जिला एमसीबी: युक्तियुक्तकरण की ,आड़ में भ्रष्टाचार, डीईओ अजय मिश्रा पर फिर लगे गंभीर आरोप
राजेश साहू ब्यूरो, जिला- एमसीबी
मनेंद्रगढ़, एमसीबी।20/6/2025
जिले में शिक्षा विभाग से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया के नाम पर रोजाना नए-नए खुलासे हो रहे हैं। इस बार एक और बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) अजय मिश्रा पर सरकार के नियमों को ताक पर रखकर नियुक्ति में गड़बड़ी करने और रिश्वत के लालच में दुर्भावनापूर्ण निर्णय लेने का आरोप लगा है।

सूत्रों के अनुसार, बालक हायर सेकेंडरी स्कूल मनेंद्रगढ़ में अंग्रेजी विषय के एक पद को अतिशेष घोषित कर वहां से एक शिक्षिका को हटा दिया गया। लेकिन हैरानी की बात यह है कि उसी पद पर पुष्पांजली नामदेव नाम की दूसरी शिक्षिका की नियुक्ति कर दी गई। यह कार्रवाई न केवल नियमों के खिलाफ है, बल्कि स्पष्ट रूप से पक्षपात और भ्रष्टाचार की ओर इशारा करती है।
जानकारों का कहना है कि यह नियुक्ति रिश्वत के लेन-देन और व्यक्तिगत हितों की पूर्ति के लिए की गई है। शिक्षा विभाग में लगातार इस तरह के मामलों से शिक्षक समुदाय में आक्रोश है और आम जनता में भी प्रशासन के प्रति गहरा अविश्वास पनप रहा है।

पूर्व विधायक, जनप्रतिनिधि और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों ने इस मामले को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है और मांग की है कि डीईओ अजय मिश्रा जैसे भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जाए। उन्होंने शासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच हो और डीईओ को तत्काल निलंबित किया जाए ताकि निष्पक्षता और पारदर्शिता बहाल हो सके।
सवाल यह है कि आखिर कब तक शिक्षा व्यवस्था में इस तरह का भ्रष्टाचार चलता रहेगा, और कब तक ऐसे अधिकारी जवाबदेह होंगे