजय मिश्रा पर गंभीर आरोपों की बौछार
राजेश साहू ब्यूरो, जिला-एमसीबी
मनेंद्रगढ़ | विशेष रिपोर्ट 21/6/2025
जिला एमसीबी के शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार की आंच दिन-ब-दिन तेज़ होती जा रही है। विभाग के मुखिया जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) अजय मिश्रा पर एक के बाद एक गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं। रिश्वतखोरी, पक्षपातपूर्ण युक्तियुक्तकरण और चहेते शिक्षकों को नियमविरुद्ध तरीके से लाभ पहुँचाने जैसे मामले अब खुलकर सामने आ चुके हैं।

चहेते शिक्षकों को मनचाहे स्कूलों में नियुक्ति
सूत्रों के अनुसार, डीईओ अजय मिश्रा ने युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के नाम पर शासन के दिशा-निर्देशों की धज्जियाँ उड़ाते हुए अपने करीबी शिक्षकों को मनचाहे शहरी विद्यालयों में पदस्थ किया। इसके लिए नजदीकी स्कूलों की रिक्त सीटों को जानबूझकर छुपाया गया और दूरस्थ क्षेत्रों में कार्यरत योग्य शिक्षकों को अनदेखा कर दिया गया। यह न सिर्फ सरकारी नियमों की अवहेलना है बल्कि शिक्षा विभाग में गहराते भ्रष्टाचार की सीधी तस्वीर भी है।
रिश्वतखोरी में संलिप्त लिपिक को संरक्षण
डीईओ मिश्रा पर आरोप है कि उन्होंने विभाग के स्थापना शाखा में संलग्न एक सहायक ग्रेड-3 दुर्गेश उपाध्याय को संरक्षण दे रखा है। यह कर्मचारी न केवल 7000 रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा गया है बल्कि कथित रूप से प्रति माह 80 हजार रुपए शराब पर खर्च करने की बात भी खुलेआम करता है। उसकी डीईओ से नजदीकी इतनी मजबूत है कि उस पर किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई, उल्टा उसे मनमर्जी से काम करने की छूट दी गई है।

शासन और जनता दोनों के साथ धोखा
डीईओ के कार्यों से यह स्पष्ट होता है कि वह न केवल शासन के नियमों की अवहेलना कर रहे हैं, बल्कि जिले की शिक्षा व्यवस्था को भी व्यक्तिगत लाभ और साजिशों की बलि चढ़ा रहे हैं। युक्तियुक्तकरण जैसे महत्वपूर्ण सरकारी अभियान को अपनी राजनीति और भ्रष्टाचार का औजार बनाकर उन्होंने विभाग की साख को गहरी चोट पहुँचाई है।
जांच और कार्रवाई की मांग
पूर्व विधायक गुलाब कमरों, कई सामाजिक संगठनों और शिक्षक संघों ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने डीईओ को तत्काल निलंबित कर स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
निष्कर्ष:
जिला एमसीबी मनेंद्रगढ़ में शिक्षा विभाग एक गहरे संकट से गुजर रहा है, जिसकी जड़ में विभागीय प्रमुख अजय मिश्रा पर लगे भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग के गंभीर आरोप हैं। यदि शीघ्र ही इस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो यह न केवल शिक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुँचाएगा, बल्कि शासन की छवि को भी गहरा आघात देगा।