पेंड्री गोमदा हसदेव नदी सड़क बनी, लेकिन निगरानी गायब! गड्ढों में तब्दील मुख्य मार्ग, बरसात में राहगीरों की आफत
नवागढ़ क्षेत्र में सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल—ठेकेदार और इंजीनियर की जवाबदारी तय कौन करेगा?
जांजगीर-चांपा/नवागढ़
नवागढ़ थाना क्षेत्र से मुख्य मार्ग होते हुए पेंड्रीधाराशिव – गोमदा मार्ग हरदेव नदी क्रॉसिंग तक जाने वाली सड़क इन दिनों बदहाल स्थिति में पहुंच गई है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं, जिनमें बारिश का पानी भर जाने से राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि सड़क का निर्माण हाल ही में हुआ है, तो इतनी जल्दी सड़क की हालत खराब कैसे हो गई? क्या निर्माण के दौरान गुणवत्ता की पर्याप्त निगरानी नहीं की गई? और यदि सड़क में खामियां थीं तो संबंधित विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों ने निर्माण कार्य को स्वीकृति कैसे दी?
सड़क बनने के बाद निगरानी कौन करेगा?
स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल सड़क बनवा देना ही जिम्मेदारी पूरी करना नहीं है। निर्माण के बाद सड़क की गुणवत्ता, मरम्मत और रखरखाव की निगरानी भी उतनी ही जरूरी है। लेकिन मौजूदा हालात देखकर ऐसा लगता है कि ठेकेदार ने सड़क बनाकर अपना काम पूरा समझ लिया और जिम्मेदार अधिकारी मौके से मुंह मोड़ बैठे हैं।
वहीं ग्राम पंचायत स्तर पर भी सड़क की स्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बरसात में राहगीरों की परेशानी साफ दिखाई दे रही है, इसके बावजूद समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में ठोस पहल नजर नहीं आ रही है।
गड्ढों में पानी या जिम्मेदारी का आईना?
बारिश होते ही सड़क के बड़े-बड़े गड्ढों में पानी भर जाता है। इससे गड्ढों की गहराई दिखाई नहीं देती और दोपहिया वाहन चालकों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बना रहता है। स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और रोजाना आवागमन करने वाले ग्रामीणों के लिए यह मार्ग परेशानी का कारण बन चुका है।
अब सवाल सीधे जिम्मेदार विभाग से है—क्या किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार किया जा रहा है?
जवाबदेही तय होनी चाहिए
ग्रामीणों ने मांग की है कि संबंधित विभाग के अधिकारी मौके का निरीक्षण कर सड़क की वास्तविक स्थिति की जांच करें। निर्माण की गुणवत्ता, ठेकेदार की जिम्मेदारी और संबंधित इंजीनियर की निगरानी की भूमिका की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए तथा सड़क के गड्ढों को तत्काल दुरुस्त कराया जाए।
बिहान दैनिक न्यूज़ का सवाल:
सड़क बनाने के बाद यदि सड़क गड्ढों में बदल जाए, तो इसकी जवाबदारी आखिर किसकी—ठेकेदार की, इंजीनियर की, विभाग की या निगरानी करने वाले जिम्मेदारों की?