जिला

विसंगति पूर्ण किया गया युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया पूरा l समिति के गठित सदस्यों द्वारा किया जा रहा है, पक्षपात l आरटीई विद्यालयों ने भी शिक्षा विभाग पर रिश्वत लेने का लगाया आरोप l

 
जिला -एमसीबी में हो रहे विसंगति पूर्ण युक्तियुक्तकरण को लेकर शिक्षकों ने जिला शिक्षा अधिकारी पर आरोप लगाते हुए कहा है की सरकार के नियम तथा आदेशों का उलंघन करते हुए अपने करीबी एवम चहेते शिक्षकों को ध्यान में रखते हुए  पक्षपात किया जा रहा है l जिससे स्पष्ट होता है की स्कूलों में दर्ज संख्या, रिक्त पद एवम् अतिशेष शिक्षकों की भी जानकारी गलत तरीके छुपा कर दी गई है l और कई ऐसे भी शिक्षक हैं जिनका नाम भी अतिशेष के लिस्ट से हटा दिया गया है l जबकि उनका नाम इस लिस्ट मे होना चाहिए l प्रत्येक लिष्ट की यदि सही सही जानकारी दे दी गई होती तो जिला शिक्षा अधिकारी सहित गठित समिति पैसा लेकर शिक्षकों को मन चाहा विद्यालय कैसे दे सकेंगे l

क्योंकि आज तक यही होता आया है  जिला एमसीबी शिक्षा विभाग में बिना पैसा दिए ना तो कोई काम होता है और ना ही किसी की नियुक्ति होती है l यहां तक कि पिछले वर्ष ,दो कंप्यूटर ऑपरेटर की बीईओ कार्यालय मे नियुक्ति की गई थी जिसमे सूत्रों के अनुसार दोनो अभ्यर्थियों से एक एक लाख की रिश्वत लेकर नियुक्त किया गया था l जबकि जिला एमसीबी के पीआरओ से किसी भी नियुक्ति को लेकर खबर प्रकाशित किया गया था की किसी प्रकार से कोई रिश्वत की भी बात करता है तो उस पर सख्त कार्यवाई की जायेगी l जिला शिक्षा विभाग पर यह भी आरोप है की आरटीई मे निःशुल्क शिक्षा देने वाले विद्यालयों से दस बीस प्रतिशत रिश्वत लेने का भी प्राइवेट स्कूल प्रबंधन ने आरोप लगाया है l सरकार और लोक शिक्षण संचालनालय के नियमों को दरकिनार करते हुए युक्तियुत्करण की  इस प्रक्रिया को पुरा किया जा रहा है l जब इस सम्बंध में जिला शिक्षा अधिकरी से बात करने की कोशिश की गई तब उन्होंने गोल गोल जवाब दिया और कुछ भी बतलाने से साफ़ इन्कार कर दिया l डीईओ अजय मिश्रा ने हो रहे युक्तियुक्त करण के सम्बन्ध में कहा की इस प्रकिया में किसी प्रकार से पक्षपात नहीं किया जाएगा l

और नही किसी प्रकार की कोई विसंगति होगी क्योंकि सरकार के द्वारा ज़ारी किए गए नियमों के अनुसार ही यह प्रक्रिया पुरी की जाएगी l इसमें किसी प्रकार का कोई पक्षपात सरकार के नियमों के अनुसार बर्दास्त नही किया जाएगा l दोषी पाए गए अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी l जिला शिक्षा अधिकारी ने बड़े बड़े दावे करते हुए अपनी बात कही थी l बावाजूद इसके की जिला शिक्षा अधिकरी अजय मिश्रा के ही मार्ग दर्शन में युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया को बिसंगति पूर्ण किया जा रहा है l पक्षपात एक उदाहरण यह भी है की बालक हायर सेकेंडरी स्कूल मनेंद्रगढ की एक शिक्षिका मात्र के लिए कोड़ा हायर सेकेण्डरी स्कूल की  जिव विज्ञान शीट को दिखाते हुए पदस्थापना दी गई है l जो की सबसे बड़ा पक्षपात स्पष्ट रूप से दिख रहा है l  इस खबर के प्रकाशन के पश्चात् जिला प्रशासन और छत्तीसगढ़ सरकार माननीय शिक्षा विभाग द्वारा संज्ञान लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी अजय मिश्रा के विरुद्ध इसकी निस्पक्ष जांच कराई जाय l और जिला शिक्षा विभाग में हो रहे इस भ्रष्टाचार रोका जा सके 

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